रीवा में प्रसूता-नवजात की मौत के बाद बड़ा एक्शन, डीन हटाए गए
रीवा के संजय गांधी अस्पताल में प्रसूता कल्पना मिश्रा और नवजात की मौत के बाद डीन डॉ. सुनील कुमार अग्रवाल का तबादला किया गया। परिजनों का विरोध और अनशन जारी है।


रीवा। संजय गांधी अस्पताल में प्रसूता कल्पना मिश्रा और उसके नवजात बच्चे की मौत का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। अस्पताल की व्यवस्थाओं और इलाज को लेकर परिजनों के विरोध के बीच शासन ने श्याम शाह मेडिकल कॉलेज, रीवा के डीन डॉ. सुनील कुमार अग्रवाल का तबादला कर दिया है। उन्हें सतना मेडिकल कॉलेज भेजा गया है।
वहीं, सतना मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. शशिधर प्रसाद गर्ग को श्याम शाह मेडिकल कॉलेज, रीवा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की ओर से रविवार को इस संबंध में आदेश जारी किया गया।
हालांकि शासन के आदेश में डॉ. अग्रवाल का तबादला प्रशासनिक आधार पर किया गया है। इसे सीधे तौर पर कल्पना मिश्रा और उसके नवजात बच्चे की मौत के मामले में दंडात्मक कार्रवाई नहीं बताया गया है।
घटना के बाद अब तक कई स्तर पर कार्रवाई
कल्पना मिश्रा की मौत के बाद अस्पताल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई का सिलसिला जारी है। मामले में दो ड्यूटी डॉक्टरों को निलंबित किया जा चुका है। इसके अलावा दो नर्सिंग कर्मचारियों पर भी निलंबन की कार्रवाई हुई है।
अस्पताल के अधीक्षक को भी पहले ही पद से हटाया जा चुका है। अब मेडिकल कॉलेज के डीन का तबादला होने के बाद कार्रवाई के दायरे में एक और वरिष्ठ अधिकारी का नाम जुड़ गया है।
26 अगस्त को हुई थी प्रसूता और नवजात की मौत
मामला 26 अगस्त का है। संजय गांधी अस्पताल में इलाज के दौरान कल्पना मिश्रा और उसके नवजात बच्चे की मौत हो गई थी। घटना के बाद इससे संबंधित एक वीडियो सामने आया, जिसके बाद अस्पताल में इलाज और व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठने लगे।
मृतका के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मामला बढ़ने के बाद अस्पताल परिसर में विरोध प्रदर्शन और अनशन भी शुरू हुआ।
डीन हटे, लेकिन परिजनों का आंदोलन जारी
डॉ. सुनील अग्रवाल के तबादले के बाद भी कल्पना मिश्रा के परिजनों का विरोध खत्म नहीं हुआ है। मृतका के पिता और परिवार के अन्य सदस्य अस्पताल परिसर में अनशन कर रहे हैं।
परिजनों का कहना है कि केवल अधिकारियों को हटाने या कर्मचारियों को निलंबित करने से उनकी मांग पूरी नहीं होगी। वे घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज करने और दोषियों को सजा दिलाने की मांग कर रहे हैं।
दिग्विजय सिंह के रीवा दौरे से पहले हुई कार्रवाई
मामले को लेकर राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के रीवा पहुंचकर मृतका के परिवार से मुलाकात करने की बात सामने आई है। इसी बीच डीन के तबादले का आदेश जारी हुआ है।
अब निगाहें इस बात पर हैं कि परिजनों की आपराधिक कार्रवाई की मांग पर शासन और प्रशासन आगे क्या कदम उठाता है।
फिलहाल प्रसूता और नवजात की मौत का यह मामला रीवा की स्वास्थ्य व्यवस्था और अस्पताल में उपचार एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। मामले में मौत के वास्तविक कारण और किसी की जिम्मेदारी तय करने के लिए जांच के निष्कर्ष महत्वपूर्ण होंगे।
