नर्मदापुरम की गौशालाओं में श्रद्धा और उल्लास से मनाई गई श्रीकृष्ण जन्माष्टमी
नर्मदापुरम जिले की गौशालाओं में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर विशेष आयोजन हुए। गौ पूजन कर गौ माता को गुड़, दाना और हरी घास खिलाई गई तथा गौ सेवा-संरक्षण का संदेश दिया गया।


नर्मदापुरम। भगवान श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन पर्व पर नर्मदापुरम जिले की विभिन्न गौशालाओं में श्रद्धा और उत्साह के साथ धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। गौशाला परिसरों में भगवान श्रीकृष्ण की पूजा-अर्चना के साथ विधि-विधान से गौ पूजन किया गया। इस दौरान गौ माता को गुड़, दाना और हरी घास खिलाकर गौ सेवा एवं संरक्षण का संदेश दिया गया।
जिले की विभिन्न गौशालाओं में आयोजित कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों, गौशाला संचालकों और पशुपालन विभाग के अधिकारियों ने सहभागिता की। गौशालाओं में विशेष सजावट और धार्मिक आयोजनों के चलते पूरे परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा।
कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को गौ सेवा, गौ संरक्षण और भारतीय संस्कृति में गौ माता के महत्व के प्रति जागरूक किया गया। उपस्थित लोगों ने गौ सेवा और संरक्षण के लिए नियमित रूप से आगे आने का संकल्प भी लिया।
महर्षि दयानंद गौशाला गुरुकुल में विशेष आयोजन
श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर नर्मदापुरम स्थित महर्षि दयानंद गौशाला गुरुकुल में भी विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। गुरुकुल के प्रधानाचार्य श्रीमान सत्यसिंधु, नगरपालिका अध्यक्ष नर्मदापुरम श्रीमती नीतू यादव, अध्यक्ष मध्यप्रदेश तैराकी संघ श्री पीयूष शर्मा, उप संचालक पशु चिकित्सा सेवाएं नर्मदापुरम डॉ. शैलेन्द्र कुमार नेमा, सहायक पशु चिकित्सा अधिकारी श्री तेज मोहन पटेल एवं श्री जीतू तिवारी की उपस्थिति में विधि-विधान से गौ पूजन किया गया।
इस दौरान गौ माता को गुड़, दाना एवं हरी घास खिलाई गई। उपस्थित जनों ने गौ सेवा और संरक्षण के महत्व को समझते हुए इस दिशा में निरंतर प्रयास करने का संदेश दिया।
पिपरिया और माखननगर की गौशालाओं में भी उत्साह
पिपरिया स्थित हथवास गौशाला, माखननगर की श्रीजी गौशाला सहित जिले की अन्य गौशालाओं में भी जन्माष्टमी पर्व धूमधाम से मनाया गया। श्रद्धालुओं और उपस्थित जनों ने गौ पूजन कर गौ माता को गौ ग्रास खिलाया।
इस अवसर पर जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने कहा कि गौ सेवा भारतीय संस्कृति और परंपरा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने लोगों से गौ सेवा एवं संरक्षण के लिए नियमित रूप से आगे आने का आह्वान किया।
जिले की गौशालाओं में हुए इन आयोजनों ने धार्मिक आस्था के साथ-साथ गौ सेवा, पर्यावरण संरक्षण और जीवों के प्रति करुणा का संदेश भी दिया।
