नर्मदापुरम में जन्माष्टमी पर दिखा कृष्ण भक्ति का अद्भुत रंग, ग्वालटोली में हुआ जन्मोत्सव और मटकी फोड़ प्रतियोगिता
नर्मदापुरम में जन्माष्टमी पर भव्य आयोजन हुए। ग्वालटोली में जन्मोत्सव, मटकी फोड़ प्रतियोगिता और राधा-कृष्ण की मनमोहक प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं को भक्तिमय कर दिया।


नर्मदापुरम। भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर नर्मदापुरम जिले में श्रद्धा और उत्साह का माहौल रहा। शहर में जगह-जगह भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं पर आधारित झांकियां, चल समारोह, भंडारे और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। श्रद्धालु कृष्ण भक्ति में सराबोर नजर आए।
जन्माष्टमी के अवसर पर विभिन्न स्थानों पर नन्हे-मुन्ने बच्चों ने भगवान श्रीकृष्ण का वेश धारण कर उनकी बाल लीलाओं की मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। बच्चों की आकर्षक वेशभूषा और प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। कई स्थानों पर भंडारों का आयोजन भी किया गया।
ग्वालटोली में विशेष आयोजन
नर्मदापुरम के ग्वालटोली क्षेत्र में जन्माष्टमी को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। यहां प्राचीन काली मंदिर एवं राधा-कृष्ण मंदिर परिसर के समीप भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव और मटकी फोड़ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम में दादा गुरु महाराज, नर्मदापुरम विधायक डॉ. सीतासरन शर्मा, लोकसभा सांसद दर्शन सिंह चौधरी, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती नीतू यादव और कलेक्टर सोमेश मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि शामिल हुए।
कार्यक्रम के दौरान अतिथियों ने मंदिर में विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर भगवान श्रीकृष्ण का आशीर्वाद लिया और जन्माष्टमी के विभिन्न कार्यक्रमों में सहभागिता की।
राधा-कृष्ण की प्रस्तुतियों ने बांधा समां
जन्मोत्सव के दौरान राधा-कृष्ण की वेशभूषा में कलाकारों ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किया। श्रीकृष्ण की लीलाओं पर आधारित झांकियों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
वहीं मटकी फोड़ प्रतियोगिता ने श्रद्धालुओं और युवाओं में खासा उत्साह पैदा किया। आयोजन स्थल पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे और उन्होंने धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लिया।

श्रीकृष्ण के संदेशों को जीवन में उतारने का आह्वान
इस अवसर पर दादा गुरु महाराज ने भगवान श्रीकृष्ण के जीवन और उनके संदेशों का स्मरण करते हुए कहा कि श्रीकृष्ण ने मानव समाज को धर्म, सत्य, कर्तव्य और सेवा का मार्ग दिखाया है।
उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण का जीवन प्रकृति, गौ माता और समस्त जीव-जंतुओं के प्रति करुणा एवं संरक्षण की प्रेरणा देता है। उन्होंने गौ संरक्षण और गौ सेवा को जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।
दादा गुरु महाराज ने तुलसी के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि तुलसी धार्मिक दृष्टि से पूजनीय होने के साथ पर्यावरण और मानव जीवन के लिए भी उपयोगी है। उन्होंने श्रद्धालुओं से अधिक से अधिक वृक्षारोपण करने तथा लगाए गए पौधों की नियमित देखभाल और संरक्षण का संकल्प लेने की अपील की।
उन्होंने कहा कि केवल पौधे लगाना पर्याप्त नहीं है, बल्कि पौधों को वृक्ष बनने तक सुरक्षित रखना भी सामूहिक जिम्मेदारी है।
नर्मदापुरम में दिखी वृंदावन जैसी भक्ति
जन्माष्टमी कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी रही। राधा-कृष्ण की मनमोहक प्रस्तुतियों, झांकियों और मटकी फोड़ प्रतियोगिता ने माहौल को उत्सवमय बना दिया।
आयोजन के दौरान ऐसा भक्तिमय वातावरण बना कि श्रद्धालुओं को नर्मदापुरम में ही मथुरा-वृंदावन जैसी अनुभूति होती नजर आई।
