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भोपाल · 16 मिनट पहले

MP News: 1.22 लाख मेधावी विद्यार्थियों के खातों में पहुंचे ₹304.98 करोड़

M मोहन यादव ने प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना के तहत 1.22 लाख मेधावी विद्यार्थियों के खातों में ₹304.98 करोड़ से अधिक ट्रांसफर किए। पात्र विद्यार्थियों को लैपटॉप के लिए ₹25 हजार मिले।

दीपक शर्मा
दीपक शर्मा
Editor-in-Chief · 16 मिनट पहले
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MP News: 1.22 लाख मेधावी विद्यार्थियों के खातों में पहुंचे ₹304.98 करोड़

भोपाल। मध्यप्रदेश सरकार ने मेधावी विद्यार्थियों को तकनीक से जोड़ने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन सेंटर में आयोजित राज्य स्तरीय ‘प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना’ के राशि अंतरण कार्यक्रम में करीब 1.22 लाख विद्यार्थियों के बैंक खातों में 304 करोड़ 98 लाख 50 हजार रुपये से अधिक की राशि सिंगल क्लिक के माध्यम से ट्रांसफर की।

योजना के तहत प्रत्येक पात्र विद्यार्थी को लैपटॉप खरीदने के लिए 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि दी गई है। मध्यप्रदेश माध्यमिक शिक्षा मंडल की कक्षा 12वीं की परीक्षा में प्रथम प्रयास में 75 प्रतिशत या उससे अधिक अंक हासिल करने वाले विद्यार्थी इस योजना के पात्र हैं।

लैपटॉप सिर्फ उपकरण नहीं, भविष्य की संभावनाओं का रास्ता: CM

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विद्यार्थियों को सफलता के साथ विनम्रता, अनुशासन और अच्छे संस्कार बनाए रखने की सीख दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी सफलता से उत्साहित हों, लेकिन अहंकार से दूर रहें। असफलता मिलने पर निराश होने के बजाय उसके कारणों को समझकर उससे सीख लेनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि लैपटॉप केवल इलेक्ट्रॉनिक उपकरण नहीं बल्कि ज्ञान, अनुसंधान, नवाचार और भविष्य की संभावनाओं का प्रवेश-द्वार है। विद्यार्थियों को इसका उपयोग ऑनलाइन पढ़ाई, डिजिटल अध्ययन सामग्री, ई-लाइब्रेरी, शोध और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए करना चाहिए।

शिक्षक विद्यार्थियों की प्रतिभा को तराशते हैं

डॉ. यादव ने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी में कोई न कोई विशेष प्रतिभा होती है। उन्होंने शिक्षकों की भूमिका की तुलना मूर्तिकार से करते हुए कहा कि जिस तरह मूर्तिकार पत्थर के भीतर छिपी मूर्ति को पहचानकर उसे आकार देता है, उसी तरह शिक्षक विद्यार्थियों के भीतर छिपी प्रतिभा को पहचानकर उनके व्यक्तित्व को निखारते हैं।

उन्होंने विद्यार्थियों की सफलता में माता-पिता और शिक्षकों के योगदान को भी महत्वपूर्ण बताया।

सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों की बढ़ रही भागीदारी

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के शासकीय विद्यालयों के विद्यार्थी लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। मेरिट सूची में सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों की बढ़ती भागीदारी को उन्होंने शिक्षा व्यवस्था में हो रहे सकारात्मक बदलाव का संकेत बताया।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार विद्यार्थियों को पाठ्य-पुस्तक, गणवेश, साइकिल, स्कूटी, छात्रवृत्ति और लैपटॉप जैसी सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। सरकार का उद्देश्य यह है कि आर्थिक कठिनाई किसी प्रतिभाशाली विद्यार्थी के सपनों में बाधा न बने।

