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मध्यप्रदेश · 24-03-2025

Bhopal News : मप्र हाईकोर्ट ऐशबाग में चर्चित फर्जी कॉल सेंटर रिश्वत कांड से जुड़े मामले में अग्रिम जमानत

राजधानी भोपाल के बहुचर्चित फर्जी कॉल सेंटर रिश्वतकांड मामले में तत्कालीन थाना प्रभारी जितेन्द्र गढ़वाल को हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत का लाभ मिल गया है। हाईकोर्ट जस्टिस एमएस भट्टी ने पाया कि फरार एएसआई पवन रघुवंशी के मेमोरेंडम के आधार पर थाना प्रभारी को आरोपी बन…

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समाचार डेस्क · 24-03-2025
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Bhopal News : मप्र हाईकोर्ट ऐशबाग में चर्चित फर्जी कॉल सेंटर रिश्वत कांड से जुड़े मामले में अग्रिम जमानत

राजधानी भोपाल के बहुचर्चित फर्जी कॉल सेंटर रिश्वतकांड मामले में तत्कालीन थाना प्रभारी जितेन्द्र गढ़वाल को हाईकोर्ट से अग्रिम जमानत का लाभ मिल गया है। हाईकोर्ट जस्टिस एमएस भट्टी ने पाया कि फरार एएसआई पवन रघुवंशी के मेमोरेंडम के आधार पर थाना प्रभारी को आरोपी बनाया गया था। आरोपी थाना प्रभारी ने उक्त एएसआई की कार्य प्रणाली की शिकायत डीसीपी से की थी।

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गौरतलब है कि विगत पांच मार्च को फर्जी कॉल सेंटर मामले में तीन आरोपियों को बचाने के लिए एएसआई पवन रघुवंशी को चार लाख 95 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया था। आरोपी एएसआई ने अपने मेमोरेंडम में बताया था कि वह थाना प्रभारी जितेन्द्र गढ़वाल के निर्देश पर रिश्वत ले रहा था। आरोपी एएसआई पुलिस अभिरक्षा से फरार हो गया था। ऐशबाग थाने में तत्कालीन थाना प्रभारी जितेन्द्र गढ़वाल सहित अन्य के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया था। जिला न्यायालय के द्वारा तत्कालीन थाना प्रभारी की अग्रिम जमानत याचिका दायर खारिज कर दी गयी थी।

उसके बाद तत्कालीन थाना प्रभारी ने अग्रिम जमानत के लिए हाईकोर्ट की शरण ली थी। अग्रिम जमानत आवेदन की सुनवाई के दौरान एकलपीठ को बताया गया कि प्रकरण में मुख्य आरोपी एएसआई पवन रघुवंशी सहित पार्षद अंशुल जैन, प्रधान आरक्षक धर्मेंद्र, फर्जी कॉल सेंटर के मास्टर माइंड अफजल खान का साले मोइन खान फरार चल रहे हैं।

आवेदन टीआई ने फरवरी माह में एएसआई की अनैतिक गतिविधियों की शिकायत फरवरी माह में की गयी थी, जिसके कारण एएसआई के खिलाफ कार्रवाई की गयी थी। घटना के दो दिन पूर्व भी आवेदन ने डीसीपी से प्रकरण में मुख्य आरोपी एएसआई की शिकायत की थी। रिश्वत लेते पकड़े जाने पर उसने बदला लेने के लिए मेमोरेंडम में आवेदन का नाम लिया था। एकलपीठ ने सुनवाई के बाद आवेदक को अग्रिम जमानत का लाभ प्रदान कर दिया। आवेदक की तरफ से अधिवक्ता पंखुड़ी विश्वकर्मा ने पैरवी की।

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