घर की लाडली 'मिट्ठू' हुई लापता, तलाशने वाले को मिलेगा ₹50 हजार का इनाम; ई-रिक्शा से पूरे शहर में मुनादी
ग्वालियर में परिवार का पालतू मादा तोता 'मिट्ठू' तीन दिन से लापता है। सुरक्षित वापस लाने वाले को ₹50 हजार इनाम मिलेगा। ई-रिक्शा से पूरे शहर में मुनादी कराई जा रही है।


ग्वालियर। कहते हैं कि रिश्ते सिर्फ इंसानों से ही नहीं, बल्कि बेजुबान जीवों से भी ऐसे बन जाते हैं जो परिवार का हिस्सा बन जाते हैं। ग्वालियर के अलकापुरी-कलेक्ट्रेट रोड स्थित एनजी ग्रांड में रहने वाला एक परिवार इन दिनों इसी दर्द से गुजर रहा है। उनके घर की चहेती मादा तोता 'शकुंतला' उर्फ 'मिट्ठू' तीन दिन पहले अचानक उड़ गई और तब से पूरा परिवार उसकी तलाश में शहर की गलियां छान रहा है।
परिवार ने मिट्ठू को सुरक्षित वापस लाने वाले व्यक्ति के लिए 50 हजार रुपये के इनाम की घोषणा की है। उनका कहना है कि इनाम की राशि उनके लिए मायने नहीं रखती, बल्कि सबसे बड़ी खुशी तब होगी जब मिट्ठू सकुशल घर लौट आएगी।
परिवार के सदस्य अनिल ओझा ने बताया कि करीब एक साल पहले मिट्ठू उनके घर आई थी। धीरे-धीरे वह परिवार का अभिन्न हिस्सा बन गई। खास बात यह रही कि उसे कभी पिंजरे में बंद नहीं रखा गया। वह पूरे घर में पूरी आजादी से रहती थी और परिवार के सदस्यों की आवाज सुनते ही उनके कंधे या हाथ पर आकर बैठ जाती थी। उसकी चहचहाहट से घर की सुबह और शाम गुलजार रहती थी।
खुली खिड़की बनी बिछड़ने की वजह
सोमवार को घर की एक खिड़की खुली रह गई, जिससे मिट्ठू उड़कर बाहर निकल गई। शुरुआत में परिवार को उम्मीद थी कि वह कुछ देर बाद वापस लौट आएगी, लेकिन कई घंटे बीत जाने के बाद भी उसके नहीं लौटने पर चिंता बढ़ गई। इसके बाद रिश्तेदारों, पड़ोसियों और आसपास के इलाकों में उसकी तलाश शुरू की गई, लेकिन अब तक कोई सफलता नहीं मिल सकी।
बुजुर्ग मां और बेटी सबसे ज्यादा परेशान
मिट्ठू के गायब होने का सबसे ज्यादा असर घर की बुजुर्ग मां और छोटी बेटी पर पड़ा है। परिवार का कहना है कि दोनों उससे बेहद जुड़ी हुई थीं। उसके जाने के बाद उन्होंने ठीक से खाना-पीना भी छोड़ दिया है और हर वक्त दरवाजे की ओर उम्मीद भरी नजरों से देखती रहती हैं कि शायद मिट्ठू वापस लौट आए।
ई-रिक्शा से कराई जा रही मुनादी
मिट्ठू की तलाश के लिए परिवार ने अनोखा अभियान शुरू किया है। उसकी तस्वीर और पहचान वाले पोस्टर तैयार कराकर ई-रिक्शा के जरिए पूरे शहर में मुनादी कराई जा रही है। पिछले तीन दिनों में इस अभियान पर करीब 8 हजार रुपये खर्च किए जा चुके हैं। ई-रिक्शा चालक रोज कई घंटों तक अलग-अलग कॉलोनियों, बाजारों और सार्वजनिक स्थानों पर लोगों से अपील कर रहा है कि यदि कहीं यह तोता दिखाई दे तो तुरंत परिवार को सूचना दें।
परिवार की अपील
परिवार ने शहरवासियों से अपील की है कि यदि किसी को हरे रंग की पालतू मादा तोता 'मिट्ठू' दिखाई दे या उसके बारे में कोई जानकारी मिले, तो तत्काल परिवार को सूचना दें। उनका कहना है कि यह सिर्फ एक पक्षी नहीं, बल्कि उनके परिवार का सदस्य है और उसकी सुरक्षित वापसी ही उनके लिए सबसे बड़ा पुरस्कार होगी।
