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देनवा एक्सक्लूसिव · 5 मिनट पहले

ऑनलाइन टैक्स वसूली की तस्वीर: पिपरिया जनपद आगे, बीजनवाड़ा ग्राम पंचायत अव्वल

427 पंचायतें ऑनबोर्ड, 16,691 ऑनलाइन बिल जनरेट; अब सवाल—डिजिटल व्यवस्था का इस्तेमाल कितना प्रभावी?

दीपक शर्मा
दीपक शर्मा
Editor-in-Chief · 5 मिनट पहले
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ऑनलाइन टैक्स वसूली की तस्वीर: पिपरिया जनपद आगे, बीजनवाड़ा ग्राम पंचायत अव्वल

गांवों की स्थानीय सरकार यानी ग्राम पंचायतों की आर्थिक व्यवस्था में डिजिटल तकनीक की दस्तक अब साफ दिखाई देने लगी है। टैक्स वसूली जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्था, जो लंबे समय तक कागजी रजिस्टर, रसीद और मैनुअल प्रक्रिया पर निर्भर रही, अब ऑनलाइन बिलिंग और भुगतान की ओर बढ़ रही है। जिले के ताजा आंकड़े इस बदलाव की तस्वीर सामने रखते हैं।

जिले में कुल 7 जनपद पंचायत और 428 ग्राम पंचायतें हैं। इनमें से 427 ग्राम पंचायतें ऑनलाइन व्यवस्था पर ऑनबोर्ड हो चुकी हैं। यानी लगभग पूरा पंचायत तंत्र डिजिटल टैक्स व्यवस्था से जुड़ चुका है। वर्ष 2026-27 में अब तक ग्राम पंचायतों द्वारा 16,691 ऑनलाइन टैक्स भुगतान बिल जनरेट किए गए हैं। इन बिलों के माध्यम से करीब 51 लाख 63 हजार 548 रुपये की टैक्स राशि का कलेक्शन हुआ है।

आंकड़े अपने आप में सकारात्मक संकेत हैं, लेकिन इनके भीतर छिपी तस्वीर इससे कहीं अधिक महत्वपूर्ण है। खास तौर पर तब, जब पंचायतों के प्रदर्शन को ऑनलाइन बिल जनरेट करने की संख्या के आधार पर देखा जाए।यहाँ यह स्पष्ट करना जरूरी है कि इस विश्लेषण में टॉप की गणना केवल ऑनलाइन टैक्स बिलों की संख्या के आधार पर की गई है। कलेक्शन राशि को रैंकिंग का आधार नहीं बनाया गया है।

District Wise Summary
District Wise Summary

पिपरिया जनपद पंचायत सबसे आगे: ऑनलाइन टैक्स बिल जनरेट करने के मामले में पिपरिया प्रथम स्थान पर है। पिपरिया की ग्राम पंचायतों द्वारा अब तक 3,159 ऑनलाइन बिल जनरेट किए गए हैं, जिनसे करीब 10.87 लाख रुपये का टैक्स कलेक्शन हुआ है। 3,159 बिल का आंकड़ा बताता है कि ऑनलाइन व्यवस्था का उपयोग वहाँ अपेक्षाकृत अधिक सक्रियता से किया जा रहा है।

सिवनीमालवा दूसरे पायदान पर: बिलों की संख्या के आधार पर जनपद पंचायत सिवनीमालवा दूसरे स्थान पर है। यहाँ 2,594 ऑनलाइन टैक्स बिल जनरेट किए गए हैं और करीब 7.43 लाख रुपये की राशि कलेक्ट हुई है। पिपरिया और सिवनीमालवा के आंकड़ों का अंतर यह संकेत देता है कि दोनों क्षेत्रों में ऑनलाइन बिलिंग व्यवस्था गति पकड़ रही है।

सोहागपुर का मामला सबसे दिलचस्प: बिलों की संख्या के लिहाज से जनपद पंचायत सोहागपुर 2,487 बिल के साथ तीसरे स्थान पर है, लेकिन यहाँ का कलेक्शन करीब 14.35 लाख रुपये है। यह आंकड़ा स्पष्ट करता है कि बिलों की संख्या और टैक्स कलेक्शन की राशि दो अलग-अलग संकेतक हैं। बिलों के आधार पर सोहागपुर तीसरे स्थान पर है, लेकिन प्रति बिल औसत वसूली के लिहाज से यह बेहद मजबूत स्थिति में है।

