दुबई पहुंचे CM मोहन यादव, MP में ग्लोबल निवेश के लिए निवेशकों को दिया न्योता; अरब देशों से व्यापार बढ़ाने पर जोर
CM मोहन यादव दुबई पहुंचे, जहां उन्होंने वैश्विक निवेशकों और उद्योगपतियों से MP में निवेश की संभावनाओं पर चर्चा की। AIM Congress 2026 में भी प्रदेश की औद्योगिक क्षमता पेश होगी।


भोपाल। मध्य प्रदेश को वैश्विक निवेश के प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करने की दिशा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश का उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल रविवार को दुबई पहुंचा। चार दिवसीय दौरे के पहले दिन मुख्यमंत्री ने प्रवासी भारतीयों, राजनयिकों, वैश्विक निवेशकों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों से मुलाकात कर मध्य प्रदेश में निवेश की संभावनाओं और राज्य की निवेश नीतियों की जानकारी दी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल निवेश आकर्षित करना नहीं है, बल्कि निवेशकों के साथ लंबे समय तक चलने वाली विकास साझेदारी तैयार करना है। प्रतिनिधिमंडल 7 से 9 सितंबर तक दुबई में आयोजित होने वाली AIM Congress 2026 में भी भाग लेगा, जहां मध्य प्रदेश की औद्योगिक क्षमता और निवेश के अवसरों को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया जाएगा।
दुबई में प्रवासी भारतीयों ने किया मुख्यमंत्री का स्वागत
दुबई पहुंचने पर भारतीय मिशन के अधिकारियों ने मध्य प्रदेश के प्रतिनिधिमंडल का स्वागत किया। इसके बाद होटल फॉर्च्यून एट्रियम में प्रवासी भारतीय समुदाय की ओर से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का स्वागत किया गया। कार्यक्रम में करीब 50 प्रवासी भारतीय शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि विदेशों में रहने वाले भारतीय मध्य प्रदेश के विकास और प्रदेश की पहचान को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
MP के पारंपरिक उत्पादों को मिला दुबई का मंच
मुख्यमंत्री ने ताज दुबई, बिजनेस बे में मध्य प्रदेश के वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट (ODOP) और GI उत्पादों की प्रदर्शनी का उद्घाटन भी किया।
प्रदर्शनी में बैतूल का बेल मेटल क्राफ्ट, अशोकनगर की चंदेरी साड़ी, महेश्वर की महेश्वरी साड़ी, उज्जैन का बाटिक प्रिंट, भोपाल की जरी-जरदोजी और ग्वालियर का कालीन प्रदर्शित किया गया।
सरकार का उद्देश्य इन पारंपरिक उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराना और प्रदेश के स्थानीय कारीगरों को वैश्विक खरीदारों से जोड़ना है।
भारतीय राजदूत से निवेश को लेकर चर्चा
दुबई दौरे के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने यूएई में भारत के राजदूत डॉ. दीपक मित्तल तथा दुबई एवं नॉर्थ अमीरात में भारत के महावाणिज्य दूत डॉ. ई. विष्णु वर्धन रेड्डी से मुलाकात की।
इस दौरान मध्य प्रदेश में निवेश की संभावनाओं और यूएई के निवेशकों को प्रदेश से जोड़ने को लेकर चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की औद्योगिक भूमि, कनेक्टिविटी, लॉजिस्टिक्स सुविधाओं और निवेशक-अनुकूल नीतियों की जानकारी दी।
उन्होंने यूएई के बड़े निवेश समूहों और कंपनियों को आगामी ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 से जोड़ने में सहयोग का भी आग्रह किया।
अरब देशों के साथ व्यापार और निवेश बढ़ाने पर फोकस
मुख्यमंत्री ने अरब संसद के अध्यक्ष मोहम्मद अहमद अल यामाही के सम्मान में आयोजित कार्यक्रम में भी हिस्सा लिया। यहां मध्य प्रदेश और अरब देशों के बीच व्यापार, निवेश, कृषि, पर्यटन और शिक्षा के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई।
मुख्यमंत्री ने अरब देशों के निवेशकों को मध्य प्रदेश में नवकरणीय ऊर्जा, फार्मा, मेडिकल उपकरण, टेक्सटाइल, लॉजिस्टिक्स, खाद्य प्रसंस्करण और शहरी विकास जैसे क्षेत्रों में निवेश की संभावनाओं से अवगत कराया।
उन्होंने अरब देशों के प्रतिनिधियों को ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2027 में शामिल होने का न्योता भी दिया।
AIM Congress 2026 में वैश्विक निवेशकों से संपर्क
दौरे के पहले दिन मुख्यमंत्री ने AIM Congress 2026 के ‘टाइकून्स रात्रि भोज’ में भी हिस्सा लिया। इसमें विभिन्न देशों के निवेशक, वित्तीय संस्थानों के प्रमुख, उद्योगपति और नीति-निर्माता शामिल हुए।
मुख्यमंत्री ने वैश्विक निवेशकों से चर्चा करते हुए मध्य प्रदेश की भौगोलिक स्थिति, औद्योगिक आधार, लॉजिस्टिक्स नेटवर्क और निवेश नीतियों को निवेश के लिए महत्वपूर्ण खूबियों के रूप में प्रस्तुत किया।
उन्होंने वैश्विक निवेशकों से मध्य प्रदेश के विकास में भागीदार बनने का आह्वान किया।
निवेश के साथ स्थानीय उत्पादों को भी वैश्विक बाजार
दुबई दौरे के जरिए मध्य प्रदेश सरकार का फोकस एक ओर बड़े वैश्विक निवेश को प्रदेश में आकर्षित करने पर है, वहीं दूसरी ओर राज्य के पारंपरिक और GI उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया जा रहा है।
अब मुख्यमंत्री के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल की आगामी बैठकों और AIM Congress 2026 में होने वाली चर्चाओं पर नजर रहेगी कि मध्य प्रदेश के लिए कितने नए निवेश प्रस्ताव और व्यापारिक साझेदारियां सामने आती हैं।
