19 सितंबर से मध्यप्रदेश में गूंजेंगे नुक्कड़ नाटक, 5 अक्टूबर तक चलेगा ‘नमो सेवा’ अभियान
मध्यप्रदेश में 19 सितंबर से 5 अक्टूबर तक ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत ‘नमो सेवा (अनकही कहानियां)’ कार्यक्रम होगा। हर जिले में 10 नाट्य टोलियां नुक्कड़ नाटक करेंगी।


भोपाल। मध्यप्रदेश में 19 सितंबर से सार्वजनिक स्थानों पर नुक्कड़ नाटकों के जरिए सेवा, सुशासन और जनभागीदारी से जुड़े संदेश लोगों तक पहुंचाए जाएंगे। ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत ‘नमो सेवा (अनकही कहानियां)’ कार्यक्रम का आयोजन 19 सितंबर से 5 अक्टूबर तक किया जाएगा।
अभियान के दौरान प्रदेश के प्रत्येक जिले में कम से कम 10 नाट्य टोलियां तैयार की जा रही हैं। ये टोलियां अलग-अलग सार्वजनिक स्थानों पर करीब 30 मिनट की प्रस्तुतियां देंगी। कार्यक्रमों के लिए जिला स्तर पर शेड्यूल तैयार किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोगों तक नाटकों के माध्यम से संदेश पहुंचाया जा सके।
स्कूल-कॉलेज से हाट-बाजार तक होंगे आयोजन
‘नमो सेवा (अनकही कहानियां)’ कार्यक्रम को केवल बड़े मंचों तक सीमित नहीं रखा गया है। नाट्य टोलियां स्कूल, कॉलेज, ग्राम पंचायत, सामुदायिक केंद्र, हाट-बाजार और अन्य व्यस्त सार्वजनिक स्थानों पर प्रस्तुतियां देंगी।
जिला स्तर पर संबंधित स्थानों और समय के अनुसार कार्यक्रमों का शेड्यूल तैयार किया जाएगा। इसका उद्देश्य ऐसे स्थानों तक भी कार्यक्रमों को पहुंचाना है, जहां बड़ी संख्या में आम लोग नियमित रूप से आते-जाते हैं।
नाटकों में दिखाई जाएंगी ‘अनकही कहानियां’
कार्यक्रम के लिए तैयार किए जा रहे नुक्कड़ नाटकों को सरल और भावनात्मक शैली में प्रस्तुत किया जाएगा। इनमें सेवा कार्यों से जुड़े प्रसंगों और देश में हुए बदलावों की कहानियों को नाट्य रूप में लोगों के सामने रखा जाएगा।
आयोजकों के अनुसार नाटकों के माध्यम से सेवा, सुशासन और जनभागीदारी से जुड़े संदेशों को आम लोगों तक सरल भाषा में पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
करीब 30 मिनट की इन प्रस्तुतियों में संवाद, अभिनय और स्थानीय स्तर पर लोगों की सहभागिता के माध्यम से विषयों को प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि कार्यक्रम केवल मनोरंजन तक सीमित न रहकर जनसंदेश का माध्यम भी बने।
हर जिले में कम से कम 10 नाट्य टोलियां
अभियान के तहत प्रदेश के प्रत्येक जिले में न्यूनतम 10 नाट्य टोलियां तैयार की जा रही हैं। जिला कलेक्टरों के मार्गदर्शन में इन टोलियों के आवागमन और कार्यक्रम स्थलों पर प्रस्तुतियों की व्यवस्था की जाएगी।
जिला प्रशासन द्वारा नाट्य मंडलियों के कार्यक्रमों का समन्वय किया जाएगा। अलग-अलग क्षेत्रों में प्रस्तुतियां आयोजित कर अभियान को अधिक व्यापक स्तर तक पहुंचाने की योजना है।
बेहतर प्रस्तुति देने वाले कलाकार होंगे सम्मानित
‘नमो सेवा (अनकही कहानियां)’ अभियान के समापन पर बेहतर प्रस्तुति और सांस्कृतिक भागीदारी के लिए नाट्य मंडलियों एवं कलाकारों को जिला स्तर पर सम्मानित भी किया जाएगा।
इससे अभियान में स्थानीय कलाकारों की भागीदारी को प्रोत्साहन मिलने के साथ-साथ नुक्कड़ नाटक जैसी लोक-संवाद की प्रभावी विधा को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
19 सितंबर से शुरू होकर 5 अक्टूबर तक चलने वाला यह अभियान प्रदेश के विभिन्न जिलों में सार्वजनिक स्थलों पर लगातार प्रस्तुतियों के जरिए लोगों से संवाद स्थापित करेगा।

