Bhopal News : 2015 में पटाखा फैक्ट्री को माना गया था अवैध, तब इंस्पेक्टर नहीं पहुंचे कोर्ट अब निलंबन की कार्यवाही
वल्लभ भवन, भोपाल - फोटो : सोशल मीडिया श्रम विभाग औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा सागर संभाग के सहायक संचालक और कारखाना निरीक्षक नवीन कुमार बरवा को निलंबित कर दिया है। हरदा पटाखा फैक्ट्री में अवैध कारोबार होने का केस लगाने के बाद निरीक्षक गवाही के लिए ही नही…


वल्लभ भवन, भोपाल
- फोटो : सोशल मीडिया
श्रम विभाग औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा सागर संभाग के सहायक संचालक और कारखाना निरीक्षक नवीन कुमार बरवा को निलंबित कर दिया है। हरदा पटाखा फैक्ट्री में अवैध कारोबार होने का केस लगाने के बाद निरीक्षक गवाही के लिए ही नहीं पहुंचा था। अब उसको निलंबित करने की कार्रवाई की गई है। हरदा पटाखा फैक्ट्री को 2015 में निरीक्षण के दौरान अवैध होने का न्यायिक मजिस्ट्रेट हरदा के समक्ष केस लगाने और फिर समन के बाद भी पेशी पर ही नहीं जाने वाले कारखाना निरीक्षक नवीन कुमार बरवा को राज्य शासन ने निलंबित कर दिया है। निलंबन के दौरान बरवा मुख्यालय संचालनालय कार्यालय औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा इंदौर में रहेंगे। इस संबंध में श्रम विभाग विभाग की तरफ से गुरुवार को आदेश जारी कर दिए गए।
9 साल पहले निरीक्षण माना अवैध
औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा सागर संभाग के सहायक संचालक और कारखाना निरीक्षक नवीन कुमार बरवा ने 5 जुलाई 2015 और 8 जुलाई 2015 को बरवा ने हरदा मगरधा रोड़ बैरागढ़ ग्राम के अग्रवाल फायर वर्क्स का निरीक्षण किया था। इसमें फैक्ट्री का संचालन बिना लाइसेंस के साथ विस्फोटक सामग्री का निर्माण एवं भंडारण और अग्निशामक सुरक्षा यंत्रों की उपलब्धता नियमानुसार नहीं रखने तथा अग्नि दुर्घटना को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं का अभाव तथा अनुमोदित इमरजेंसी प्लान नहीं होने के प्रावधानों का उल्लंघन पाया था। इस मामले में कारखाना अधिनियम 1948 की धारा 6 एवं 7 सपठित मप्र कारखाना नियमावली 1962 की धारा 92 के अधीन दण्डीयन मामला पाए जाने पर राजेश अग्रवाल कारखाना प्रबंधक एवं अन्य के खिलाफ मुख्य न्यायिक मजिस्टेट हरदा के समक्ष केस लगाया था।
समन के बाद भी नहीं पहुंची पेशी पर
इस प्रकरण में न्यायालय के सामने आरोपों को सिद्ध करने की जिम्मेदारी बरवा पर ही थी। इसके बावजूद बरवा कई बार समन/जमानती वारंट/गिरफ्तारी वारंट जारी होने और उनके मोबाइल पर सूचना भेजने के बावजूद साक्ष्य के साथ उपस्थित नहीं हुए। इससे कारण मुख्य न्यायिक मजिस्टेट हरदा को फरवरी 2023 में आरोपी राजेश अग्रवाल को दोष मुक्त कर दिया। वहीं, न्यायिक मजिस्ट्रेट हरदा ने बरवा के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही करने के निर्देश जारी किए थे।
हादसे के बाद जागे अधिकारी
अब हरदा पटाखा फैक्ट्री में 11 लोगों की जान जाने के बाद मामले में विभाग के अधिकारियों ने गंभीरता दिखाई। अब बरवा को शासकीय सेवक होकर कर्तवय पालन नहीं करने, न्यायालय के समक्ष साक्ष्य के लिए उपस्थित नहीं रहने के कारण आरोपी को सजा नहीं होने और कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही मानते हुए निलंबित किया गया। इस मामले में लापरवाही बरतने वाले कुछ और अधिकारी हटाए जाएंगे।