भोपाल में अकीदत और उल्लास के साथ मनाई गई ईद-उल-फितर, नमाज के लिए उमड़ा जनसैलाब
भोपाल समेत पूरे मध्य प्रदेश में रमजान के 30 रोजे पूरे होने के बाद शनिवार को ईद-उल-फितर का त्योहार पूरे जोश और अकीदत के साथ मनाया गया। चांद नजर नहीं आने के बाद शहर काजी सैयद मुश्ताक अली नदवी के ऐलान के अनुसार आज ईद मनाई गई। भोपाल समेत पूरे मध्य प्रदेश में रमज…


भोपाल समेत पूरे मध्य प्रदेश में रमजान के 30 रोजे पूरे होने के बाद शनिवार को ईद-उल-फितर का त्योहार पूरे जोश और अकीदत के साथ मनाया गया। चांद नजर नहीं आने के बाद शहर काजी सैयद मुश्ताक अली नदवी के ऐलान के अनुसार आज ईद मनाई गई।
भोपाल समेत पूरे मध्य प्रदेश में रमजान के 30 रोजे पूरे होने के बाद शनिवार को ईद-उल-फितर का त्योहार पूरे जोश और अकीदत के साथ मनाया गया। चांद नजर नहीं आने के बाद शहर काजी सैयद मुश्ताक अली नदवी के ऐलान के अनुसार आज ईद मनाई गई।
नमाज के दौरान उमड़ी भारी भीड़सुबह से ही शहर की ईदगाह और मस्जिदों में नमाज अदा करने के लिए हजारों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। ईदगाह भोपाल में सुबह 7:30 बजे पहली नमाज अदा की गई। इसके बाद जामा मस्जिद भोपाल में 7:45 बजे, ताज-उल मसाजिद में 8 बजे और मोती मस्जिद भोपाल में 8:15 बजे नमाज अदा की गई।
भीड़ इतनी अधिक रही कि कई स्थानों पर मस्जिदों के अंदर जगह कम पड़ गई और श्रद्धालुओं को सड़कों पर ही नमाज अदा करनी पड़ी। पूरे शहर में ईद की रौनक और भाईचारे का माहौल देखने को मिला।
सुरक्षा के कड़े इंतजामत्योहार के मद्देनजर शहर के प्रमुख इलाकों में पुलिस बल तैनात रहा। ईदगाह और बड़ी मस्जिदों के आसपास सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए, ताकि आयोजन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके।
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फित्रा अदा करने की अपीलमस्जिद कमेटियों ने नमाज से पहले फित्रा अदा करने की अपील की। गेहूं के हिसाब से प्रति व्यक्ति करीब 70 रुपए फित्रा तय किया गया, जबकि चांदी के भाव के अनुसार यह राशि अधिकतम 1650 रुपए तक हो सकती है।
सकलैनी जामा मस्जिद में हर साल की तरह इस बार भी दो जमात में नमाज अदा की गई—पहली 7:45 बजे और दूसरी 8:30 बजे। यहां बड़ी संख्या में दूर-दराज से लोग पहुंचे, जिससे पूरे इलाके में उत्सव का माहौल बना रहा।
अलविदा जुमा का विशेष महत्वरमजान का आखिरी शुक्रवार यानी अलविदा जुमा इस्लाम में विशेष महत्व रखता है। यह रमजान की विदाई का प्रतीक होता है और लोगों को इबादत, संयम और नेक कार्यों को जीवन में बनाए रखने का संदेश देता है। इस दिन बड़ी संख्या में लोगों ने जकात और सदका भी अदा किया।
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ट्रैफिक डायवर्जन और बाजारों में रौनकभीड़ को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने सुबह 6 बजे से 11 बजे तक कई मार्गों पर डायवर्जन लागू किया और लोगों को वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करने की सलाह दी।
ईद से पहले पुराने भोपाल के बाजार पूरी तरह सज गए थे। कपड़े, मिठाई और सेवइयों की दुकानों पर देर रात तक भीड़ रही, जिससे त्योहार का उत्साह चरम पर पहुंच गया।
ईद के इस पावन अवसर पर पूरे शहर में भाईचारे, प्रेम और सौहार्द का संदेश देखने को मिला।