एंटी-पेपर लीक बिल पर सुप्रिया सुले ने उठाए सवाल, JPC को भेजने और सर्वदलीय बैठक की मांग
लोकसभा में एंटी-पेपर लीक संशोधन विधेयक पर बहस के दौरान सुप्रिया सुले ने बिल में विरोधाभास बताते हुए इसे JPC के पास भेजने, सर्वदलीय बैठक और विस्तृत जांच की मांग की।


नई दिल्ली। लोकसभा में एंटी-पेपर लीक (संशोधन) विधेयक पर चर्चा के दौरान विपक्ष ने केंद्र सरकार को कई मुद्दों पर घेरा। एनसीपी (शरद पवार गुट) की सांसद सुप्रिया सुले ने विधेयक को संयुक्त संसदीय समिति (JPC) के पास भेजने की मांग करते हुए कहा कि मौजूदा बिल में कई "आंतरिक विरोधाभास" हैं, जिन्हें सभी पक्षों की राय लेकर दूर किया जाना चाहिए।
"लीक-प्रूफ कानून" बनाने की मांग
सुप्रिया सुले ने कहा कि यदि सरकार वास्तव में प्रतियोगी परीक्षाओं को पेपर लीक से मुक्त करना चाहती है, तो शिक्षा विशेषज्ञों, सभी राजनीतिक दलों और अन्य हितधारकों के साथ व्यापक चर्चा कर ऐसा कानून बनाया जाए, जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर पूरी तरह रोक लगाई जा सके।
उन्होंने सरकार से इस मुद्दे पर सर्वदलीय बैठक बुलाने और देशभर में सामने आए पेपर लीक मामलों की विस्तृत जांच कराने की भी मांग की।
JPC के पास भेजने की पैरवी
सांसद ने कहा कि किसी भी महत्वपूर्ण कानून को प्रभावी बनाने के लिए सभी पक्षों के सुझाव आवश्यक होते हैं। उनका कहना था कि एंटी-पेपर लीक बिल को JPC के पास भेजा जाना चाहिए, ताकि उसके सभी प्रावधानों की विस्तार से समीक्षा कर आवश्यक संशोधन किए जा सकें।
NEET प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई पर सवाल
सुप्रिया सुले ने NEET-UG पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि कश्मीर से लेकर कन्याकुमारी तक लाखों छात्र इस मुद्दे से प्रभावित हुए हैं, इसलिए सरकार को संवेदनशील रवैया अपनाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि संसद से यह संदेश जाना चाहिए कि छात्रों के भविष्य और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता के मुद्दे पर पूरा सदन एकजुट है।
"युवा किसी एक दल के साथ नहीं"
सत्ता पक्ष पर निशाना साधते हुए सुप्रिया सुले ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी को यह नहीं मान लेना चाहिए कि देश का युवा पूरी तरह उसके साथ है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी किसी एक राजनीतिक दल के साथ स्थायी रूप से नहीं जुड़ी है और वह अपने अनुभवों तथा सरकारों के कामकाज के आधार पर फैसला करती है।
उन्होंने कहा कि युवाओं का विश्वास किसके साथ है, इसका वास्तविक आकलन 2029 के आम चुनाव में सामने आएगा।
संसद में जारी है बहस
एंटी-पेपर लीक (संशोधन) विधेयक को लेकर लोकसभा में सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच लगातार बहस जारी है। सरकार का दावा है कि नया कानून परीक्षा प्रणाली को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाएगा, जबकि विपक्ष का कहना है कि विधेयक को और मजबूत बनाने के लिए व्यापक विचार-विमर्श और संसदीय समीक्षा आवश्यक है।
