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भोपाल · 7 मिनट पहले

MP Weather: मध्य प्रदेश में फिर सक्रिय हुआ मानसून, 17 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

मध्य प्रदेश में मानसून फिर सक्रिय हो गया है। उमरिया और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट, 17 जिलों में भारी बारिश की चेतावनी। जानें 1 से 4 सितंबर तक मौसम का हाल।

दीपक शर्मा
दीपक शर्मा
Editor-in-Chief · 7 मिनट पहले
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MP Weather: मध्य प्रदेश में फिर सक्रिय हुआ मानसून, 17 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र और ट्रफ के प्रभाव से प्रदेश में अगले चार दिनों तक कई हिस्सों में तेज बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने मंगलवार को पूर्वी मध्य प्रदेश के कई जिलों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

मौसम के इस सिस्टम का असर धीरे-धीरे पूर्वी मध्य प्रदेश से मध्य और पश्चिमी हिस्सों की ओर बढ़ने की संभावना है। बारिश के कारण प्रदेश में मानसून के दौरान दर्ज बारिश का आंकड़ा भी सामान्य के करीब पहुंच सकता है।

उमरिया और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट

मौसम विभाग ने उमरिया और बालाघाट में अति भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में भारी बारिश के साथ स्थानीय स्तर पर जलभराव और नदी-नालों के जलस्तर में बढ़ोतरी की स्थिति बन सकती है।

इसके अलावा पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, कटनी, मैहर, शहडोल, अनूपपुर, डिंडौरी, जबलपुर, मंडला, सिवनी और छिंदवाड़ा में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

भोपाल सहित प्रदेश के अन्य जिलों में भी गरज-चमक के साथ बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।

1 से 4 सितंबर तक ऐसा रहेगा मौसम

मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार अगले चार दिनों में बारिश का प्रभाव धीरे-धीरे प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बढ़ेगा।

1 और 2 सितंबर: पूर्वी मध्य प्रदेश में तेज बारिश का असर रहेगा।

3 सितंबर: भोपाल और ग्वालियर संभाग में भारी बारिश की संभावना।

4 सितंबर: उज्जैन, भोपाल, नर्मदापुरम, ग्वालियर और चंबल संभाग में बारिश का प्रभाव पहुंच सकता है।

इस दौरान कई स्थानों पर गरज-चमक और तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है।

प्रदेश में अब तक 702.9 मिमी बारिश

मध्य प्रदेश में मानसून सीजन के दौरान अब तक 702.9 मिमी यानी करीब 27.7 इंच बारिश दर्ज की गई है। यह सामान्य बारिश की तुलना में करीब 3.1 इंच कम है।

प्रदेश में पूरे मानसून सीजन की सामान्य बारिश करीब 37.3 इंच मानी जाती है। इस आंकड़े तक पहुंचने के लिए सितंबर में अभी करीब 9.6 इंच बारिश की जरूरत है।

अगले चार दिनों में बारिश का दौर तेज रहने से बारिश के इस अंतर के कम होने की उम्मीद है।

39 जिलों में अब भी बारिश का घाटा

प्रदेश में कुल मिलाकर बारिश सामान्य से करीब 10 प्रतिशत कम है। पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश की कमी करीब 5 प्रतिशत और पश्चिमी हिस्से में करीब 15 प्रतिशत तक बताई जा रही है।

प्रदेश के 39 जिलों में 2 से 57 प्रतिशत तक बारिश कम दर्ज हुई है। इनमें जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग के कई जिले शामिल हैं। पश्चिमी मध्य प्रदेश के भी कई जिलों में बारिश सामान्य से कम रही है।

इन 16 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश

दूसरी ओर प्रदेश के कुछ जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है। अनूपपुर, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, शिवपुरी और निवाड़ी में बारिश सामान्य से ज्यादा दर्ज की गई है।

बांधों में बढ़ा जलस्तर, बड़े तालाब पर भी नजर

लगातार बारिश के कारण प्रदेश के ज्यादातर बड़े बांधों और जलाशयों में जलस्तर में सुधार हुआ है। कई जलाशयों में पानी 70 प्रतिशत से अधिक पहुंच गया है, जबकि कुछ बांधों के गेट भी खोले गए हैं।

हालांकि इंदौर और उज्जैन संभाग के कुछ जलाशयों में अभी अपेक्षाकृत कम पानी है।

राजधानी भोपाल के बड़े तालाब का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है। इसका जलस्तर 1666.50 फीट तक पहुंच गया है। यह फुल टैंक लेवल से करीब 0.30 फीट नीचे है। तालाब के पूरी तरह भरने के बाद भदभदा के गेट खोले जाने की स्थिति बन सकती है। भदभदा से छोड़ा गया पानी आगे कलियासोत जलाशय में पहुंचता है।

जून की बारिश की कमी अब भी बरकरार

इस मानसून सीजन की शुरुआत अपेक्षाकृत कमजोर रही थी। जून में प्रदेश में सामान्य से करीब 14 प्रतिशत कम बारिश दर्ज हुई थी। इसके बाद जुलाई और अगस्त में कई मजबूत मौसम प्रणालियां बनीं, जिससे बारिश के आंकड़े में सुधार हुआ।

इसके बावजूद जून की कमी पूरी तरह दूर नहीं हो सकी है। यही वजह है कि मानसून सीजन में अब तक प्रदेश की कुल बारिश सामान्य से करीब 10 प्रतिशत कम बनी हुई है।

अब सितंबर की बारिश पर सभी की नजर है। यदि मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक अगले कुछ दिनों में प्रदेश में अच्छी बारिश होती है, तो मानसून सीजन की बारिश सामान्य आंकड़े के काफी करीब पहुंच सकती है।

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