माखननगर चौथे स्थान पर: जनपद पंचायत माखननगर में अब तक 2,330 ऑनलाइन टैक्स बिल जनरेट किए गए हैं, जिसके माध्यम से करीब 3.74 लाख रुपये की राशि कलेक्ट हुई है। यहाँ बिलिंग प्रक्रिया जारी है, लेकिन प्रति बिल कलेक्शन की दर अन्य जनपदों से कम है।

होशंगाबाद पांचवें नंबर पर: बिल जनरेशन के आंकड़ों में जनपद पंचायत होशंगाबाद 2,150 बिलों के साथ पांचवें स्थान पर है। यहाँ करीब 6.43 लाख रुपये का टैक्स कलेक्शन दर्ज किया गया है।

केसला छठे स्थान पर: जनपद पंचायत केसला में 2,050 ऑनलाइन टैक्स बिल जनरेट हुए हैं, जिनसे करीब 5.04 लाख रुपये की राशि कलेक्ट हुई है। केसला में ऑनलाइन व्यवस्था का इस्तेमाल हो रहा है, लेकिन पिपरिया जैसे शीर्ष जनपदों की तुलना में गतिविधि थोड़ी धीमी है।

बनखेड़ी सातवें स्थान पर: बिलों की संख्या के आधार पर जनपद पंचायत बनखेड़ी सातवें स्थान पर है। यहाँ 1,921 ऑनलाइन टैक्स बिल जनरेट किए गए और करीब 3.37 लाख रुपये की राशि का कलेक्शन हुआ। सातों जनपद पंचायतों में बनखेड़ी का बिल जनरेशन आंकड़ा सबसे कम है।

Top Performing GP & Janpad Panchayats
Top Performing GP & Janpad Panchayats

टॉप ग्राम पंचायतों की स्थिति: बीजनवाड़ा ने मारी बाजी

ग्राम पंचायत स्तर पर यदि केवल बिलों की संख्या को आधार बनाया जाए, तो शीर्ष तीन पंचायतों की स्थिति इस प्रकार है:

बीजनवाड़ा (प्रथम स्थान): 450 ऑनलाइन बिल जनरेट कर प्रथम स्थान हासिल किया। यहाँ से करीब 8 लाख 45 हजार रुपये का टैक्स कलेक्शन दर्ज हुआ है। बीजनवाड़ा का प्रदर्शन ऑनलाइन बिल जनरेशन की सक्रियता में जिले में सबसे आगे है।

सेमरीहरचंद (द्वितीय स्थान): 260 ऑनलाइन टैक्स बिल जनरेट कर दूसरे स्थान पर रही। यहाँ से करीब 2 लाख 35 हजार रुपये का कलेक्शन हुआ है।

सोनासावरी (तृतीय स्थान): 232 ऑनलाइन बिल जनरेट कर तीसरे स्थान पर है। यहाँ करीब 6 लाख 63 हजार रुपये का टैक्स कलेक्शन दर्ज हुआ है।

यहाँ भी वही रोचक तथ्य सामने आता है—बीजनवाड़ा के बिल सबसे अधिक (450) हैं, जबकि सोनासावरी ने मात्र 232 बिलों में ही 6.63 लाख रुपये का कलेक्शन हासिल किया है।

विश्लेषण और प्रशासनिक चुनौतियाँ

जिले की 428 में से 427 ग्राम पंचायतों का ऑनलाइन ऑनबोर्ड होना और 16,691 बिल जनरेट होना डिजिटल व्यवस्था की दिशा में एक बड़ा कदम है। हालाँकि, केवल बिल जनरेट हो जाना ही पूरी सफलता नहीं है।

डिजिटल टैक्स प्रणाली की वास्तविक सफलता के लिए प्रशासन को इसबात पर ध्यान केंद्रित करना होगा कि 100% ऑनबोर्डिंग के बाद अब लक्ष्य यह होना चाहिए कि बनखेड़ी और केसला जैसी पीछे छूट रही जनपदों में भी बिल जनरेशन और वसूली की प्रक्रिया में तेजी लाई जाए।

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