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विदिशा · 7 मिनट पहले

विदिशा मेडिकल कॉलेज में शुरू होगी कीमोथेरेपी डे-केयर यूनिट, कैंसर मरीजों को अब नहीं जाना पड़ेगा बड़े शहर

Vidisha Medical College में 8 सितंबर से Tata Memorial Centre के सहयोग से कीमोथेरेपी डे-केयर यूनिट शुरू होगी। कैंसर मरीजों को स्थानीय स्तर पर इलाज और विशेषज्ञों की सलाह मिलेगी।

दीपक शर्मा
दीपक शर्मा
Editor-in-Chief · 7 मिनट पहले
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विदिशा मेडिकल कॉलेज में शुरू होगी कीमोथेरेपी डे-केयर यूनिट, कैंसर मरीजों को अब नहीं जाना पड़ेगा बड़े शहर

विदिशा। कैंसर के इलाज के लिए भोपाल, दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े शहरों का रुख करने वाले विदिशा और आसपास के मरीजों के लिए राहत की खबर है। विदिशा मेडिकल कॉलेज में टाटा मेमोरियल सेंटर, मुंबई के सहयोग से तैयार की गई कीमोथेरेपी डे-केयर यूनिट 8 सितंबर से शुरू होने जा रही है।

इस सुविधा के शुरू होने के बाद विदिशा और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को कीमोथेरेपी के लिए बार-बार बड़े शहरों की यात्रा नहीं करनी पड़ेगी। इससे मरीजों और उनके परिजनों का समय, यात्रा और रहने का खर्च बचने की उम्मीद है।

शिवराज सिंह चौहान समेत कई बड़े नेता रहेंगे मौजूद

कीमोथेरेपी डे-केयर यूनिट का शुभारंभ केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री और विदिशा सांसद शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री राजेंद्र शुक्ल की मौजूदगी में होगा।

भौगोलिक संदर्भ

कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधियों के अलावा मेडिकल कॉलेज के अधिकारी और चिकित्सक भी मौजूद रहेंगे।

टाटा मेमोरियल सेंटर के विशेषज्ञों का मिलेगा मार्गदर्शन

यह यूनिट टाटा मेमोरियल सेंटर, मुंबई के सहयोग से तैयार की गई है। यहां कैंसर मरीजों को कीमोथेरेपी के साथ विशेषज्ञ चिकित्सकों से परामर्श और इलाज से संबंधित आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई है।

टाटा मेमोरियल सेंटर के निदेशक और एम्स भोपाल के विशेषज्ञ चिकित्सक भी उद्घाटन कार्यक्रम में मौजूद रहेंगे।

यूनिट की सबसे अहम विशेषता इसकी डे-केयर व्यवस्था होगी। यानी पात्र मरीजों को हर बार लंबे समय तक अस्पताल में भर्ती रहने के बजाय निर्धारित उपचार प्रक्रिया के तहत कीमोथेरेपी दी जा सकेगी। हालांकि, मरीज की बीमारी, उपचार की आवश्यकता और चिकित्सकीय स्थिति के आधार पर उपचार का तरीका डॉक्टर तय करेंगे।

गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों को बड़ी राहत

कैंसर का इलाज अक्सर लंबे समय तक चलने वाला होता है। ऐसे में हर कीमोथेरेपी सत्र के लिए दूसरे शहर जाना मरीज और उसके परिवार के लिए आर्थिक और मानसिक रूप से चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों से आने वाले मरीजों के लिए यात्रा, भोजन और दूसरे शहर में ठहरने का खर्च भी अतिरिक्त बोझ बनता है।

विदिशा में स्थानीय स्तर पर कीमोथेरेपी की सुविधा मिलने से जिले के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है। इससे इलाज के लिए होने वाली यात्राओं की संख्या कम हो सकती है और मरीजों के परिजनों का समय एवं खर्च दोनों बच सकते हैं।

शिवराज सिंह चौहान की पहल से मिली सुविधा

विदिशा सांसद शिवराज सिंह चौहान की पहल के बाद इस यूनिट को शुरू करने की दिशा में काम आगे बढ़ा। इस पहल का उद्देश्य क्षेत्र के मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना और कैंसर जैसे गंभीर रोगों के इलाज के लिए उन्हें बड़े शहरों पर निर्भरता कम करना है।

चौहान का जोर इस बात पर रहा है कि गंभीर बीमारियों के इलाज की आवश्यक सुविधाएं मरीजों के घर के जितना संभव हो सके, उतना नजदीक उपलब्ध कराई जाएं।

दोपहर 1 बजे होगा शुभारंभ

कीमोथेरेपी डे-केयर यूनिट का शुभारंभ 8 सितंबर को दोपहर 1 बजे विदिशा मेडिकल कॉलेज के एलटी-2 सभागार में होगा।

कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह और मध्य प्रदेश के उप मुख्यमंत्री एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री राजेंद्र शुक्ल शामिल होंगे।

भौगोलिक संदर्भ

मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों और चिकित्सकों के अनुसार, यूनिट के संचालन के बाद इसकी वास्तविक उपचार क्षमता और प्रतिदिन कितने मरीजों को सुविधा मिल सकेगी, इसकी तस्वीर स्पष्ट होगी।

मरीजों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है यह सुविधा?

विदिशा में स्थानीय स्तर पर कीमोथेरेपी की सुविधा

बड़े शहरों की बार-बार यात्रा से राहत

यात्रा और रहने के खर्च में कमी की उम्मीद

डे-केयर मॉडल के तहत उपचार की सुविधा

विशेषज्ञ चिकित्सकों से मार्गदर्शन की व्यवस्था

विदिशा के साथ आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को भी लाभ मिलेगा।

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