सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसा: केजरीवाल ने दिल्ली सरकार पर साधा निशाना, बोले- सरकार को नींद से जागना होगा
दिल्ली के सत्य निकेतन में पांच मंजिला इमारत गिरने के हादसे पर अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली सरकार को घेरा। राहत-बचाव अभियान के बीच इमारत की सुरक्षा और हादसे के कारणों पर सवाल उठे।


नई दिल्ली। दक्षिण दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में रविवार को एक बहुमंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिरने से बड़ा हादसा हो गया। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और मलबे में कई लोगों के फंसे होने की आशंका जताई गई। राहत एवं बचाव दलों ने तत्काल अभियान शुरू किया। शुरुआती जानकारी में छह लोगों को मलबे से निकालकर अस्पताल पहुंचाए जाने की बात सामने आई थी। बाद की रिपोर्टों में मृतकों की संख्या बढ़ने की सूचना मिली है।
हादसे की सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस, दमकल विभाग, NDRF और अन्य आपातकालीन एजेंसियां मौके पर पहुंचीं। बचाव दल मलबा हटाकर अंदर फंसे लोगों की तलाश में जुटे रहे। रिपोर्टों के मुताबिक इमारत का इस्तेमाल PG/छात्र आवास के तौर पर किया जा रहा था।
केजरीवाल ने दिल्ली सरकार पर बोला हमला
हादसे पर दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने दुख जताते हुए दिल्ली की भाजपा सरकार पर निशाना साधा।
केजरीवाल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर कहा कि सत्य निकेतन में इमारत गिरने की घटना बेहद दुखद और चिंताजनक है। उन्होंने मलबे में फंसे लोगों के जल्द और सुरक्षित रेस्क्यू की प्रार्थना की।
उन्होंने दिल्ली सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि राजधानी में पहले भी कई हादसे हो चुके हैं और सरकार को अब जागने की जरूरत है। उन्होंने बड़े स्तर पर कार्रवाई कर नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की।
17 दमकल गाड़ियां और कई बचाव टीमें मौके पर
हादसे के बाद दिल्ली अग्निशमन सेवा की कई गाड़ियां और विभिन्न विभागों की बचाव टीमें घटनास्थल पर पहुंचीं। पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर लोगों से घटनास्थल से दूर रहने की अपील की।
बचावकर्मियों ने मलबे को सावधानीपूर्वक हटाकर अंदर फंसे लोगों की तलाश शुरू की। स्थानीय लोग भी शुरुआती राहत कार्य में जुटे नजर आए।
पांच मंजिला इमारत में चल रहा था PG
रिपोर्टों के मुताबिक जिस इमारत में हादसा हुआ, उसका इस्तेमाल PG के रूप में किया जा रहा था और वहां छात्र रहते थे। यही वजह है कि हादसे के बाद मलबे में कई लोगों के फंसे होने की आशंका ने चिंता बढ़ा दी।
एक रिपोर्ट के अनुसार इमारत के बेसमेंट में मरम्मत का काम भी चल रहा था। हालांकि इमारत गिरने की वास्तविक वजह की आधिकारिक पुष्टि अभी जांच का विषय है।
मलबे में फंसे लोगों को निकालने में जुटी टीमें
घटनास्थल से सामने आए दृश्यों में बचावकर्मी मलबे के बीच लोगों की तलाश करते दिखाई दिए। शुरुआती रिपोर्टों में मलबे में फंसे एक व्यक्ति का पैर दिखाई देने की बात भी सामने आई थी।
NDRF, दिल्ली फायर सर्विस और पुलिस की टीमें लगातार राहत एवं बचाव अभियान में जुटी रहीं। अधिकारियों के मुताबिक प्राथमिकता मलबे में फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकालना है।
हादसे के कारणों की जांच जरूरी
फिलहाल इमारत गिरने की सटीक वजह स्पष्ट नहीं है। बेसमेंट में चल रहे काम समेत कई पहलुओं की जांच की जा रही है। हादसे के बाद इमारत की सुरक्षा, निर्माण और मरम्मत कार्यों की निगरानी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
प्रशासन की ओर से बचाव अभियान के साथ-साथ घटना के कारणों की जांच की जा रही है। जिम्मेदारी तय होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि हादसे के लिए कौन से कारक जिम्मेदार थे।

