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भोपाल · 01-08-2026

भोपाल में रिहायशी इलाकों में चल रहे कारोबार पर नगर निगम का बड़ा एक्शन

भोपाल नगर निगम ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर रिहायशी इलाकों में चल रहे अवैध व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई शुरू की। होटल, टैटू स्टूडियो और क्लीनिक सील।

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समाचार डेस्क · 01-08-2026
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भोपाल में रिहायशी इलाकों में चल रहे कारोबार पर नगर निगम का बड़ा एक्शन

भोपाल। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के बाद भोपाल नगर निगम ने रिहायशी क्षेत्रों में नियमों के विरुद्ध संचालित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। शनिवार को रोहित नगर से कार्रवाई की शुरुआत करते हुए निगम ने एक टैटू स्टूडियो, स्किन क्लीनिक और होटल को सील कर दिया। अभियान के दौरान शहर के कई इलाकों में व्यापारियों ने भी कार्रवाई से बचने के लिए अपने प्रतिष्ठान स्वेच्छा से बंद कर दिए।

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नगर निगम का कहना है कि जिन प्रतिष्ठानों को पहले नोटिस जारी किए जा चुके हैं और जिन्होंने नियमों का पालन नहीं किया है, उनके खिलाफ आगे भी सीलिंग की कार्रवाई जारी रहेगी।

200 से अधिक व्यापारियों ने खुद बंद किए प्रतिष्ठान

नगर निगम की टीम के पहुंचने से पहले ही रोहित नगर, बावड़ियाकलां और अरेरा कॉलोनी के 200 से अधिक व्यापारियों ने अपने व्यवसाय बंद कर दिए। कई दुकानों और कार्यालयों के बाहर नोटिस चस्पा कर दिए गए, जिनमें लिखा था कि नगर निगम के निर्देशों के पालन में प्रतिष्ठान अस्थायी रूप से बंद किए गए हैं।

रोहित नगर से शुरू हुई सीलिंग कार्रवाई

नगर निगम ने सबसे पहले रोहित नगर स्थित रुद्राक्ष स्क्वायर में कार्रवाई करते हुए एक टैटू स्टूडियो और स्किन क्लीनिक को सील किया।इसके बाद सलैया स्थित आकृति इको सिटी में संचालित होटल राजमहल पर भी सीलिंग की कार्रवाई की गई।अधिकारियों ने बताया कि अभियान आगे रोहित नगर फेज-2, बावड़ियाकलां और अन्य चिन्हित रिहायशी इलाकों में भी जारी रहेगा।

100 पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में चला अभियान

किसी भी तरह के विरोध या कानून-व्यवस्था की स्थिति से निपटने के लिए नगर निगम की टीम के साथ करीब 100 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई थी।पूरे अभियान के दौरान पुलिस और निगम की संयुक्त टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया।

भाजपा नेता ने जताया विरोध

बावड़ियाकलां में एक टैटू स्टूडियो को सील करने के दौरान भाजपा पार्षद शीला पाटीदार के पति एवं पूर्व पार्षद रामबाबू पाटीदार ने कार्रवाई का विरोध किया। उन्होंने निगम अधिकारियों से कहा कि व्यापारियों को केवल नोटिस देकर असमंजस की स्थिति में छोड़ दिया गया है। बाद में जोन प्रभारी नीलेश श्रीवास्तव के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ और कार्रवाई करीब तीन घंटे तक जारी रही।

अब तक 1,018 नोटिस जारी

नगर निगम के अनुसार, शहरभर में रिहायशी भवनों से संचालित व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ अब तक 1,018 नोटिस जारी किए जा चुके हैं।इनमें सबसे अधिक 429 नोटिस अरेरा कॉलोनी और बावड़ियाकलां क्षेत्र में दिए गए हैं। नगर निगम का कहना है कि जिन लोगों ने नोटिस के बावजूद नियमों का पालन नहीं किया, उनके प्रतिष्ठानों को सील किया जाएगा।

4 अगस्त तक दुकानें बंद रखने की अपील

व्यापारी संगठनों ने होटल, रेस्तरां, शोरूम और अन्य कारोबारियों से 4 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली अगली सुनवाई तक अपने प्रतिष्ठान बंद रखने की अपील की है। हालांकि नगर निगम अधिकारियों ने बताया कि कुछ व्यापारियों ने निगम की टीम के जाने के बाद दोबारा दुकानें खोल ली थीं।

निगम बोला- सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर हो रही कार्रवाई

नगर निगम के उपायुक्त भुवन गुप्ता ने कहा कि पूरी कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप की जा रही है। उन्होंने बताया कि सभी संबंधित भवन मालिकों को पहले ही नियमानुसार नोटिस जारी किए जा चुके थे। अधिकांश लोगों ने स्वेच्छा से व्यावसायिक गतिविधियां बंद कर दीं, जबकि नियमों का उल्लंघन जारी रखने वालों के खिलाफ सीलिंग की कार्रवाई की गई।

अरेरा कॉलोनी में कार्रवाई नहीं होने पर उठे सवाल

अभियान के दौरान सबसे अधिक चर्चा अरेरा कॉलोनी को लेकर रही। यहां बड़ी संख्या में नोटिस जारी होने के बावजूद शनिवार को कोई सीलिंग कार्रवाई नहीं हुई। इस पर कई लोगों ने सवाल उठाए कि जब रोहित नगर और बावड़ियाकलां में कार्रवाई की जा सकती है तो अरेरा कॉलोनी को क्यों छोड़ा गया।

शिकायतकर्ता ने लगाए पक्षपात के आरोप

मामले के शिकायतकर्ता विवेक त्रिपाठी ने नगर निगम की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि अभियान केवल औपचारिकता तक सीमित रहा। उनका कहना है कि अधिकांश स्थानों पर केवल दुकानें बंद करवाई गईं, जबकि वास्तविक सीलिंग बेहद कम प्रतिष्ठानों पर हुई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि प्रभावशाली लोगों से जुड़े प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई नहीं की गई।

विवेक त्रिपाठी ने कहा कि वह वर्ष 2021-22 से इस मामले को उठा रहे हैं और अब सुप्रीम कोर्ट में होने वाली अगली सुनवाई में समान और निष्पक्ष कार्रवाई की मांग करेंगे। नगर निगम ने स्पष्ट किया है कि रिहायशी क्षेत्रों में अवैध रूप से संचालित व्यावसायिक गतिविधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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