Team India: हरभजन सिंह की सलाह बनी सारांश जैन की ताकत, 33 साल की उम्र में मिला पहला टेस्ट कॉल-अप
BCCI ने श्रीलंका टेस्ट सीरीज के लिए सारांश जैन को पहली बार टीम इंडिया में चुना। जानिए हरभजन सिंह की वह सलाह जिसने उनके क्रिकेट करियर को नई दिशा दी।


नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने श्रीलंका दौरे पर खेली जाने वाली दो मैचों की टेस्ट सीरीज के लिए टीम इंडिया का ऐलान कर दिया है। इस टीम में सबसे ज्यादा चर्चा 33 वर्षीय अनकैप्ड स्पिन ऑलराउंडर सारांश जैन के चयन की हो रही है। घरेलू क्रिकेट में लगातार शानदार प्रदर्शन करने वाले सारांश को पहली बार भारतीय टेस्ट टीम में जगह मिली है।
सारांश जैन का चयन कई क्रिकेट प्रशंसकों के लिए चौंकाने वाला रहा, लेकिन उनके पीछे वर्षों की मेहनत और पूर्व भारतीय स्पिनर हरभजन सिंह की प्रेरणा भी अहम भूमिका निभाती है।
हरभजन सिंह की एक बात ने बदली सोच
मार्च 2026 में सारांश जैन ने सोशल मीडिया पर हरभजन सिंह के साथ अपनी कुछ तस्वीरें साझा की थीं। उन्होंने लिखा था कि हरभजन के साथ हुए सेशन से उन्हें काफी कुछ सीखने का अवसर मिला।
सारांश ने अपने पोस्ट में हरभजन सिंह की कही एक बात का भी जिक्र किया था। उन्होंने लिखा था कि,
"कुछ पाने के लिए कुछ खोना नहीं, कुछ करना पड़ता है।"
सारांश के अनुसार, यह केवल एक वाक्य नहीं था, बल्कि ऐसा संदेश था जिसने उनके सोचने का नजरिया बदल दिया और आज भी उन्हें प्रेरित करता है।
चयन पर हरभजन सिंह ने दी बधाई
टीम इंडिया में चयन के बाद हरभजन सिंह ने भी सारांश जैन की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि सारांश बेहद विनम्र खिलाड़ी हैं और उन्हें अच्छी तरह पता है कि अपने लक्ष्य तक कैसे पहुंचना है।
हरभजन ने सारांश, उनके परिवार और उन सभी लोगों को बधाई दी जिन्होंने उनके क्रिकेट सफर में उनका साथ दिया।
इंडिया-ए के लिए किया शानदार प्रदर्शन
श्रीलंका टेस्ट सीरीज से पहले सारांश जैन को श्रीलंका-ए के खिलाफ दो अनाधिकारिक टेस्ट मैचों के लिए इंडिया-ए टीम में शामिल किया गया था। वहां उन्होंने ऑलराउंड प्रदर्शन से चयनकर्ताओं का ध्यान अपनी ओर खींचा।
दूसरे मुकाबले में सारांश ने बल्ले से 70 रन बनाए और दोनों पारियों में कुल 6 विकेट लेकर अपनी उपयोगिता साबित की। इसी प्रदर्शन के दम पर उन्हें भारतीय टेस्ट टीम में जगह मिली।
घरेलू क्रिकेट की मेहनत का मिला इनाम
सारांश जैन लंबे समय से घरेलू क्रिकेट में लगातार अच्छा प्रदर्शन कर रहे थे। अब उन्हें भारतीय टेस्ट टीम में मौका मिलना उनकी मेहनत, धैर्य और निरंतर प्रदर्शन का बड़ा पुरस्कार माना जा रहा है। क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यदि उन्हें प्लेइंग इलेवन में मौका मिलता है तो वह अपनी स्पिन गेंदबाजी और उपयोगी बल्लेबाजी से टीम के लिए अहम योगदान दे सकते हैं।
