MP Weather: मध्यप्रदेश में मानसून की रफ्तार पड़ेगी धीमी, 7 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट; अब तक सामान्य से 9% कम बारिश
मध्यप्रदेश में मानसून सक्रिय है। टीकमगढ़, छतरपुर, कटनी, सीधी, अनूपपुर, सिवनी और बालाघाट में भारी बारिश का अलर्ट है। प्रदेश में अब तक सामान्य से 9% कम बारिश हुई।


भोपाल। मध्यप्रदेश में मानसून सक्रिय बना हुआ है, लेकिन अब प्रदेश में बारिश की रफ्तार धीरे-धीरे कमजोर पड़ने के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विभाग ने शुक्रवार को जबलपुर और सागर संभाग के सात जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। टीकमगढ़, छतरपुर, कटनी, सीधी, अनूपपुर, सिवनी और बालाघाट में अगले 24 घंटे के दौरान ढाई से चार इंच तक बारिश होने की संभावना जताई गई है।
राजधानी भोपाल में भी हल्की बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। वहीं गुरुवार को श्योपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में तेज बारिश हुई। बारिश के चलते कई नदी-नाले उफान पर आ गए, जबकि कुछ स्थानों पर रास्तों पर आवागमन भी प्रभावित हुआ। टीकमगढ़ में नदी-नालों के उफान के कारण हाईवे पर यातायात प्रभावित रहा।
कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश का अनुमान
मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है। भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास और रतलाम समेत कई जिलों में मौसम बदला रहेगा।
इसके अलावा नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, गुना, शिवपुरी, दतिया, अशोकनगर, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, छिंदवाड़ा, नरसिंहपुर, मंडला, डिंडोरी, पांढुर्णा, रीवा, सतना, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, सागर, पन्ना, दमोह और निवाड़ी में भी कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश होने की संभावना है।
प्रदेश में अब तक 26.5 इंच बारिश
मौसम केंद्र के आंकड़ों के अनुसार मध्यप्रदेश में अब तक 674.6 मिलीमीटर यानी करीब 26.5 इंच बारिश दर्ज की जा चुकी है। इस अवधि में सामान्य बारिश का आंकड़ा 742.3 मिलीमीटर यानी करीब 29.2 इंच है।
इस तरह प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 2.7 इंच कम बारिश हुई है। कुल बारिश सामान्य से लगभग 9 प्रतिशत पीछे है। पूर्वी मध्यप्रदेश में सामान्य से 6 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में करीब 12 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई है।
37 जिलों में बारिश सामान्य से कम
प्रदेश के 37 जिलों में बारिश सामान्य से कम दर्ज की गई है। पूर्वी मध्यप्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में बारिश की कमी कई क्षेत्रों में 19 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, जबलपुर, कटनी, मैहर, मंडला, मऊगंज, नरसिंहपुर, निवाड़ी, पांढुर्णा, पन्ना, रीवा, सागर, सिवनी, टीकमगढ़ और डिंडोरी समेत कई जिलों में सामान्य से 1 से 49 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है।
पश्चिमी मध्यप्रदेश के भी कई जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से पीछे है। इन क्षेत्रों में बारिश की कमी 4 से 50 प्रतिशत तक बताई गई है।
18 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश
प्रदेश के कुछ जिलों में मानसून मेहरबान भी रहा है। अनूपपुर, डिंडोरी, निवाड़ी, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खंडवा, खरगोन, राजगढ़ और शिवपुरी में सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है।
इससे प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का वितरण असमान बना हुआ है।
तीन दिन बाद बारिश का असर कम होने के संकेत
मौसम विशेषज्ञ अरुण शर्मा के अनुसार 28 से 30 अगस्त के बीच प्रदेश में गरज-चमक के साथ बारिश का दौर बना रह सकता है। हालांकि व्यापक स्तर पर भारी बारिश की संभावना कम है।
29 अगस्त को शहडोल, अनूपपुर, सिवनी और बालाघाट तथा 31 अगस्त को मऊगंज, सीधी और सिंगरौली में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
इसके बाद प्रदेश में बारिश की गतिविधियों में और कमी आने की संभावना है।
जून की बारिश की कमी अब तक पूरी नहीं
मध्यप्रदेश में जून महीने के दौरान सामान्य से करीब 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई की शुरुआत में अच्छी बारिश होने के कारण स्थिति में सुधार आया और जुलाई का बारिश कोटा पूरा हो गया।
इसके बाद मानसून में दो बार ब्रेक आया। अगस्त के आखिरी सप्ताह में मानसून सिस्टम के सक्रिय होने के बाद प्रदेश में एक बार फिर बारिश का दौर तेज हुआ, लेकिन जून में हुई बारिश की कमी अभी तक पूरी नहीं हो सकी है।
मध्यप्रदेश में सीजन की सामान्य बारिश करीब 37.3 इंच मानी जाती है। वहीं भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में सामान्य बारिश का आंकड़ा लगभग 38 से 39 इंच के आसपास रहता है।
