क्या भारत में बदल गया वाहन खरीदने का तरीका? EV बिक्री 53% बढ़ी, कमर्शियल सेगमेंट ने चौंकाया
सालाना बिक्री में 52.9% की जोरदार बढ़ोतरी, कुल ऑटो रिटेल में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी 12.3%; कमर्शियल EV की बिक्री करीब तीन गुना बढ़ी


नई दिल्ली। भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की खुदरा बिक्री ने अगस्त 2026 में सालाना आधार पर शानदार प्रदर्शन किया है। फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशंस (FADA) के आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त में देशभर में कुल 2,98,448 इलेक्ट्रिक वाहनों की खुदरा बिक्री दर्ज की गई। यह अगस्त 2025 में हुई बिक्री के मुकाबले 52.9 प्रतिशत अधिक है।
इलेक्ट्रिक वाहनों की बढ़ती मांग का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि अगस्त 2026 में कुल ऑटो रिटेल में EV की हिस्सेदारी बढ़कर 12.3 प्रतिशत हो गई। अगस्त 2025 में यह हिस्सेदारी 9.5 प्रतिशत थी।
हालांकि, महीने-दर-महीने आधार पर तस्वीर थोड़ी अलग रही। जुलाई 2026 में 3,27,901 इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री हुई थी, जबकि अगस्त में यह आंकड़ा घटकर 2,98,448 यूनिट रह गया। यानी जुलाई की तुलना में कुल EV रिटेल में करीब 9 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

क्या अगस्त EV बिक्री के लिए रहा रिकॉर्ड महीना?
मासिक बिक्री में गिरावट के बावजूद FADA के अध्यक्ष साई गिरिधर के मुताबिक अगस्त 2026 इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के लिए अब तक का सबसे मजबूत अगस्त रहा।
उनके अनुसार, अगस्त में इलेक्ट्रिक वाहनों की चारों प्रमुख श्रेणियों—इलेक्ट्रिक दोपहिया, इलेक्ट्रिक तीन-पहिया, इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल और इलेक्ट्रिक कमर्शियल व्हीकल—ने अगस्त महीने के लिए नया रिकॉर्ड बनाया।
इसका मतलब है कि जुलाई की तुलना में बिक्री कम होने के बावजूद इलेक्ट्रिक वाहनों की सालाना मांग और बाजार में उनकी हिस्सेदारी लगातार मजबूत बनी हुई है।
इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री 67% बढ़ी
इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में सबसे बड़ा योगदान दोपहिया वाहनों का रहा। अगस्त 2026 में 1,83,204 इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की खुदरा बिक्री हुई।
अगस्त 2025 के मुकाबले इसमें 67.05 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। हालांकि, जुलाई 2026 की तुलना में इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहनों की बिक्री 10.35 प्रतिशत कम रही।
दोपहिया वाहन बाजार में EV की हिस्सेदारी अगस्त में बढ़कर 10.7 प्रतिशत हो गई, जबकि अगस्त 2025 में यह 7.7 प्रतिशत थी। हालांकि जुलाई 2026 में दर्ज 11.2 प्रतिशत हिस्सेदारी की तुलना में अगस्त में मामूली कमी आई।