शिक्षा के लिए बजट में हजारों करोड़ का प्रावधान

मुख्यमंत्री के अनुसार वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में स्कूल शिक्षा विभाग के लिए 36,730 करोड़ रुपये, उच्च शिक्षा के लिए 4,247 करोड़ रुपये और तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास एवं रोजगार विभाग के लिए 2,932 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्कूल, कॉलेज, तकनीकी संस्थान और मेडिकल कॉलेजों का लगातार विस्तार किया जा रहा है। चिकित्सा शिक्षा में सीटों की संख्या बढ़ने से विद्यार्थियों को राज्य में ही मेडिकल शिक्षा के अधिक अवसर मिल रहे हैं।

द्वितीय बोर्ड परीक्षा से विद्यार्थियों को मिलेगा दूसरा मौका

मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले बोर्ड परीक्षा में अपेक्षित परिणाम नहीं आने पर विद्यार्थियों का पूरा साल प्रभावित हो जाता था। अब कक्षा 10वीं और 12वीं में द्वितीय मुख्य परीक्षा का अवसर उपलब्ध कराया गया है।

इस व्यवस्था के माध्यम से विद्यार्थी अपने अंकों में सुधार कर सकते हैं और असफल होने की स्थिति में भी बिना पूरा साल गंवाए दोबारा प्रयास कर सकते हैं।

2028 तक 55 मेडिकल कॉलेज और 10 हजार UG सीटों का लक्ष्य

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में मेडिकल शिक्षा के विस्तार पर भी सरकार विशेष ध्यान दे रही है। उनके अनुसार आजादी के बाद 55 वर्षों में प्रदेश में केवल 5 मेडिकल कॉलेज थे, जबकि अब निजी और शासकीय मिलाकर 33 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं।

प्रदेश में वर्तमान में 6,500 से अधिक एमबीबीएस सीटें हैं। सरकार ने वर्ष 2028 तक 55 मेडिकल कॉलेज और 10 हजार यूजी सीटों का लक्ष्य निर्धारित किया है।

अब तक 6.5 लाख विद्यार्थियों को मिल चुकी लैपटॉप की राशि

स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना के तहत विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने का काम लगातार किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत अब तक करीब 6.5 लाख विद्यार्थियों को 1,620 करोड़ रुपये लैपटॉप के लिए उनके खातों में भेजे जा चुके हैं।

मंत्री ने कहा कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पिछले तीन वर्षों से प्रवेश दर बढ़ रही है। उन्होंने दावा किया कि सरकार के प्रयासों से स्कूली बच्चों की ड्रॉपआउट दर शून्य हो गई है। प्रदेश में करीब 18 हजार रिक्त शिक्षक पदों पर भर्ती की प्रक्रिया भी जारी है।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से किया संवाद

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मेधावी विद्यार्थियों से उनके भविष्य के सपनों और लक्ष्यों को लेकर संवाद किया।

एक विद्यार्थी ने सफल राजनेता बनकर देश और प्रदेश की सेवा करने की इच्छा जताई। वहीं एक छात्रा ने युवाओं के लिए स्किल डेवलपमेंट को जरूरी बताया। अकाउंटेंट की पढ़ाई कर रही छात्रा ने कहा कि लैपटॉप ऑनलाइन शिक्षा में मददगार होगा।

एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही तन्वी कुमावत ने डॉक्टर बनकर जरूरतमंद लोगों की सेवा करने की इच्छा जताई।

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि “आज LEARN करेंगे तो कल EARN करेंगे।” उन्होंने कहा कि लैपटॉप विद्यार्थियों की पढ़ाई में महत्वपूर्ण सहायक साबित होगा।

'प्रतिभाशाली विद्यार्थी योजना वट वृक्ष बन चुकी है'

जनजातीय कार्य मंत्री कुंवर विजय शाह ने कहा कि प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना अब वट वृक्ष का रूप ले चुकी है। योजना के माध्यम से लगातार मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप खरीदने के लिए राशि दी जा रही है।

कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री स्वतंत्र प्रभार कृष्णा गौर, विधायक भगवानदास सबनानी, विधायक विष्णु खत्री, नगर निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी, स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव डॉ. संजय गोयल, आयुक्त लोक शिक्षण अभिषेक सिंह सहित प्रदेशभर से आए मेधावी विद्यार्थी, शिक्षक और अभिभावक मौजूद रहे।

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