शेयर बाजार में दोगुना-तिगुना मुनाफे का झांसा देकर ठगी, 13 साइबर ठग गिरफ्तार
ललितपुर साइबर क्राइम टीम ने इंदौर में कार्रवाई कर 13 संदिग्ध साइबर ठगों को गिरफ्तार किया। फर्जी ट्रेडिंग ऐप के जरिए निवेशकों से ठगी का आरोप है।


इंदौर। शेयर बाजार में निवेश कर कम समय में दोगुना-तिगुना मुनाफा कमाने का लालच देकर लोगों से कथित तौर पर ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। उत्तर प्रदेश की ललितपुर साइबर क्राइम टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई करते हुए 13 संदिग्ध साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य फर्जी ऑनलाइन ट्रेडिंग ऐप के माध्यम से देशभर में निवेशकों को अपने जाल में फंसाते थे। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर गिरोह के नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है।
नामी ब्रोकरेज कंपनी के नाम पर बनाते थे निशाना
पुलिस जांच के मुताबिक, गिरोह के सदस्य खुद को नामी ब्रोकरेज कंपनी के अधिकृत प्रतिनिधि बताकर लोगों से संपर्क करते थे। निवेश के नाम पर भरोसा जीतने के बाद पीड़ितों को 'नोकिया सिक्युरिटीज' नाम का कथित फर्जी ट्रेडिंग ऐप डाउनलोड कराया जाता था।
पुलिस के अनुसार, ऐप में निवेश की गई रकम और उस पर होने वाले कथित मुनाफे को बढ़ा-चढ़ाकर दिखाया जाता था। इससे निवेशकों को अपने पैसे पर अच्छा रिटर्न मिलने का भरोसा होता था और वे लगातार रकम जमा करते जाते थे।
पैसे निकालने की कोशिश पर बंद हो जाता था संपर्क
पुलिस के मुताबिक, जब निवेशक ऐप में दिखाई जा रही रकम को निकालने का प्रयास करते थे, तो कथित तौर पर आरोपी अलग-अलग बहाने बनाने लगते थे। इसके बाद संपर्क बंद कर दिया जाता था और पीड़ित अपनी रकम वापस नहीं निकाल पाते थे।
इस तरह फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के जरिए निवेशकों से रकम जमा कराने का कथित नेटवर्क चलाया जा रहा था।
70 हजार रुपये की शिकायत से खुली जांच की कड़ी
पुलिस के अनुसार, ललितपुर थाने में करीब 70 हजार रुपये की साइबर ठगी की शिकायत दर्ज होने के बाद मामले की जांच शुरू की गई। साइबर क्राइम टीम ने तकनीकी सर्विलांस की मदद से संदिग्ध गतिविधियों और आरोपियों की लोकेशन को ट्रेस किया।
जांच के दौरान लोकेशन इंदौर में मिलने के बाद ललितपुर पुलिस की टीम ने स्थानीय पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई की और दबिश देकर 13 लोगों को गिरफ्तार किया।
बैंक खातों और कॉल डिटेल की जांच
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए सभी संदिग्धों को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए संबंधित प्रक्रिया के तहत ले जाया गया है। पुलिस अब आरोपियों के बैंक खातों, लेन-देन, मोबाइल फोन और कॉल डिटेल की जांच कर रही है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि इस कथित साइबर नेटवर्क के जरिए अब तक कितने लोगों से ठगी की गई और कुल कितनी रकम का लेन-देन हुआ।
करीब एक साल से सक्रिय होने का पुलिस का दावा
पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि कथित गिरोह करीब एक साल से सक्रिय था। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क से देश के अन्य किन शहरों और राज्यों के लोग जुड़े हुए हैं।
मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय स्तर पर साइबर अपराध की निगरानी और खुफिया तंत्र की कार्यप्रणाली को लेकर भी अधिकारियों ने समीक्षा शुरू कर दी है।
पुलिस की अपील
पुलिस ने लोगों से ऑनलाइन ट्रेडिंग और निवेश के नाम पर मिलने वाले अनजान कॉल, मैसेज या लिंक से सावधान रहने की अपील की है। किसी भी फर्जी निवेश ऐप में रकम जमा करने से पहले संबंधित कंपनी और प्लेटफॉर्म की आधिकारिक जानकारी की जांच करने की सलाह दी गई है।

