कोलारस में दो मेडिकल स्टोर्स की आड़ में चल रहे अवैध अस्पताल सील, अपात्र व्यक्ति कर रहा था मरीजों का इलाज
शिवपुरी के कोलारस में स्वास्थ्य विभाग ने दो मेडिकल स्टोर्स की आड़ में संचालित कथित अवैध अस्पतालों को सील किया। एक अस्पताल में 10 बेड और इलाज की व्यवस्था मिली।


शिवपुरी। जिले में अवैध रूप से संचालित स्वास्थ्य संस्थानों के खिलाफ प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है। कलेक्टर अर्पित वर्मा के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग की टीम ने शुक्रवार शाम कोलारस में बड़ी कार्रवाई करते हुए दो मेडिकल स्टोर्स की आड़ में संचालित किए जा रहे कथित अवैध अस्पतालों को सील कर दिया।
कार्रवाई के दौरान एक अस्पताल में 10 बेड की व्यवस्था मिली, जबकि मरीजों के इलाज के लिए मौजूद व्यक्ति की योग्यता पर भी सवाल सामने आया। वहीं, दूसरे मेडिकल स्टोर के पीछे बने कमरों में अस्पताल जैसी व्यवस्था तैयार की गई थी। दोनों स्थानों पर संचालक अस्पताल के वैध पंजीयन और आवश्यक अनुमति से संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके।
यह कार्रवाई जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. रोहित भदकारिया के नेतृत्व में की गई। टीम में कोलारस खंड चिकित्सा अधिकारी डॉ. संजय राठौड़ और फार्मासिस्ट बालेंदु रघुवंशी शामिल रहे।
धाकड़ मेडिकल स्टोर के पास मिला अस्पताल
स्वास्थ्य विभाग की टीम सबसे पहले कोलारस में फूल राज होटल के सामने स्थित धाकड़ मेडिकल स्टोर पहुंची। जांच के दौरान मेडिकल स्टोर के ठीक बगल में एएस अस्पताल नाम से निजी अस्पताल संचालित होना पाया गया।
संचालकों ने टीम को बताया कि अस्पताल डॉ. पुष्पेंद्र सिंह के नाम पर पंजीकृत है। हालांकि, टीम के निरीक्षण के दौरान वहां एक ऐसे व्यक्ति द्वारा मरीजों का इलाज किए जाने की जानकारी सामने आई, जिसकी चिकित्सकीय पात्रता को लेकर सवाल उठे।
अस्पताल में मरीजों को भर्ती करने के लिए करीब 10 बेड की व्यवस्था भी मिली। टीम ने अस्पताल और मेडिकल स्टोर के पंजीयन, लाइसेंस तथा चिकित्सक की डिग्री सहित संबंधित दस्तावेज मांगे, लेकिन मौके पर संचालक आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके।
इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने धाकड़ मेडिकल स्टोर और एएस अस्पताल दोनों को सील कर दिया।
गोपाल मेडिकल स्टोर के पीछे भी अस्पताल जैसी व्यवस्था
इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने कोलारस के कटरा मोहल्ले में स्थित गोपाल मेडिकल स्टोर पर कार्रवाई की। निरीक्षण के दौरान मेडिकल स्टोर के पीछे बने कमरों में मरीजों के उपचार के लिए अस्पताल जैसी व्यवस्था मिली।
यहां मरीजों के लिए बेड के साथ ड्रिप चढ़ाने के स्टैंड भी लगाए गए थे। मौके पर इलाज से जुड़ी अन्य व्यवस्थाएं भी मिलीं।
टीम ने संचालक रंजन अधिकारी से अस्पताल के वैध पंजीयन और संचालन की अनुमति से संबंधित दस्तावेज मांगे। विभाग के अनुसार, संचालक मौके पर आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके।
इसके बाद टीम ने गोपाल मेडिकल स्टोर और उससे जुड़े कथित अवैध अस्पताल को भी सील कर दिया।
जिलेभर में जारी रहेगी जांच
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. संजय ऋषीश्वर ने बताया कि जिले में अवैध क्लीनिक और अस्पतालों के खिलाफ लगातार जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि बिना वैध पंजीयन और आवश्यक अनुमति के स्वास्थ्य संस्थान संचालित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सीएमएचओ ने स्पष्ट किया कि जिले में किसी भी अवैध स्वास्थ्य संस्थान को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम आगे भी ऐसे संस्थानों की जांच जारी रखेगी।
लोगों से पंजीकृत अस्पताल में इलाज कराने की अपील
स्वास्थ्य विभाग ने आम लोगों से अपील की है कि इलाज के लिए केवल पंजीकृत अस्पतालों और योग्य चिकित्सकों का ही चयन करें। किसी भी मेडिकल स्टोर या अन्य स्थान पर बिना वैध अनुमति संचालित उपचार केंद्र में इलाज कराने से पहले उसकी वैधता और चिकित्सक की योग्यता की जानकारी जरूर लें।
स्वास्थ्य विभाग की इस कार्रवाई के बाद कोलारस क्षेत्र में बिना अनुमति स्वास्थ्य सेवाएं संचालित करने वालों में हड़कंप की स्थिति है।

