कामकाजी महिलाओं को जल्द मिलेगी हॉस्टल की सुविधा, कलेक्टर ने निर्माण कार्य तेजी से पूरा करने के दिए निर्देश
नर्मदापुरम में 10.77 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे वर्किंग वूमेन हॉस्टल का कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने निरीक्षण किया। 56 कमरों वाले हॉस्टल में जिम, योग हॉल और मेस जैसी सुविधाएं होंगी।


नर्मदापुरम। मुख्यमंत्री जन विश्वास अभियान के तहत कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने नर्मदापुरम में निर्माणाधीन वर्किंग वूमेन हॉस्टल का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने हॉस्टल के प्रत्येक तल का भ्रमण कर निर्माण कार्य की प्रगति, गुणवत्ता और उपयोग की जा रही निर्माण सामग्री का जायजा लिया। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्माण के अंतिम चरण के कार्यों को शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए, ताकि कामकाजी महिलाओं को जल्द से जल्द सुरक्षित और सुविधाजनक आवास की सुविधा उपलब्ध कराई जा सके।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने हॉस्टल के विभिन्न कमरों और अन्य निर्माणाधीन हिस्सों का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने साइट इंजीनियर से निर्माण की वर्तमान स्थिति, सामग्री की गुणवत्ता और शेष कार्यों की जानकारी ली।
कलेक्टर मिश्रा ने स्पष्ट निर्देश दिए कि निर्माण कार्य निर्धारित मापदंडों के अनुरूप पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि काम की गति बढ़ाने के साथ-साथ निर्माण की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं होना चाहिए। उन्होंने अंतिम चरण के सभी कार्य शीघ्र पूर्ण कर हॉस्टल को उपयोग के लिए तैयार करने के निर्देश दिए।
56 कमरों वाला चार मंजिला हॉस्टल
निर्माणाधीन वर्किंग वूमेन हॉस्टल का कुल क्षेत्रफल लगभग 2900 वर्ग मीटर है। चार तल यानी जी+3 वाले इस भवन में कुल 56 कमरों का निर्माण किया जा रहा है।
इनमें 50 आवासीय कमरे और 6 कमरे प्रबंधन संबंधी कार्यों के लिए बनाए जा रहे हैं। आवासीय कमरों में डबल बेड की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अलावा हॉस्टल में दो डोर्मेट्री का भी निर्माण किया जा रहा है।
कामकाजी महिलाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक आवासीय कमरे में किचन प्लेटफॉर्म की व्यवस्था की जा रही है। हॉस्टल में सामूहिक उपयोग के लिए किचन और मेस की सुविधा भी प्रस्तावित है।
ओपन जिम, योग हॉल और बच्चों के लिए प्ले एरिया
हॉस्टल को केवल आवास की सुविधा तक सीमित नहीं रखा गया है, बल्कि कामकाजी महिलाओं की दैनिक जरूरतों और सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए कई आधुनिक सुविधाएं भी विकसित की जा रही हैं।
परिसर में ओपन जिम, योग हॉल और बच्चों के खेलने के लिए स्थान उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित आवास के साथ ही स्वास्थ्य, मनोरंजन और बच्चों की सुविधा से जुड़ी व्यवस्थाएं एक ही परिसर में मिल सकेंगी।
प्रदेश के चुनिंदा चार जिलों में हो रहा निर्माण
वर्किंग वूमेन हॉस्टल परियोजना को लेकर खास बात यह है कि प्रदेश के केवल चार जिलों में इस प्रकार के हॉस्टल का निर्माण किया जा रहा है। नर्मदापुरम जिले में इस परियोजना को मध्यप्रदेश शासन द्वारा Scheme for Special Assistance to States for Capital Investment 2024-25 के अंतर्गत स्वीकृति प्रदान की गई है।
परियोजना के भवन के लिए लगभग 10.77 करोड़ रुपये की प्रशासकीय स्वीकृति प्रदान की गई है। निर्माण कार्य मध्यप्रदेश पुलिस आवास एवं अधोसंरचना विकास निगम, भोपाल द्वारा कराया जा रहा है।
परियोजना पूरी होने के बाद नर्मदापुरम में नौकरी अथवा रोजगार के लिए रहने वाली कामकाजी महिलाओं को सुरक्षित और सुविधाजनक आवास उपलब्ध हो सकेगा। खासतौर पर शहर में कार्यरत ऐसी महिलाओं के लिए यह सुविधा उपयोगी साबित होने की उम्मीद है, जिन्हें सुरक्षित आवास की तलाश रहती है।
कलेक्टर ने गुणवत्ता पर दिया विशेष जोर
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने निर्माण एजेंसी के अधिकारियों को निर्देशित किया कि हॉस्टल के शेष कार्यों को निर्धारित समयसीमा में पूरा किया जाए। उन्होंने निर्माण में इस्तेमाल होने वाली सामग्री की गुणवत्ता और कार्य की तकनीकी मानकों के अनुरूप निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि परियोजना का उद्देश्य कामकाजी महिलाओं को बेहतर और सुरक्षित आवास उपलब्ध कराना है, इसलिए भवन की गुणवत्ता और सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया जाना आवश्यक है।
निरीक्षण के दौरान पुलिस अधीक्षक साई कृष्ण एस. थोटा सहित संबंधित अधिकारी और निर्माण एजेंसी के अधिकारी उपस्थित रहे।
