अखिलेश का बड़ा आरोप: '10 साल में 26 हजार से ज्यादा स्कूल बंद हुए, शिक्षा व्यवस्था बर्बाद'
Akhilesh Yadav: सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने प्रदेश सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि बीते दस वर्षों में यूपी में 26 हजार से ज्यादा स्कूल बंद हो गए हैं।


लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) विधानमंडल दल की बैठक के बाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर शिक्षा, कानून-व्यवस्था और विकास के मुद्दों को लेकर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था कमजोर हुई है और बड़ी संख्या में सरकारी स्कूल बंद या मर्ज कर दिए गए हैं।
'10 साल में 26,386 स्कूल बंद हुए'
पत्रकारों से बातचीत में अखिलेश यादव ने दावा किया कि भाजपा सरकार बनने के बाद पिछले 10 वर्षों में 26,386 प्राथमिक विद्यालय बंद या मर्ज कर दिए गए। उन्होंने कहा कि प्राथमिक स्कूलों में छात्रों की संख्या में भी भारी गिरावट आई है।
उनके अनुसार, प्रदेश में करीब 28 लाख विद्यार्थियों का नामांकन कम हुआ है, जिनमें 25 लाख पिछड़े और दलित समाज के बच्चे हैं। इनमें 16 लाख बेटियां भी शामिल हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकारी शिक्षकों की संख्या 62 हजार कम हो गई है और कक्षा 1 से 8 तक शिक्षकों के 1.40 लाख स्वीकृत पद घटा दिए गए हैं।
इन जिलों में सबसे ज्यादा स्कूल बंद होने का दावा
अखिलेश यादव ने कहा कि सबसे अधिक लखीमपुर खीरी में 758, सीतापुर में 650, प्रयागराज में 638 और गोरखपुर में लगभग 500 प्राथमिक विद्यालय बंद या मर्ज किए गए हैं। उन्होंने दावा किया कि वर्ष 2017 में प्रदेश में 1,13,938 प्राथमिक विद्यालय थे, जिनकी संख्या लगातार घट रही है।
मानसून सत्र पर भी साधा निशाना
चार दिवसीय विधानसभा मानसून सत्र को लेकर भी सपा अध्यक्ष ने भाजपा सरकार पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि "चार दिन की सरकार बची है, इसलिए विधानसभा का सत्र भी चार दिन का रखा गया है।" उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सत्र के दौरान महत्वपूर्ण मुद्दों से बचने का प्रयास करेगी।
छात्रों और युवाओं के साथ अन्याय का आरोप
अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार ने छात्रों, युवाओं और बेटियों के साथ अन्याय किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र आंदोलनों के दौरान सरकार ने कार्रवाई नहीं करने का भरोसा दिया था, लेकिन बाद में छात्रों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए।
उन्होंने कहा कि एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था का दावा करने वाली सरकार को पहले सरकारी स्कूलों में बिजली, पानी और मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करानी चाहिए।
भूमाफिया, भ्रष्टाचार और विकास कार्यों पर उठाए सवाल
सपा प्रमुख ने आरोप लगाया कि वर्ष 2017 के बाद प्रदेश में भूमाफियाओं को संरक्षण मिला और सरकारी जमीनों तथा तालाबों पर कब्जे बढ़े हैं। उन्होंने फतेहपुर में पानी और पंखों की मांग को लेकर प्रदर्शन करने वाले बच्चों का भी उल्लेख करते हुए कहा कि मांगें मानने के बाद भी उनके परिवारों को परेशान किया जा रहा है।
उन्होंने घोषणा की कि समाजवादी पार्टी के विधायक प्रभावित परिवारों से मिलेंगे और उन्हें हरसंभव सहायता प्रदान करेंगे।
एक्सप्रेसवे और राम मंदिर चढ़ावे का भी किया जिक्र
अखिलेश यादव ने एक्सप्रेसवे परियोजनाओं में कथित भ्रष्टाचार का आरोप लगाते हुए कहा कि कई सड़क परियोजनाओं में गुणवत्ता पर सवाल उठे हैं। उन्होंने अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक जैसे मुद्दों को भी उठाया।
साथ ही उन्होंने कहा कि यदि प्रदेश में समाजवादी पार्टी की सरकार बनती है तो कला और संस्कृति के क्षेत्र में योगदान देने वाले कलाकारों को फिर से सम्मानित किया जाएगा।