भोपाल में फर्जी पुलिसकर्मी बनकर कर रहे थे वसूली, एलएलबी छात्र समेत दो युवक गिरफ्तार
भोपाल के शाहपुरा में एलएलबी छात्र समेत दो युवक फर्जी पुलिसकर्मी बनकर वाहन चेकिंग के नाम पर वसूली करते पकड़े गए। नकली पिस्टल बरामद, दोनों गिरफ्तार।


भोपाल। मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पुलिस की वर्दी और नाम का दुरुपयोग कर वाहन चालकों से अवैध वसूली करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। शाहपुरा थाना क्षेत्र में एलएलबी के एक छात्र सहित दो युवकों को पुलिसकर्मी बनकर वाहन चेकिंग के नाम पर लोगों से पैसे वसूलते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया। आरोपियों में से एक ने खुद को असली पुलिसकर्मी साबित करने के लिए कमर में नकली पिस्टल भी लगा रखी थी। राहगीरों को शक होने पर उन्होंने दोनों का वीडियो बनाया और पकड़कर शाहपुरा पुलिस के हवाले कर दिया।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है। अब यह जांच की जा रही है कि कहीं दोनों पहले भी इसी तरह लोगों से उगाही तो नहीं कर चुके हैं।
शाहपुरा चौराहे पर चला रहे थे फर्जी वाहन चेकिंग अभियान
जानकारी के मुताबिक, दोनों युवक सिविल ड्रेस में शाहपुरा चौराहे पर खड़े होकर दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को रोक रहे थे। वे बिना हेलमेट चलने या यातायात नियमों के उल्लंघन का हवाला देकर मौके पर ही नकद रुपये वसूल रहे थे।आरोपी किसी प्रकार की चालान मशीन या वैधानिक दस्तावेज के बिना ही लोगों से पैसे मांग रहे थे, जिससे कुछ राहगीरों को उन पर संदेह हुआ।
खुद को बताया कोहेफिजा थाने का पुलिसकर्मी
जब लोगों ने उनसे पूछताछ की तो एक आरोपी ने दावा किया कि वह कोहेफिजा थाने में पदस्थ पुलिसकर्मी है। यह सुनकर लोगों का शक और बढ़ गया, क्योंकि शाहपुरा थाना क्षेत्र में बिना स्थानीय पुलिस की मौजूदगी के इस तरह वाहन चेकिंग करना संदिग्ध लग रहा था।लोगों ने दोनों से पहचान पत्र दिखाने को कहा, लेकिन वे संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। स्थिति बिगड़ती देख दोनों वहां से भागने लगे, लेकिन मौजूद लोगों ने उन्हें पकड़ लिया।
आरोपी निकले आईटी कंपनी का कर्मचारी और एलएलबी छात्र
शाहपुरा थाना प्रभारी संतोष मरकाम के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमान खान और कार्तिक मिश्रा के रूप में हुई है। पूछताछ में सामने आया कि—अमान खान एमपी नगर स्थित एक आईटी कंपनी में एचआर के पद पर कार्यरत है। कार्तिक मिश्रा एलएलबी का छात्र है। तलाशी के दौरान अमान खान की कमर से एक नकली पिस्टल बरामद हुई, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया।
लोगों को डराकर वसूल रहे थे रुपये
पुलिस जांच में पता चला कि दोनों आरोपी वाहन चालकों को हेलमेट न पहनने और अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन का डर दिखाकर मौके पर ही रुपये मांगते थे। हालांकि, उन्होंने किसी भी वाहन चालक का कोई वैध चालान जारी नहीं किया। उनका उद्देश्य केवल पुलिस का भय दिखाकर अवैध वसूली करना था।
पहली बार का दावा, लेकिन पुलिस को शक
पूछताछ में आरोपियों ने दावा किया कि वे पहली बार फर्जी पुलिसकर्मी बनकर लोगों से पैसे वसूलने पहुंचे थे। हालांकि, पुलिस को इस दावे पर संदेह है। जांच एजेंसियों का मानना है कि दोनों पहले भी इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे चुके हो सकते हैं।
कॉल डिटेल और आपराधिक रिकॉर्ड की जांच
पुलिस अब दोनों आरोपियों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) खंगाल रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उनका संपर्क किन लोगों से था और क्या उन्होंने पहले भी किसी से पुलिस का डर दिखाकर उगाही की थी। इसके साथ ही दोनों का आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है। यदि पूर्व में भी इस तरह की घटनाओं में उनकी संलिप्तता सामने आती है तो उनके खिलाफ अन्य मामलों में भी कार्रवाई की जाएगी।
भोपाल पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति सिविल ड्रेस में खुद को पुलिसकर्मी बताकर मौके पर नकद जुर्माना या पैसे मांगता है, तो उसकी पहचान अवश्य जांचें और संदेह होने पर तुरंत स्थानीय पुलिस या डायल 100 पर सूचना दें।
शाहपुरा की इस घटना ने यह साबित कर दिया कि आम नागरिकों की सतर्कता से न केवल फर्जीवाड़े का पर्दाफाश हुआ, बल्कि पुलिस का नाम लेकर लोगों से अवैध वसूली करने वाले दो आरोपियों को भी सलाखों के पीछे पहुंचाया जा सका।
