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महाकालेश्वर · 24 दिन पहले

महाकाल मंदिर में भस्म आरती: भांग के विशेष श्रृंगार में भक्तों को दिए बाबा महाकाल ने दिव्य दर्शन

उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में श्रावण कृष्ण पक्ष की तृतीया पर भस्म आरती संपन्न हुई। भांग के विशेष श्रृंगार और मखाने की माला से सजे बाबा महाकाल के दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालु पहुंचे।

पूजास्थल

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समाचार डेस्क · 24 दिन पहले
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महाकाल मंदिर में भस्म आरती: भांग के विशेष श्रृंगार में भक्तों को दिए बाबा महाकाल ने दिव्य दर्शन

उज्जैन। श्रावण माह के कृष्ण पक्ष की तृतीया तिथि पर शनिवार तड़के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में आयोजित भस्म आरती के दौरान श्रद्धा और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला। सुबह 3 बजे मंदिर के पट खुलते ही हजारों श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दिव्य दर्शन किए। देर रात से ही भक्त मंदिर परिसर में कतारबद्ध होकर भस्म आरती में शामिल होने पहुंचे, जिससे पूरा परिसर "जय श्री महाकाल" के जयघोष से गूंज उठा।

हिंदू धर्म

वैदिक मंत्रोच्चार के बीच हुआ महाभिषेक

मंदिर के पुजारी पंडित महेश शर्मा के अनुसार, वीरभद्र जी से आज्ञा लेने के बाद मंदिर के पट खोले गए और गर्भगृह में स्थापित सभी देव प्रतिमाओं का विधि-विधान से पूजन किया गया।

इसके बाद भगवान महाकाल का जल, दूध, दही, घी, शक्कर, पंचामृत और फलों के रस से महाभिषेक किया गया। प्रथम घंटा बजाकर 'हरि ओम' का जल अर्पित किया गया और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच पूजन संपन्न हुआ।

भांग के विशेष श्रृंगार में सजे बाबा महाकाल

पूजन के पश्चात पुजारियों ने बाबा महाकाल का भव्य श्रृंगार किया। कपूर आरती के बाद भगवान को नवीन मुकुट धारण कराया गया। महानिर्वाणी अखाड़े की ओर से शिवलिंग पर पवित्र भस्म अर्पित की गई, जिसके बाद झांझ, मंजीरे, ढोल-नगाड़ों और शंखनाद के साथ विश्व प्रसिद्ध भस्म आरती संपन्न हुई।

सौंदर्य प्रसाधन और कॉस्मेटिक्स

आज के श्रृंगार की विशेषता यह रही कि बाबा महाकाल का भांग से विशेष श्रृंगार किया गया। उनके मस्तक पर शिवलिंग की सुंदर आकृति उकेरी गई और मखाने की माला से अलंकृत किया गया। इस अलौकिक स्वरूप के दर्शन कर श्रद्धालु भाव-विभोर हो उठे।

भस्म आरती का धार्मिक महत्व

धार्मिक मान्यता के अनुसार, भस्म अर्पित किए जाने के बाद भगवान महाकाल निराकार से साकार स्वरूप में भक्तों को दर्शन देते हैं। श्रावण मास में भस्म आरती का विशेष महत्व माना जाता है और इस दौरान देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उज्जैन पहुंचते हैं।

महाकालेश्वर मंदिर की आरती का समय

आश्विन मास की पूर्णिमा (शरद पूर्णिमा) तक महाकालेश्वर मंदिर में आरतियों का समय इस प्रकार रहेगा—

इतिहास

भस्म आरती: सुबह 3:00 बजे से 6:00 बजे तक

दद्योदक आरती: सुबह 7:00 बजे से 7:45 बजे तक

भोग आरती: सुबह 10:00 बजे से 10:45 बजे तक

संध्या पूजन: शाम 5:00 बजे से 5:45 बजे तक

संध्या आरती: शाम 7:00 बजे से 7:45 बजे तक

शयन आरती: रात्रि 10:30 बजे से 11:00 बजे तक

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