MP Cyber Alert: PHP की 2 गंभीर सुरक्षा खामियों से सरकारी वेबसाइटों पर खतरा, विभागों को तुरंत पैच अपडेट करने के निर्देश
बिना लॉगिन सर्वर पर हमला करने का जोखिम; WordPress, Drupal और Joomla जैसी वेबसाइटें भी हो सकती हैं प्रभावित, पुराना PHP वर्जन इस्तेमाल करने वालों को सतर्क रहने की जरूरत।


भोपाल। मध्यप्रदेश में सरकारी वेबसाइटों की साइबर सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता सामने आई है। PHP सॉफ्टवेयर के मुख्य इंजन में दो गंभीर सुरक्षा खामियां उजागर हुई हैं, जिनका फायदा उठाकर साइबर हमलावर बिना यूजर आईडी और पासवर्ड के प्रभावित सर्वर पर दुर्भावनापूर्ण कोड चला सकते हैं। इससे वेबसाइट और उससे जुड़ी सेवाओं की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।
अंतरराष्ट्रीय साइबर सुरक्षा एजेंसियों और भारत की कंप्यूटर इमरजेंसी रिस्पॉन्स टीम (CERT-In) ने PHP की इन खामियों को लेकर चेतावनी जारी की है। PHP की आधिकारिक सुरक्षा सूचना के अनुसार, इन कमजोरियों को दूर करने के लिए नए सुरक्षित संस्करण जारी किए गए हैं। <Cite refs={["turn564302search9","turn564302search14"]}/>
मध्यप्रदेश के लगभग 30 सरकारी विभागों की वेबसाइटों पर संभावित खतरे का दावा सामने आया है। हालांकि, इन विभागों की पूरी सूची और किसी वेबसाइट के वास्तव में हैक होने की स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध नहीं है। इसलिए फिलहाल इसे संभावित साइबर जोखिम के रूप में देखा जाना चाहिए।
PHP की सुरक्षा खामियां क्यों हैं खतरनाक?
PHP एक लोकप्रिय सर्वर-साइड प्रोग्रामिंग भाषा है, जिसका उपयोग वेबसाइटों और ऑनलाइन सेवाओं को चलाने के लिए किया जाता है। ऑनलाइन फॉर्म, डेटाबेस से जानकारी प्राप्त करने और कई वेबसाइट सुविधाओं के संचालन में इसका इस्तेमाल होता है।
सुरक्षा शोधकर्ताओं ने PHP में दो गंभीर कमजोरियों की पहचान की है। इन्हें CVE-2026-109618 और CVE-2026-109619 के नाम से दर्ज किया गया है। इन कमजोरियों के कारण कुछ परिस्थितियों में हमलावर बिना प्रमाणीकरण के सर्वर पर कोड चला सकते हैं या संवेदनशील जानकारी तक पहुंच बना सकते हैं। <Cite refs={["turn564302search6","turn564302search9"]}/>
यदि किसी सर्वर पर हमला सफल हो जाता है, तो उसके प्रभाव में वेबसाइट की फाइलें, डेटाबेस से जुड़ी जानकारी, एपीआई कुंजियां और उपयोगकर्ताओं के प्रमाणीकरण टोकन आ सकते हैं। वास्तविक नुकसान सर्वर की संरचना, उसके अधिकारों और सुरक्षा व्यवस्था पर निर्भर करेगा।
WordPress, Drupal और Joomla वेबसाइटों पर भी असर संभव
PHP का इस्तेमाल केवल अलग-अलग वेबसाइट बनाने तक सीमित नहीं है। WordPress, Drupal और Joomla जैसे लोकप्रिय कंटेंट मैनेजमेंट सिस्टम भी PHP पर आधारित हैं। इसलिए इन प्लेटफॉर्म पर बनी वेबसाइटें भी जोखिम में आ सकती हैं, यदि वे प्रभावित PHP संस्करण पर चल रही हों।
हालांकि, केवल WordPress या किसी अन्य प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करने से यह साबित नहीं होता कि वेबसाइट असुरक्षित है। वास्तविक जोखिम इस बात पर निर्भर करता है कि सर्वर पर PHP का कौन-सा संस्करण चल रहा है और जरूरी सुरक्षा अपडेट लगाए गए हैं या नहीं।
पुराने PHP वर्जन इस्तेमाल करने वालों के लिए अलर्ट
PHP की आधिकारिक सुरक्षा सूचना के मुताबिक, सुरक्षा खामियों को ठीक करने के लिए निम्न संस्करण जारी किए गए हैं:
PHP 8.5.12
PHP 8.4.27
PHP 8.3.36
PHP 8.2.35
इनसे पुराने प्रभावित संस्करणों को अपडेट करने की सलाह दी गई है। PHP 8.1 और उससे पुराने संस्करणों के लिए आधिकारिक सहायता समाप्त हो चुकी है, इसलिए ऐसे सिस्टम के संचालकों को समर्थित संस्करण पर जाने या अपने विक्रेता की सुरक्षा सलाह के अनुसार कदम उठाने की जरूरत है। <Cite refs={["turn564302search9","turn564302search14"]}/>
सरकारी विभागों और होस्टिंग कंपनियों को क्या करना चाहिए?
साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों की सलाह है कि सरकारी विभाग और वेबसाइट संचालक अपने सर्वर पर चल रहे PHP संस्करण की तुरंत जांच करें। इसके बाद संबंधित होस्टिंग प्रदाता या तकनीकी टीम की मदद से आधिकारिक सुरक्षा पैच लागू करें।
सुरक्षा अपडेट के बाद वेबसाइट और उससे जुड़ी सेवाओं की जांच भी जरूरी है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी सुविधाएं सही ढंग से काम कर रही हैं। इसके साथ ही सर्वर लॉग की समीक्षा, संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी और संवेदनशील जानकारी की सुरक्षा पर भी ध्यान देना चाहिए।
CERT-In ने भी PHP की इन कमजोरियों को गंभीर जोखिम बताते हुए प्रभावित सिस्टम पर सुरक्षा अपडेट लागू करने की सलाह दी है। <Cite refs={["turn564302search14","turn564302search2"]}/>
क्या वेबसाइट हैक होने की पुष्टि हुई है?
सुरक्षा खामी सामने आने का अर्थ यह नहीं है कि हर प्रभावित वेबसाइट हैक हो चुकी है। इसका मतलब है कि यदि वेबसाइट कमजोर PHP संस्करण पर चल रही है और जरूरी सुरक्षा उपाय लागू नहीं किए गए हैं, तो उस पर हमला होने का जोखिम हो सकता है।
मध्यप्रदेश के करीब 30 विभागों की वेबसाइटों के संभावित जोखिम और एमपी-सर्ट की ओर से जारी निर्देशों के संबंध में विभागवार आधिकारिक जानकारी सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट होगी। फिलहाल सबसे महत्वपूर्ण कदम प्रभावित सर्वरों की पहचान करना और समय पर सुरक्षा अपडेट लागू करना है।

