चौतलाय मूंग उपार्जन केंद्र वेयरहाउस संचालक और समिति प्रबंधक को नोटिस के निर्देश!
नर्मदापुरम के चौतलाय मूंग उपार्जन केंद्र का कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने औचक निरीक्षण किया। अव्यवस्थाओं पर नाराजगी जताते हुए वेयरहाउस संचालक व समिति प्रबंधक को नोटिस के निर्देश दिए।


नर्मदापुरम। जिले में समर्थन मूल्य (MSP) पर मूंग उपार्जन के दौरान किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसे लेकर कलेक्टर सोमेश मिश्रा लगातार उपार्जन केंद्रों का निरीक्षण कर रहे हैं। शुक्रवार को उन्होंने सिवनी मालवा विकासखंड के चौतलाय स्थित साईं कृपा वेयरहाउस में संचालित मूंग उपार्जन केंद्र का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान केंद्र पर कई गंभीर अव्यवस्थाएं मिलने पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई और संबंधित अधिकारियों व वेयरहाउस संचालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान स्पष्ट कहा कि किसानों की सुविधा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उपार्जन केंद्रों पर किसी भी प्रकार की लापरवाही, अव्यवस्था या किसानों के हितों की अनदेखी को किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
वेयरहाउस संचालक के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश
निरीक्षण के दौरान पाया गया कि वेयरहाउस परिसर में व्यवस्थाएं पूरी तरह अस्त-व्यस्त थीं। मुख्य प्रवेश द्वार पर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को व्यवस्थित ढंग से कतारबद्ध नहीं कराया जा रहा था, जिससे किसानों को अपनी उपज लेकर घंटों इंतजार करना पड़ रहा था।
इसके अलावा वेयरहाउस तक पहुंचने वाले मार्ग पर बड़े-बड़े गड्ढे और जलभराव की स्थिति भी देखने को मिली। खराब सड़क के कारण किसानों को मूंग से भरी ट्रॉलियां लेकर आने-जाने में काफी परेशानी उठानी पड़ रही थी।
इन कमियों को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने संबंधित वेयरहाउस संचालक के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई का प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
समिति प्रबंधक को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश
निरीक्षण में यह भी सामने आया कि सिवनी मालवा विपणन संघ (मार्केटिंग समिति) द्वारा संचालित खरीदी केंद्र पर पर्याप्त संख्या में तौल कांटे उपलब्ध नहीं थे, जिससे उपार्जन कार्य प्रभावित हो रहा था और किसानों को अनावश्यक रूप से लंबा इंतजार करना पड़ रहा था।
इस पर कलेक्टर ने खरीदी प्रक्रिया में लापरवाही मानते हुए समिति प्रबंधक को कारण बताओ सूचना पत्र जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही परिसर में मौजूद अन्य अव्यवस्थाओं की विस्तृत जांच कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।
पहले भी जारी हुआ था नोटिस, फिर भी नहीं सुधरी व्यवस्था
निरीक्षण के दौरान एसडीएम सिवनी मालवा विजय राय ने कलेक्टर को बताया कि साईं कृपा वेयरहाउस की अव्यवस्थाओं को लेकर पूर्व में भी वेयरहाउस संचालक को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। इसके बावजूद अब तक कोई प्रभावी सुधार नहीं किया गया।
यह जानकारी मिलने पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त करते हुए अधिकारियों से कहा कि जब पूर्व में नोटिस जारी होने के बाद भी सुधार नहीं हुआ तो अब नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
किसानों ने बताई अपनी समस्याएं
निरीक्षण के दौरान मौजूद किसानों ने भी कलेक्टर को अपनी परेशानियों से अवगत कराया। किसानों ने बताया कि खरीदी केंद्र पर पीने के पानी, बैठने की व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाओं का अभाव है। साथ ही ट्रॉलियों की लंबी कतार और धीमी तुलाई के कारण उन्हें घंटों इंतजार करना पड़ता है।
कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसानों की सभी समस्याओं का तत्काल समाधान किया जाए और उपार्जन केंद्रों पर आवश्यक सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं।
तुलाई में देरी पर पंचनामा बनाने के निर्देश
खरीदी केंद्र पर तुलाई कार्य में अनावश्यक विलंब पाए जाने पर कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने अधिकारियों को तत्काल पंचनामा तैयार करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि किसी भी केंद्र पर जानबूझकर देरी या लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर बोले— किसानों के हितों से समझौता नहीं
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने दो टूक कहा कि समर्थन मूल्य पर खरीदी का उद्देश्य किसानों को समय पर और पारदर्शी व्यवस्था उपलब्ध कराना है। यदि किसी भी उपार्जन केंद्र पर किसानों को अनावश्यक परेशान किया गया या व्यवस्थाओं में लापरवाही बरती गई तो संबंधित अधिकारियों और संचालकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने निर्देश दिए कि सभी उपार्जन केंद्रों पर ट्रैक्टर-ट्रॉलियों की सुव्यवस्थित पार्किंग, तौल की पर्याप्त व्यवस्था, साफ-सफाई, पेयजल और अन्य मूलभूत सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराई जाएं, ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) हिमांशु जैन, एसडीएम सिवनी मालवा विजय राय सहित संबंधित विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। अधिकारियों को मौके पर ही सभी कमियां दूर करने और उपार्जन व्यवस्था को सुचारु बनाने के निर्देश दिए गए।