MP Politics: मध्यप्रदेश में BJP-कांग्रेस का शक्ति प्रदर्शन, भाजपा की 3 रैलियां; कांग्रेस दिल्ली में जुटाएगी कार्यकर्ता
भाजपा ने इंदौर, जबलपुर और भोपाल में एक-एक लाख लोगों को जुटाने का लक्ष्य रखा; कांग्रेस 1 नवंबर को रामलीला मैदान में ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली की तैयारी में जुटी।


भोपाल। मध्यप्रदेश में भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक शक्ति प्रदर्शन की तैयारी तेज हो गई है। भाजपा अपने ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत प्रदेश के तीन बड़े शहरों में रैलियां आयोजित करने जा रही है। वहीं, कांग्रेस ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ अभियान के तहत 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली रैली के लिए मध्यप्रदेश से कार्यकर्ताओं को जुटाने में लगी है।
दोनों राजनीतिक दलों के अभियानों में चुनावी प्रक्रिया, लोकतंत्र और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठाए जाने हैं। भाजपा ने अपनी रैलियों में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा है, जबकि कांग्रेस दिल्ली में होने वाले कार्यक्रम के जरिए अपनी राजनीतिक ताकत दिखाने की तैयारी कर रही है।
इंदौर, जबलपुर और भोपाल में भाजपा की रैलियां
भाजपा ने प्रदेश के तीन शहरों में रैलियों के आयोजन की तैयारी की है। पार्टी की योजना प्रत्येक रैली में करीब एक लाख लोगों को शामिल करने की है। इसके लिए संगठन के विभिन्न स्तरों पर तैयारियां की जा रही हैं।
निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, इंदौर में 30 अक्टूबर को रैली आयोजित की जाएगी। इसके बाद 2 नवंबर को जबलपुर के गोल बाजार स्थित शहीद स्मारक से दोपहर 3 बजे रैली निकाली जाएगी। भोपाल में 3 नवंबर को अटल पथ पर सुबह 10 बजे रैली आयोजित करने की तैयारी है।
रैलियों में केंद्रीय मंत्रियों और राष्ट्रीय संगठन के पदाधिकारियों के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, उनकी भागीदारी की अंतिम जानकारी कार्यक्रम के आधिकारिक विवरण के अनुसार ही स्पष्ट होगी।
क्यूआर कोड से होगा प्रतिभागियों का पंजीयन
भाजपा ने रैलियों में शामिल होने वाले लोगों का पंजीयन क्यूआर कोड के माध्यम से कराने की व्यवस्था बनाई है। पंजीयन के दौरान प्रतिभागियों से नाम, मोबाइल नंबर, लिंग और निवास स्थान जैसी जानकारी मांगी जाएगी।
पार्टी की योजना रैली में आने वाले लोगों का व्यवस्थित रिकॉर्ड तैयार करने और आयोजन की तैयारियों को बेहतर बनाने की है। भोपाल और जबलपुर की रैलियों के लिए भी पंजीयन प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी की गई है।
मुख्यमंत्री निवास पर हुई बैठक, संगठन को सक्रिय रहने के निर्देश
रैलियों की तैयारियों को लेकर भाजपा संगठन में बैठकों का दौर जारी है। मुख्यमंत्री निवास पर हुई पार्टी की कोर कमेटी की बैठक में भी अभियान और आगामी कार्यक्रमों पर चर्चा की गई। पार्टी नेतृत्व की ओर से पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को आयोजन की तैयारियों में पूरी ताकत से जुटने के निर्देश दिए गए हैं।
भाजपा का जोर बूथ स्तर से लेकर जिला और प्रदेश स्तर तक संगठन को सक्रिय करने पर है, ताकि तीनों शहरों में आयोजित कार्यक्रमों में अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जा सके।
हेमंत खंडेलवाल ने भोपाल रैली की तैयारियों की समीक्षा की
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं विधायक हेमंत खंडेलवाल ने बुधवार को भोपाल में रैली की तैयारियों को लेकर बैठक की। इसमें प्रदेश सरकार के मंत्री चैतन्य काश्यप, विश्वास सारंग और कृष्णा गौर सहित पार्टी के कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष डॉ. निशांत खरे, सांसद आलोक शर्मा, विधायक रामेश्वर शर्मा, पूर्व विधायक ध्रुवनारायण सिंह और भोपाल जिला अध्यक्ष रविंद्र यति समेत अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
बैठक में रैली की तैयारियों, संगठन की जिम्मेदारियों और अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के उपायों पर चर्चा की गई। पार्टी का प्रयास है कि भोपाल की रैली में संगठन की सक्रियता और जनसमर्थन को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया जाए।
कांग्रेस की नजर दिल्ली के रामलीला मैदान पर
दूसरी ओर, कांग्रेस 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में प्रस्तावित ‘वोट बचाओ, देश बचाओ’ रैली की तैयारियों में जुटी है। पार्टी इस कार्यक्रम के माध्यम से मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से जुड़े मुद्दों को उठाने की तैयारी कर रही है।
मध्यप्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को प्रदेश से कार्यकर्ताओं की भागीदारी सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी गई है। अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी की ओर से नियुक्त पर्यवेक्षक जिलों में बैठकें कर रहे हैं। इन बैठकों में एसआईआर को लेकर पार्टी का पक्ष रखने के साथ कार्यकर्ताओं को दिल्ली ले जाने की रणनीति भी बनाई जा रही है।
कांग्रेस का प्रयास है कि दिल्ली की रैली में मध्यप्रदेश से बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हों, ताकि राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित इस अभियान को मजबूती मिल सके।
लोकतंत्र और चुनावी प्रक्रिया पर केंद्रित होंगे दोनों दलों के अभियान
भाजपा और कांग्रेस के कार्यक्रमों का समय लगभग एक ही दौर में पड़ रहा है। भाजपा प्रदेश के भीतर इंदौर, जबलपुर और भोपाल में रैलियों के जरिए अपनी संगठनात्मक ताकत दिखाने की तैयारी कर रही है। वहीं, कांग्रेस दिल्ली में होने वाली रैली के माध्यम से चुनावी प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े सवालों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाना चाहती है।
आने वाले दिनों में दोनों दलों की तैयारियों, कार्यकर्ताओं की भागीदारी और रैलियों में जुटने वाली भीड़ पर राजनीतिक हलकों की नजर रहेगी। इन आयोजनों से मध्यप्रदेश में राजनीतिक गतिविधियां तेज होने और भाजपा-कांग्रेस के बीच बयानबाजी बढ़ने की संभावना है।

