यूरोप भेजने और विदेश में नौकरी का झांसा देकर 27 लाख से ज्यादा की ठगी, उज्जैन से पुर्तगाल भागा आरोपी
उज्जैन में यूरोप भेजने और विदेश में नौकरी दिलाने के नाम पर 27 लाख रुपये से अधिक की ठगी का मामला सामने आया है। पुलिस ने दो आरोपियों पर धोखाधड़ी का केस दर्ज किया है।


उज्जैन। विदेश में नौकरी लगवाने और यूरोप भेजने का झांसा देकर परिचितों से लाखों रुपये ऐंठने का मामला सामने आया है। उज्जैन की चिमनगंज थाना पुलिस ने जांच के बाद इंदिरा नगर में मणिभद्र स्टेशनरी संचालित करने वाले अजीत जैन निवासी खंडेलवाल नगर और उसकी परिचित फलक हुसैन निवासी उत्तर प्रदेश के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है।
पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों पर अलग-अलग लोगों को यूरोप भेजने और विदेश में नौकरी दिलाने का भरोसा देकर लाखों रुपये लेने के आरोप हैं। जांच में अब तक ठगी की रकम 27 लाख रुपये से अधिक सामने आने की बात कही गई है। पुलिस के मुताबिक, वारदात के बाद आरोपी अजीत जैन के पुर्तगाल पहुंच जाने की जानकारी भी सामने आई है।
नौकरी का झांसा देकर लिए 7.50 लाख रुपये
कमल कॉलोनी निवासी बादल टंकारिया ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि मार्च 2025 में आरोपी अजीत जैन ने उसके पिता भूपेंद्र टंकारिया से संपर्क किया था। अजीत ने दावा किया कि वह बादल की यूरोप में नौकरी लगवा सकता है। उसने यह भी बताया कि उसकी परिचित फलक हुसैन विदेश में रहती है और वह विदेश भेजने की प्रक्रिया में मदद करेगी।
आरोप है कि अजीत की बातों पर भरोसा करते हुए भूपेंद्र टंकारिया ने सितंबर 2025 से 1 दिसंबर के बीच नकद और ऑनलाइन माध्यम से कुल 7.50 लाख रुपये दे दिए। इसके अलावा बादल का मूल पासपोर्ट भी फलक हुसैन को सौंप दिया गया।
शिकायत के मुताबिक, रकम देने के बावजूद न तो नौकरी लगी और न ही विदेश भेजने की प्रक्रिया पूरी हुई।
व्हाट्सएप कॉल पर बोला- पुर्तगाल पहुंच गया हूं
रुपये लेने के कुछ समय बाद अजीत जैन उज्जैन से अचानक गायब हो गया। परिजनों से पूछताछ करने पर उसके पुणे जाने की जानकारी मिली। इसके बाद आरोपी ने पीड़ित से व्हाट्सएप कॉल पर संपर्क किया और कथित तौर पर बताया कि वह खुद पुर्तगाल पहुंच चुका है।
अजीत ने आगे की प्रक्रिया के लिए पीड़ित को फलक हुसैन से संपर्क करने के लिए कहा।
पासपोर्ट अपने पास होने की बात कहकर और रुपये लेने का आरोप
इसके बाद बादल ने फलक हुसैन से संपर्क किया। आरोप है कि फलक ने बताया कि बादल का पासपोर्ट उसके पास है और अजीत विदेश में है। उसने यूरोप भेजने की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का भरोसा देकर पीड़ित से 1.50 लाख रुपये से अधिक की अतिरिक्त राशि भी ले ली।
शिकायतकर्ता के अनुसार, अतिरिक्त रकम देने के बाद भी उसे विदेश नहीं भेजा गया। बाद में जब पीड़ितों ने अपने रुपये वापस मांगने और आरोपियों से संपर्क करने की कोशिश की तो कथित तौर पर उन्हें टालमटोल वाले जवाब मिलने लगे।
अन्य लोगों से भी रुपये लेने के आरोप
पुलिस जांच के दौरान यह भी सामने आया कि अजीत जैन और फलक हुसैन पर अन्य परिचितों से भी यूरोप भेजने के नाम पर रुपये लेने के आरोप हैं।
ढांचा भवन निवासी पवित्र सिंह कुशवाहा ने आरोप लगाया कि अजीत ने यूरोप भेजने के अलावा पेपर इंपोर्ट यानी कागज आयात के कारोबार के नाम पर भी उनसे 6 लाख रुपये से अधिक की राशि ली।
इसके अलावा ढांचा भवन निवासी धीरज सिंह और जितेंद्र सिंह ने भी आरोपियों के खिलाफ रुपये हड़पने की शिकायत की है।
जांच के बाद 27 लाख से अधिक की रकम सामने आई
पुलिस के मुताबिक, अलग-अलग लोगों की ओर से दिए गए आवेदनों और शिकायतों की जांच के बाद अब तक ठगी की कुल रकम 27 लाख रुपये से अधिक सामने आई है।
चिमनगंज थाना पुलिस अब मामले में दोनों आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। पुलिस बैंक खातों में हुए लेन-देन, रकम के ट्रांजेक्शन, विदेश भेजने के नाम पर लिए गए दस्तावेजों और पासपोर्ट समेत अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।
पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस मामले में और कितने लोग ठगी का शिकार हुए हैं तथा विदेश भेजने के नाम पर आरोपियों ने कितने लोगों से रकम ली थी।
