वेयरहाउस विवाद में घमासान: शाखा प्रबंधक पर गंभीर आरोप, चंदेल बोले—दबाव बनाने की कोशिश
माखननगर वेयर हाउस एसोसिएशन ने शाखा प्रबंधक हेमंत चंदेल पर पैसों की मांग और धमकी के आरोप लगाए। चंदेल ने आरोप खारिज कर शिकायत को दबाव बनाने की कोशिश बताया।


माखननगर। माखननगर के वेयरहाउसों से जुड़ा विवाद अब जिला प्रशासन की चौखट तक पहुंच गया है। माखननगर वेयर हाउस एसोसिएशन ने जिलाधीश को लिखित शिकायत देकर एमपीडब्ल्यूएलसी शाखा माखननगर के शाखा प्रबंधक हेमंत नाथ चंदेल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। एसोसिएशन ने शिकायत में कथित रूप से पैसों की मांग, धमकी देने और वेयरहाउस बंद कराने का दबाव बनाने की बात कही है।
17 सितंबर 2025 को जिला प्रशासन को प्राप्त शिकायत में एसोसिएशन ने चेतन एवं राधेकृष्ण वेयरहाउस के 3 सितंबर को हुए निरीक्षण का हवाला दिया है। शिकायत के अनुसार निरीक्षण में संबंधित अधिकारियों की टीम ने भंडारित अनाज का जायजा लिया था और एसोसिएशन का दावा है कि उस दौरान अनाज सही पाया गया था।
निरीक्षण में सब ठीक, फिर शिकायत क्यों?
एसोसिएशन ने कलेक्टर को दिए पत्र में दावा किया है कि निरीक्षण के दौरान अधिकारियों द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों का भी पालन किया गया और पूरी प्रक्रिया वीडियो में रिकॉर्ड है।
लेकिन शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि इसके बावजूद शाखा प्रबंधक द्वारा उन्हें लगातार परेशान किया जा रहा है। शिकायत में कथित तौर पर अनैतिक दबाव, धमकी और पैसों की मांग किए जाने का आरोप लगाया गया है।
एसोसिएशन ने दावा किया है कि शाखा प्रबंधक द्वारा कथित तौर पर यह कहा जाता है कि “वेयरहाउस बंद करवा दूंगा।” शिकायतकर्ताओं के अनुसार बार-बार गोदाम आने और कथित धमकियों के चलते उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बोरियों के खराब होने का भी दावा
शिकायत में वेयरहाउस एसोसिएशन ने यह भी कहा है कि कथित विवाद के कारण गोदाम में रखी कई बोरियां खराब हो रही हैं और इससे वेयरहाउस संचालकों को नुकसान उठाना पड़ रहा है।
एसोसिएशन ने जिलाधीश से शाखा प्रबंधक के खिलाफ उचित एवं आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि वेयरहाउस मालिकों को कथित रूप से परेशान किए जाने पर रोक लग सके।
चंदेल का पलटवार—“मुझ पर दबाव बनाने के लिए शिकायत”
दूसरी ओर, एमपीडब्ल्यूएलसी शाखा प्रबंधक माखननगर हेमंत चंदेल ने Denvapost से बातचीत में शिकायत में लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए अपना पक्ष रखा।
चंदेल ने बताया कि जिन लोगों ने उनके खिलाफ शिकायत की है, उनके विरुद्ध प्रकरण दर्ज है और उनकी जांच चल रही है। उन्होंने कहा कि संबंधित वेयरहाउसों के खिलाफ जिलाधीश के निर्देश पर मामला दर्ज किया गया है और वर्तमान में जांच प्रक्रिया जारी है।
शाखा प्रबंधक के मुताबिक उनके खिलाफ की गई शिकायत उन पर दबाव बनाने के उद्देश्य से की जा रही है। उन्होंने कहा कि वेयरहाउसों से संबंधित कार्रवाई निर्धारित प्रक्रिया के तहत की जा रही है और शिकायत को इसी कार्रवाई से जोड़कर देखा जाना चाहिए।
अब जांच पर टिकी निगाहें
इस पूरे मामले में एक तरफ वेयरहाउस एसोसिएशन ने शाखा प्रबंधक पर गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं शाखा प्रबंधक ने शिकायतकर्ताओं पर ही प्रकरण दर्ज होने और अपने ऊपर दबाव बनाने का आरोप लगाया है।
ऐसे में विवाद के केंद्र में अब तीन सवाल हैं—3 सितंबर के निरीक्षण में वास्तव में क्या पाया गया था? संबंधित वेयरहाउसों के खिलाफ किस आधार पर प्रकरण दर्ज किए गए? और एसोसिएशन द्वारा लगाए गए पैसों की मांग एवं धमकी के आरोपों में कितनी सच्चाई है?
इन सवालों का जवाब प्रशासनिक जांच, निरीक्षण रिपोर्ट, दर्ज प्रकरणों के दस्तावेज और उपलब्ध वीडियो रिकॉर्डिंग से ही स्पष्ट हो सकेगा।

