जनसुनवाई में युवक ने आत्मदाह का प्रयास किया, सुरक्षाकर्मियों की मुस्तैदी से टला बड़ा हादसा
इंदौर कलेक्टर कार्यालय की जनसुनवाई में युवक ने आत्मदाह का प्रयास किया। सुरक्षाकर्मियों ने समय रहते उसे रोक लिया। युवक ने डीजे वाहन सौदे में धोखाधड़ी का आरोप लगाया है।


इंदौर। कलेक्टर कार्यालय में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई के दौरान उस समय अफरा-तफरी की स्थिति बन गई, जब एक युवक ने आत्मदाह का प्रयास किया। मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए युवक को सुरक्षित अपने कब्जे में ले लिया, जिससे बड़ा हादसा टल गया। घटना के बाद पुलिस ने मामले में कार्रवाई शुरू की है और युवक को जेल भेजे जाने की जानकारी सामने आई है।
बताया गया कि जामनिया खुर्द निवासी आकाश किसी शिकायत को लेकर कलेक्टर कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में पहुंचा था। युवक का आरोप है कि डीजे वाहन के सौदे को लेकर उसके साथ लाखों रुपये की धोखाधड़ी हुई और लगातार परेशान किए जाने के कारण वह मानसिक रूप से तनाव में था।
11.20 लाख रुपये में तय हुआ था डीजे वाहन का सौदा
आकाश के मुताबिक, शुभम और गोलू कुशवाहा के साथ डीजे गाड़ी का सौदा 11.20 लाख रुपये में तय हुआ था। उसके अनुसार, उसने सौदे के एवज में 2 लाख रुपये नकद और कोरे चेक दिए थे।
आकाश का आरोप है कि इसके बावजूद उसे तय वाहन उपलब्ध नहीं कराया गया और दूसरी गाड़ी दी गई, जिसमें डीजे सिस्टम अपेक्षा के अनुरूप नहीं था।
अतिरिक्त खर्च और रकम लेने का आरोप
युवक का दावा है कि बाद में नया सामान लगाने के नाम पर उससे करीब 2.10 लाख रुपये अतिरिक्त खर्च कराए गए। इसके अलावा 98 हजार रुपये अलग से लिए जाने का भी उसने आरोप लगाया है।
आकाश के मुताबिक, इसके बाद भी उसे वाहन वापस ले जाने की धमकियां दी जा रही थीं। उसका कहना है कि वाहन को लेकर विवाद बढ़ने और लगातार मिल रही कथित प्रताड़ना से वह काफी परेशान था।
लिखित अनुबंध नहीं होने की बात
जूनी इंदौर एसडीएम घनश्याम धनगर के अनुसार, दोनों पक्षों के बीच वाहन के सौदे को लेकर कोई लिखित अनुबंध नहीं किया गया था।
आकाश का कहना है कि दूसरे पक्ष ने बाद में वाहन और डीजे वापस ले लिया। वाहन वापस लिए जाने के बाद उसने अलग-अलग सरकारी कार्यालयों में शिकायतें की थीं। मंगलवार को वह इसी मामले को लेकर कलेक्टर कार्यालय की जनसुनवाई में पहुंचा था।
पुलिस करेगी मामले की जांच
अधिकारियों के मुताबिक, युवक द्वारा उठाए गए कदम और पूरे घटनाक्रम की पुलिस जांच करेगी। मामले में शिकायत, वाहन के लेन-देन, पैसों के भुगतान और दोनों पक्षों के दावों की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
घटना के बाद पुलिस ने संबंधित लोगों से पूछताछ शुरू कर दी है। युवक को जेल भेजे जाने की जानकारी भी सामने आई है।
कलेक्टर कार्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना के बाद कलेक्टर कार्यालय की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। कार्यालय में जनसुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में लोग पहुंचते हैं और प्रवेश से पहले सुरक्षा जांच भी की जाती है। ऐसे में ज्वलनशील पदार्थ परिसर के अंदर तक कैसे पहुंचा, इसे लेकर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की जा रही है।
फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। वहीं, डीजे वाहन के सौदे में धोखाधड़ी और पैसों के लेन-देन से जुड़े आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।

