माखननगर पुलिस ने 48 घंटे में सुलझाया अंधा कत्ल, महिला की हत्या के आरोप में 48 वर्षीय आरोपी गिरफ्तार
नर्मदापुरम के माखननगर में आशाबाई हत्याकांड का पुलिस ने 48 घंटे में खुलासा किया। पुलिस के अनुसार राजेश उर्फ मटरू यादव को हत्या के आरोप में गिरफ्तार किया गया।


नर्मदापुरम। माखननगर थाना क्षेत्र के ग्राम मांगरोल में महिला की हत्या के मामले का पुलिस ने 48 घंटे के भीतर खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के मुताबिक, आशाबाई पति लीलाधर यादव की धारदार हथियार से हत्या के मामले में ग्राम मांगरोल निवासी राजेश उर्फ मटरू यादव (48) को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी को 13 सितंबर 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
पुलिस के अनुसार, 11 सितंबर को ग्राम मांगरोल निवासी आशाबाई का शव सांगाखेड़ा कला रोड पर खेत के पास मिलने की सूचना मिली थी। सूचना पर माखननगर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और प्रारंभिक जांच शुरू की।
पहले मर्ग, फिर हत्या का मामला दर्ज
मृतिका के पति लीलाधर यादव द्वारा घटना की सूचना दिए जाने के बाद पुलिस ने मर्ग क्रमांक 82/2026, धारा 194 बीएनएसएस के तहत जांच शुरू की। पुलिस टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और आवश्यक साक्ष्य जुटाए। शव का विधिवत परीक्षण एवं पोस्टमार्टम कराया गया तथा घटनास्थल की फॉरेंसिक जांच भी कराई गई।
पुलिस के मुताबिक, मर्ग जांच के दौरान घटनास्थल की परिस्थितियों, मृतिका के शरीर पर मिले चोटों और प्रारंभिक साक्ष्यों से किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा धारदार हथियार से हमला किए जाने की बात सामने आई। इसके बाद माखननगर थाने में अपराध क्रमांक 698/2026, धारा 103(1) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत हत्या का प्रकरण दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
आरोपी अज्ञात था, गांव में तैनात की गई पुलिस टीम
घटना में आरोपी के अज्ञात होने के कारण पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए अलग-अलग बिंदुओं पर जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक नर्मदापुरम साईकृष्णा एस. थोटा (IPS) ने जल्द से जल्द घटना का खुलासा कर आरोपी की गिरफ्तारी के निर्देश दिए।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अभिषेक राजन और एसडीओपी सोहागपुर अरविन्द शाह के निर्देशन में थाना प्रभारी माखननगर निरीक्षक कंचनसिंह ठाकुर के नेतृत्व में पुलिस टीम गठित की गई।
पुलिस के अनुसार, एक टीम को गांव में तैनात कर गोपनीय तरीके से घटना और संदिग्ध आरोपी के संबंध में जानकारी जुटाई गई। टीम ने घटनास्थल और आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण करने के साथ मृतिका की दिनचर्या, घटना से पहले की गतिविधियों और उसके संपर्क में रहे लोगों के संबंध में जानकारी जुटाई।
पूछताछ और साक्ष्यों के आधार पर राजेश की भूमिका संदिग्ध
पुलिस का कहना है कि ग्राम मांगरोल और आसपास लगातार सर्चिंग के दौरान प्राप्त सूचनाओं और साक्ष्यों का आपस में मिलान किया गया। विवेचना में राजेश उर्फ मटरू पिता रामस्नेही यादव, उम्र 48 वर्ष की भूमिका संदिग्ध पाई गई।
इसके बाद पुलिस ने संदेही को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ और विवेचना में सामने आया कि आरोपी का मृतिका से पहले से परिचय था। दोनों के बीच संबंधों को लेकर विवाद की स्थिति बनी हुई थी।
पुलिस के अनुसार, मृतिका द्वारा आरोपी से रुपये मांगे जाने और रुपये नहीं देने पर उसे किसी प्रकरण में फंसाने की धमकी दिए जाने को लेकर दोनों के बीच विवाद चल रहा था।
खेत जाते समय रास्ते में हुआ विवाद, पुलिस के अनुसार चाकू से हमला
पुलिस के मुताबिक, 11 सितंबर की सुबह आरोपी और मृतिका के बीच पहले भी विवाद हुआ था। इसके बाद करीब सुबह 9:30 बजे, जब आशाबाई अपने खेत की ओर जा रही थीं, उसी दौरान रास्ते में दोनों का दोबारा आमना-सामना हुआ और विवाद हो गया।
पुलिस का दावा है कि आरोपी अपने घर से धारदार हथियार लेकर आया था और उसने रास्ते में आशाबाई को रोककर हमला कर दिया। पुलिस के अनुसार, महिला के पेट, छाती और पैरों पर चाकू से कई वार किए गए, जिससे उनकी मौत हो गई। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।
13 सितंबर को गिरफ्तारी
विवेचना के दौरान सामने आए तथ्यों और पुलिस पूछताछ के आधार पर राजेश उर्फ मटरू यादव की कथित संलिप्तता सामने आने के बाद पुलिस ने उसे 13 सितंबर 2026 को ग्राम मांगरोल से गिरफ्तार किया। इसके बाद आरोपी को विधिवत न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
पुलिस ने बताया कि मामले में विवेचना जारी है और घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच की जा रही है।
इन पुलिसकर्मियों की रही सराहनीय भूमिका
मामले के खुलासे में थाना प्रभारी निरीक्षक कंचनसिंह ठाकुर, उनि. आकाशदीप पचाया, उनि. अशोक वरबडे, सउनि. गोपाल पाल, प्र.आर. तरुण चंदेल, प्र.आर. सुनील नागले, प्र.आर. हरीश मालवीय, आर. शुभम राय, आर. रविन्द्र, म.आर. सलोनी खोरे, म.आर. स्वाति, साइबर सेल आरक्षक संदीप यदुवंशी, प्रशांत राजपूत और सागर कुशवाहा की भूमिका रही।

