Indore News:प्रेमानंद आश्रम पर चला बुलडोजर, अवैध निर्माण ध्वस्त; वृद्धा से मारपीट मामले के बाद प्रशासन की बड़ी कार्रवाई
इंदौर के बाणगंगा स्थित प्रेमानंद आश्रम के अवैध निर्माण पर नगर निगम ने बुलडोजर चलाया। वृद्धा से मारपीट मामले की जांच में बिना अनुमति आश्रम संचालन का खुलासा हुआ।


इंदौर। शहर के बाणगंगा क्षेत्र स्थित प्रेमानंद आश्रम पर सोमवार को नगर निगम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माण को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। यह वही परिसर था जहां हाल ही में एक नाबालिग द्वारा आश्रम में रह रही एक वृद्धा के साथ मारपीट का मामला सामने आया था। घटना के बाद प्रशासन ने आश्रम को सील कर जांच शुरू की थी।
अवैध हिस्से पर चला बुलडोजर
सोमवार दोपहर नगर निगम की रिमूवल गैंग पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। कार्रवाई से पहले अधिकारियों ने आश्रम में रखा सामान सुरक्षित बाहर निकलवाया। इसके बाद भवन को पूरी तरह खाली कराकर बुलडोजर की मदद से अवैध रूप से निर्मित हिस्से को ढहा दिया गया।
नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, जिस हिस्से को तोड़ा गया उसका न तो भवन निर्माण का नक्शा स्वीकृत था और न ही निर्माण की कोई वैध अनुमति ली गई थी।
जांच में सामने आईं कई अनियमितताएं
वृद्धा से मारपीट की घटना के बाद प्रशासन द्वारा की गई जांच में कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। अधिकारियों को पता चला कि आश्रम के संचालन के लिए किसी भी सक्षम विभाग से आवश्यक अनुमति नहीं ली गई थी। यहां तक कि संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों को भी इस क्षेत्र में इस तरह के आश्रम के संचालन की जानकारी नहीं थी।
आंगनवाड़ी भवन पर चल रहा था आश्रम
जांच में यह भी सामने आया कि जिस भवन में प्रेमानंद आश्रम संचालित किया जा रहा था, वह नगर निगम की पानी की टंकी परिसर में स्थित है और मूल रूप से आंगनवाड़ी केंद्र के लिए आवंटित किया गया था। आरोप है कि भवन पर कब्जा कर वहां आश्रम चलाया जा रहा था। इसके अलावा परिसर के पास अतिरिक्त कमरे भी अवैध रूप से बना लिए गए थे।
मारपीट की घटना के बाद हुई कार्रवाई
कुछ दिन पहले आश्रम में रह रहे एक नाबालिग पर एक वृद्धा के साथ मारपीट करने का आरोप लगा था। घटना सामने आने के बाद प्रशासन ने तत्काल आश्रम को सील कर दिया था। इसके बाद वहां रह रहे सभी बुजुर्गों को अन्य आश्रमों में स्थानांतरित किया गया, जबकि अस्वस्थ बुजुर्गों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।
प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच जारी है और आश्रम के संचालन में नियमों के उल्लंघन के संबंध में आगे भी आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।