Sehore News: इछावर में राशन की जगह नकद राशि देने का आरोप, PDS दुकानें जांच के घेरे में!
सीहोर के इछावर में उचित मूल्य दुकान पर राशन की जगह नकद राशि देने और अंगूठा लगवाकर अनाज नहीं देने के आरोप लगे हैं। प्रशासन ने एक साल का रिकॉर्ड जांच के लिए खंगाला।


सीहोर। मध्यप्रदेश के सीहोर जिले के इछावर क्षेत्र में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) की व्यवस्था को लेकर गंभीर शिकायतें सामने आई हैं। बरखेड़ा कुर्मी की उचित मूल्य दुकान पर हितग्राहियों को गेहूं और अन्य खाद्यान्न देने के बजाय कथित तौर पर नकद राशि दिए जाने का आरोप लगाया गया है। मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद खाद्य विभाग और प्रशासन ने शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू कर दी है।
यह मामला राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा के विधानसभा क्षेत्र इछावर से जुड़ा है। प्रशासनिक टीम अब राशन दुकान के स्टॉक, वितरण रिकॉर्ड, POS मशीन के ट्रांजेक्शन और हितग्राहियों के बयानों का मिलान कर रही है।
महिलाओं ने लगाया अनाज की जगह रुपए देने का आरोप
बरखेड़ा कुर्मी निवासी अनीता बाई, सुनीता बाई और कृष्णा बाई ने आरोप लगाया कि वे राशन लेने उचित मूल्य दुकान पहुंची थीं। उनका कहना है कि उन्हें गेहूं और अन्य खाद्यान्न देने के बजाय नकद राशि दी गई।
महिलाओं के अनुसार, वे हर महीने की तरह राशन लेने पहुंची थीं, लेकिन दुकान पर खाद्यान्न देने के स्थान पर अलग व्यवस्था की गई। शिकायत के बाद अब प्रशासन यह पता लगाने में जुटा है कि यदि वास्तव में हितग्राहियों को नकद राशि दी गई तो वह किस आधार पर दी गई।
अधिकारी बोले-राशन की जगह नकद देने का प्रावधान नहीं
खाद्य विभाग के एएफओ आकाश चंदेल ने कहा कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत राशन के स्थान पर हितग्राहियों को नकद राशि देने का कोई प्रावधान नहीं है।
उन्होंने बताया कि मामला संज्ञान में आया है और इसकी जांच कराई जाएगी। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि हितग्राहियों को नकद राशि किस परिस्थिति में दी गई और इसके पीछे किसकी भूमिका थी।
स्टॉक रजिस्टर और POS मशीन की जांच
बरखेड़ा कुर्मी की उचित मूल्य दुकान बहुउद्देशीय प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति मर्यादित आमलारामजीपुरा से जुड़ी बताई जा रही है।
जांच टीम दुकान के स्टॉक रजिस्टर, वितरण रिकॉर्ड, POS मशीन के ट्रांजेक्शन और हितग्राहियों के बयानों की जांच कर रही है। रिकॉर्ड में दर्ज खाद्यान्न और वास्तविक वितरण का मिलान किया जाएगा।
इससे यह पता लगाने की कोशिश होगी कि दुकान में जितना राशन आवंटित और वितरित दिखाया गया है, वास्तव में उतना खाद्यान्न हितग्राहियों को मिला या नहीं।
झरखेड़ा और दौलतपुरा के ग्रामीणों ने भी उठाए सवाल
इसी क्षेत्र के झरखेड़ा और दौलतपुरा के ग्रामीणों ने भी उचित मूल्य दुकान की कार्यप्रणाली को लेकर शिकायत की है। ग्रामीणों का आरोप है कि उन्हें करीब छह महीने से राशन नहीं मिला है।
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार दुकान संचालक POS मशीन पर उनका अंगूठा लगवा लेते हैं, लेकिन इसके बाद उन्हें खाद्यान्न नहीं दिया जाता। ग्रामीणों ने एसडीएम कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
अंगूठा लगवाकर राशन नहीं देने का आरोप
ग्रामीणों के आरोपों की पुष्टि जांच में होती है तो मामला सिर्फ राशन वितरण में लापरवाही तक सीमित नहीं रहेगा। ऐसे में हितग्राहियों के नाम पर दर्ज खाद्यान्न, POS मशीन में दर्ज ट्रांजेक्शन और वास्तविक वितरण के बीच अंतर की भी जांच जरूरी होगी।
प्रशासन अब पुराने रिकॉर्ड की जांच कर यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि कितने हितग्राहियों के नाम पर राशन का वितरण दर्ज किया गया और उन्हें वास्तव में कितना खाद्यान्न मिला।
SDM ने टीम भेजकर शुरू कराई जांच
इछावर एसडीएम स्वाति मिश्रा ने बताया कि बरखेड़ा कुर्मी और दौलतपुरा क्षेत्र से मिली अनियमितताओं की शिकायतों पर तत्काल संज्ञान लिया गया है। खाद्य विभाग और जेएसओ की जांच टीम को मौके पर भेजा गया है।
उन्होंने बताया कि टीम संबंधित राशन दुकानों के पिछले एक साल के रिकॉर्ड की बारीकी से जांच कर रही है। स्टॉक, वितरण और हितग्राहियों से जुड़ी जानकारी का आपस में मिलान किया जा रहा है।
अब जांच रिपोर्ट के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि राशन वितरण में वास्तव में अनियमितता हुई है या नहीं। यदि शिकायतें सही पाई जाती हैं तो संबंधित जिम्मेदारों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