तीन-पहिया वाहनों में EV की पकड़ मजबूत
इलेक्ट्रिक तीन-पहिया वाहनों ने भी अगस्त में मजबूत प्रदर्शन किया। इस सेगमेंट में कुल 79,846 यूनिट की खुदरा बिक्री दर्ज की गई।
अगस्त 2025 की तुलना में इलेक्ट्रिक तीन-पहिया वाहनों की बिक्री 25.28 प्रतिशत अधिक रही। हालांकि जुलाई के मुकाबले इसमें 8.28 प्रतिशत की मासिक गिरावट दर्ज की गई।
इसके बावजूद तीन-पहिया वाहन बाजार में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी लगातार बढ़ रही है। अगस्त में कुल तीन-पहिया वाहन रिटेल में EV की हिस्सेदारी 65.3 प्रतिशत रही, जबकि अगस्त 2025 में यह 56.6 प्रतिशत थी।
यानी तीन-पहिया वाहन सेगमेंट में इलेक्ट्रिक मॉडल अब पारंपरिक ईंधन वाले वाहनों को मजबूत चुनौती दे रहे हैं।
पैसेंजर EV की बिक्री 51.89% बढ़ी
इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल सेगमेंट में भी अगस्त के दौरान मजबूत सालाना वृद्धि देखने को मिली। अगस्त 2026 में कुल 30,696 इलेक्ट्रिक पैसेंजर व्हीकल बिके।
यह अगस्त 2025 की तुलना में 51.89 प्रतिशत अधिक है। हालांकि जुलाई 2026 की तुलना में पैसेंजर EV रिटेल में 6.78 प्रतिशत की गिरावट आई।
कुल पैसेंजर व्हीकल रिटेल में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी अगस्त में 7.6 प्रतिशत रही। एक साल पहले यह हिस्सेदारी 5.8 प्रतिशत थी।
यह बढ़ोतरी संकेत देती है कि इलेक्ट्रिक कारों और अन्य पैसेंजर EV की स्वीकार्यता भारतीय ग्राहकों के बीच धीरे-धीरे बढ़ रही है।

कमर्शियल EV ने बनाया सबसे बड़ा रिकॉर्ड
अगस्त में इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहन सबसे तेज गति से बढ़ने वाला प्रमुख EV सेगमेंट रहा। इस श्रेणी में 4,702 यूनिट की खुदरा बिक्री दर्ज की गई।
खास बात यह है कि अगस्त 2025 की तुलना में बिक्री में 188.3 प्रतिशत की जबरदस्त वृद्धि हुई। वहीं जुलाई 2026 के मुकाबले भी इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहनों की बिक्री 32.23 प्रतिशत बढ़ी।
यह इस सेगमेंट का अब तक का सबसे ऊंचा मासिक बिक्री स्तर बताया गया है।
कमर्शियल व्हीकल रिटेल में EV की हिस्सेदारी भी तेजी से बढ़ी है। अगस्त 2026 में यह हिस्सेदारी 5.18 प्रतिशत तक पहुंच गई, जबकि अगस्त 2025 में यह महज 2.06 प्रतिशत थी।
FADA अध्यक्ष साई गिरिधर के मुताबिक, 4,702 इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहनों की बिक्री इस सेगमेंट का अब तक का सबसे अच्छा महीना है। सालाना आधार पर बिक्री करीब तीन गुना होने के साथ बाजार हिस्सेदारी में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है।
क्या EV बाजार नए स्तर पर पहुंच गया?
अगस्त के आंकड़ों से संकेत मिलता है कि भारतीय इलेक्ट्रिक वाहन बाजार अब केवल शुरुआती दौर की तेज वृद्धि तक सीमित नहीं है, बल्कि धीरे-धीरे एक नए और बड़े बाजार स्तर पर पहुंच रहा है।
कुल वाहन खुदरा बिक्री में नरमी के बावजूद EV की बिक्री रिकॉर्ड के आसपास बनी हुई है। FADA ने मौजूदा स्थिति को इलेक्ट्रिक मोबिलिटी के “नए प्लेटो” पर पहुंचने और वहां मजबूत होने के संकेत के रूप में देखा है।
हालांकि, जुलाई से अगस्त के बीच ज्यादातर प्रमुख EV सेगमेंट में आई मासिक गिरावट यह भी बताती है कि बाजार में अभी मौसमी प्रभाव और महीने-दर-महीने उतार-चढ़ाव मौजूद हैं।
फिर भी सालाना आधार पर 52.9 प्रतिशत की कुल वृद्धि और ऑटो रिटेल में EV की 12.3 प्रतिशत हिस्सेदारी यह संकेत देती है कि भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी अब मुख्यधारा के ऑटोमोबाइल बाजार में अपनी जगह लगातार मजबूत कर रही है।
