MP Weather Alert: 9 जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट, CM हाई अलर्ट
मध्य प्रदेश में मानसून फिर सक्रिय है। 9 जिलों में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी है। CM मोहन यादव ने कलेक्टरों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए।


भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम के इस बदले मिजाज को देखते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने संबंधित और संभावित प्रभावित जिलों के कलेक्टरों को हाई अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा है कि किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए राहत और बचाव के सभी जरूरी इंतजाम पहले से तैयार रखे जाएं। संवेदनशील इलाकों की लगातार निगरानी की जाए और आवश्यकता पड़ने पर बिना देरी किए राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया जाए।
शुक्रवार शाम और शनिवार को भारी बारिश का अलर्ट
मुख्यमंत्री ने विशेष रूप से शुक्रवार शाम को भारी बारिश की संभावना और शनिवार दोपहर उत्तरी मध्य प्रदेश में भारी बारिश के अलर्ट को देखते हुए जिला प्रशासन को पूरी तरह सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं।
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि नदियों, नालों और बांधों के जलस्तर पर लगातार नजर रखी जाए। निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था पहले से सुनिश्चित की जाए।
अब तक 27.7 इंच बारिश, सामान्य से पीछे प्रदेश
मध्य प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान अब तक करीब 702.9 मिलीमीटर यानी 27.7 इंच बारिश दर्ज की गई है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार इस अवधि तक सामान्य बारिश करीब 37.3 इंच होनी चाहिए थी।
इस तरह प्रदेश में बारिश का आंकड़ा सामान्य से पीछे चल रहा है। सितंबर में सामान्य मानसूनी बारिश का आंकड़ा पूरा करने के लिए अभी करीब 9.6 इंच अतिरिक्त बारिश की जरूरत बताई गई है।
हालांकि पिछले कुछ दिनों में प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां तेज हुई हैं। खासकर पूर्वी और मध्य मध्य प्रदेश के कई इलाकों में भारी बारिश दर्ज की गई है।
छतरपुर और पन्ना में जमकर बरसे बादल
हालिया बारिश में छतरपुर और पन्ना के कई इलाकों में भारी बारिश दर्ज की गई।
राजनगर, छतरपुर: करीब 195 मिमी
खजुराहो: करीब 178 मिमी
पन्ना: करीब 164 मिमी
भारी बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव और स्थानीय स्तर पर नदी-नालों के जलस्तर बढ़ने की स्थिति बन सकती है।
इन 9 जिलों में अति भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग ने शुक्रवार और शनिवार को प्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। शिवपुरी, गुना, राजगढ़, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, सागर, दमोह और नर्मदापुरम में अति भारी बारिश की संभावना को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
वहीं भोपाल, उज्जैन, ग्वालियर, श्योपुर, भिंड, दतिया, पन्ना, सतना, रीवा, अशोकनगर, विदिशा, रायसेन, छिंदवाड़ा, बैतूल, सीहोर, शाजापुर, देवास, आगर-मालवा और मंदसौर में भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।
इसके अलावा इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, नीमच, रतलाम, हरदा, मुरैना, जबलपुर, कटनी, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडोरी, पांढुर्णा, सीधी और सिंगरौली समेत अन्य जिलों में भी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है।
कुछ इलाकों में अब भी बारिश की कमी
प्रदेश में औसत बारिश सामान्य आंकड़े से पीछे है। इसके साथ ही बारिश का वितरण भी एक समान नहीं है। कुछ जिलों में लगातार भारी बारिश हो रही है, जबकि इंदौर और उज्जैन संभाग के कई हिस्सों में जलस्रोतों और बांधों की स्थिति अन्य क्षेत्रों की तुलना में कमजोर बनी हुई है।
इसी असमान बारिश को देखते हुए प्रशासन के सामने एक ओर भारी बारिश से उत्पन्न संभावित बाढ़ और जलभराव से निपटने की चुनौती है, तो दूसरी ओर कम बारिश वाले क्षेत्रों में जलस्रोतों की स्थिति भी चिंता का विषय बनी हुई है।
CM का निर्देश—इंतजार नहीं, पहले से तैयार रहे प्रशासन
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बारिश के दौरान किसी भी संभावित आपदा का इंतजार करने के बजाय पहले से तैयारियां पूरी रखी जाएं।
नदियों, नालों और बांधों के जलस्तर की निगरानी के साथ-साथ संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष नजर रखने को कहा गया है। निचले इलाकों में पानी भरने की स्थिति बनने पर लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा है कि जरूरत पड़ने पर राहत और बचाव दल तत्काल सक्रिय हों, ताकि भारी बारिश से उत्पन्न किसी भी आपात स्थिति में जनहानि और नुकसान को कम किया जा सके।
लोगों से सावधानी बरतने की अपील
भारी बारिश की चेतावनी वाले जिलों में लोगों से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और नदी-नालों के बढ़े जलस्तर से दूरी बनाए रखने की अपील की गई है। बारिश के दौरान जलभराव वाले रास्तों पर अनावश्यक आवाजाही से बचना भी जरूरी है।
मौसम विभाग के आगामी अपडेट और जिला प्रशासन की स्थानीय चेतावनियों पर नजर रखना लोगों के लिए महत्वपूर्ण रहेगा।

