राहुल गांधी और प्रियंका गांधी का शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी पर हमला, लोकसभा में बयान को लेकर हंगामा
लोकसभा में राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी पर निशाना साधा। बयान को लेकर सदन में हंगामा हुआ, सत्ता पक्ष ने माफी की मांग की।


नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र के दौरान शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी को लेकर कांग्रेस और सत्ता पक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने शिक्षा मंत्री पर गंभीर आरोप लगाए, जिसके बाद सदन में हंगामे की स्थिति बन गई।
राहुल गांधी ने संसद भवन परिसर में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री ने शिक्षा मंत्री के रूप में ऐसे व्यक्ति को चुना है, जिस पर उन्होंने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने प्रधानमंत्री के इस फैसले पर सवाल उठाते हुए कहा कि मंत्रिमंडल में कई अन्य लोग भी थे, लेकिन शिक्षा मंत्रालय ऐसे व्यक्ति को दिया गया, जिसे लेकर विवाद खड़ा हुआ है।
लोकसभा में प्रियंका गांधी ने भी उठाया मुद्दा
लोकसभा में एंटी-पेपर लीक विधेयक पर चर्चा के दौरान प्रियंका गांधी ने भी शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी का नाम लेते हुए टिप्पणी की। उन्होंने बिलकीस बानो मामले से संबंधित एक अखबार में प्रकाशित खबर का हवाला देते हुए शिक्षा मंत्री पर सवाल उठाए। हालांकि, उनकी इस टिप्पणी पर सत्ता पक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई।
सत्तापक्ष के सदस्यों ने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्री के खिलाफ बिना तथ्यों के गंभीर आरोप लगाए जा रहे हैं। हंगामे के बीच लोकसभा की कार्यवाही कुछ समय के लिए बाधित भी हुई। बाद में अध्यक्ष के निर्देश पर संबंधित टिप्पणी को कार्यवाही से हटा दिया गया।
किरेन रिजिजू ने मांगी माफी
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने प्रियंका गांधी के बयान पर कड़ी आपत्ति जताई। उन्होंने कहा कि किसी मंत्री के चरित्र पर बिना सत्यापन के आरोप लगाना उचित नहीं है। उन्होंने मांग की कि यदि कांग्रेस सांसद अपने आरोपों को प्रमाणित नहीं कर सकतीं तो उन्हें सदन से माफी मांगनी चाहिए।
लोकसभा अध्यक्ष की टिप्पणी
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी कहा कि सदन में बिना तथ्यों के किसी व्यक्ति के खिलाफ आरोप नहीं लगाए जाने चाहिए। उन्होंने सदस्यों से संसदीय मर्यादा बनाए रखने की अपील की।
प्रह्लाद जोशी ने आरोपों को बताया निराधार
केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि इस तरह के आरोप निराधार हैं। उन्होंने कहा कि प्रियंका गांधी केवल आरोप लगाकर बच नहीं सकतीं और उन्हें या तो अपने आरोपों के समर्थन में तथ्य प्रस्तुत करने चाहिए या फिर सदन से माफी मांगनी चाहिए। उन्होंने अपने खिलाफ कार्रवाई की मांग को भी अनुचित बताया।
वहीं, प्रियंका गांधी ने कहा कि वह उचित संसदीय प्रक्रिया के तहत अपने द्वारा उठाए गए मुद्दों के समर्थन में आवश्यक तथ्य प्रस्तुत करेंगी।
इस पूरे घटनाक्रम के बाद संसद में एंटी-पेपर लीक विधेयक पर चर्चा के दौरान राजनीतिक माहौल काफी गरमा गया। सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है, जबकि सदन में विधेयक पर आगे की चर्चा भी जारी है।