Eye Care Tips: कम उम्र में आंखों के आसपास झुर्रियां क्यों आती हैं? जानें डर्मेटोलॉजिस्ट के आसान उपाय
कम उम्र में आंखों के आसपास झुर्रियां दिख रही हैं? जानिए डर्मेटोलॉजिस्ट डॉ. आंचल पंथ के बताए आसान उपाय, जो फाइन लाइन्स और झुर्रियों को कम करने में मदद कर सकते हैं।

लाइफस्टाइल। चेहरे और आंखों के आसपास झुर्रियां आना बढ़ती उम्र का एक सामान्य हिस्सा माना जाता है। उम्र बढ़ने के साथ त्वचा में कोलेजन और इलास्टिन का स्तर कम होने लगता है, जिससे त्वचा अपनी कसावट खोने लगती है और फाइन लाइन्स व झुर्रियां दिखाई देने लगती हैं। लेकिन यदि कम उम्र में ही आंखों के आसपास झुर्रियां नजर आने लगें, तो यह त्वचा की देखभाल में कमी या कुछ गलत आदतों का संकेत भी हो सकता है।
डर्मफॉलिक्स हेयर ट्रांसप्लांट एंड स्किन क्लिनिक की फाउंडर, एमबीबीएस, एमडी, डर्मेटोलॉजिस्ट एवं एस्थेटिक फिजिशियन डॉ. आंचल पंथ के अनुसार, समय रहते कुछ आसान आदतों को अपनाकर आंखों के आसपास बनने वाली झुर्रियों को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है।
कम उम्र में क्यों आती हैं आंखों के आसपास झुर्रियां?
आंखों के आसपास की त्वचा चेहरे के अन्य हिस्सों की तुलना में अधिक पतली और नाजुक होती है। यही कारण है कि यहां उम्र बढ़ने के संकेत सबसे पहले दिखाई देने लगते हैं। हालांकि सिर्फ उम्र ही इसका कारण नहीं है, बल्कि बार-बार आंखें मलना, त्वचा का सूखापन, धूप से बचाव न करना, एलर्जी और लगातार आंखें सिकोड़कर देखने जैसी आदतें भी समय से पहले झुर्रियों का कारण बन सकती हैं।
आंखों को बार-बार रगड़ने से बचें
विशेषज्ञों के अनुसार, कई लोग खुजली या थकान होने पर बार-बार आंखें रगड़ते हैं। ऐसा करने से आंखों के आसपास की नाजुक त्वचा पर अनावश्यक दबाव पड़ता है, जिससे कोलेजन और इलास्टिन को नुकसान पहुंच सकता है।
इस आदत के कारण समय से पहले फाइन लाइन्स और झुर्रियां उभर सकती हैं। इसलिए आंखों को बार-बार रगड़ने से बचना चाहिए।
आंखों की एलर्जी का समय पर कराएं इलाज
यदि आंखों में लगातार खुजली, जलन, पानी आना या एलर्जी की समस्या बनी रहती है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
एलर्जी के कारण लोग अनजाने में बार-बार आंखें मलते हैं, जिससे त्वचा को नुकसान पहुंचता है। ऐसे में नेत्र रोग विशेषज्ञ या त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेकर उचित इलाज कराना जरूरी है।
जरूरत पड़ने पर सही नंबर का चश्मा पहनें
विशेषज्ञों का कहना है कि 40 वर्ष की उम्र के बाद यदि देखने में परेशानी हो रही है और फिर भी चश्मा नहीं पहना जा रहा है, तो व्यक्ति बार-बार आंखें सिकोड़कर देखने लगता है।
लगातार ऐसा करने से आंखों के किनारों पर फाइन लाइन्स और झुर्रियां तेजी से बढ़ सकती हैं। इसलिए डॉक्टर की सलाह के अनुसार सही नंबर का चश्मा या कॉन्टैक्ट लेंस का इस्तेमाल करना चाहिए।
रोजाना करें मॉइश्चराइज़र या आई क्रीम का इस्तेमाल
आंखों के आसपास की त्वचा को हाइड्रेटेड रखना बेहद जरूरी है। इसके लिए रोजाना अच्छी गुणवत्ता वाला मॉइश्चराइज़र या आई क्रीम लगानी चाहिए।
त्वचा में पर्याप्त नमी बनी रहने से उसकी लोच बेहतर रहती है और झुर्रियां कम दिखाई देने में मदद मिल सकती है।
झुर्रियों से बचाव के लिए अपनाएं ये अतिरिक्त आदतें
रोजाना सनस्क्रीन का इस्तेमाल करें।
पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
विटामिन-सी और एंटीऑक्सीडेंट युक्त आहार लें।
पर्याप्त नींद लें।
धूम्रपान और अत्यधिक शराब के सेवन से बचें।
त्वचा की नियमित देखभाल करें।
कब लें डॉक्टर की सलाह?
यदि कम उम्र में ही आंखों के आसपास झुर्रियां तेजी से बढ़ रही हों, त्वचा बहुत अधिक ढीली महसूस हो रही हो या इसके साथ अन्य त्वचा संबंधी समस्याएं भी दिखाई दें, तो स्वयं उपचार करने के बजाय त्वचा विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर होता है।
Disclaimer: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। Denvapost.com किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

