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रायसेन · 1 मिनट पहले

रायसेन में समर्थन मूल्य पर मूंग खरीदी में फर्जीवाड़े का आरोप, EOW ने तीन आरोपियों समेत अन्य पर दर्ज की FIR

किसानों की जमीन का कथित फर्जी पंजीयन कर बाजार से सस्ती मूंग खरीदी, सरकारी उपार्जन केंद्रों पर MSP में बेचने का आरोप

दीपक शर्मा
दीपक शर्मा
Editor-in-Chief · 1 मिनट पहले
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रायसेन में समर्थन मूल्य पर मूंग खरीदी में फर्जीवाड़े का आरोप, EOW ने तीन आरोपियों समेत अन्य पर दर्ज की FIR

रायसेन। जिले में समर्थन मूल्य पर मूंग खरीदी के दौरान कथित फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (EOW) ने बरेली तहसील क्षेत्र के रंजीत ठाकुर, श्रीराम ठाकुर और गौरव ठाकुर समेत अन्य के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि ऐसे किसानों की जमीन का फर्जी तरीके से पंजीयन कराया गया, जिन्होंने समर्थन मूल्य पर मूंग बेचने के लिए पंजीयन ही नहीं कराया था।

जांच के मुताबिक, कथित तौर पर बाजार और मंडी से कम कीमत पर मूंग खरीदकर उसे किसानों के नाम पर सरकारी उपार्जन केंद्रों में समर्थन मूल्य पर बेचा गया। मामले में करीब ₹13.35 लाख के अनुचित लाभ और शासन को लगभग इतनी ही राशि के नुकसान का आरोप सामने आया है। EOW की जांच अभी जारी है।

किसानों की जानकारी के बिना जमीन का पंजीयन कराने का आरोप

EOW की जांच में वर्ष 2024-25 और 2025-26 के मूंग उपार्जन के दौरान जिला सहकारी बैंक रायसेन की बाड़ी शाखा से जुड़ी कृषक सेवा सहकारी समितियों देहरीकला, भारकच्छ कला और गूगलवाड़ा में कथित अनियमितताओं की बात सामने आई है।

आरोप है कि देहरीकला समिति के कंप्यूटर ऑपरेटर श्रीराम ठाकुर और कर्मचारी रंजीत ठाकुर तथा भारकच्छ कला समिति के कंप्यूटर ऑपरेटर गौरव ठाकुर ने ऐसे किसानों की जमीन का उपयोग किया, जिन्होंने मूंग उपार्जन के लिए पंजीयन नहीं कराया था।

जांच में यह भी सामने आया कि जमीन मालिक या वास्तविक कौलीदार के स्थान पर आरोपियों ने कथित तौर पर स्वयं को सिकमीदार के रूप में दर्ज कराया। जांच के दौरान संबंधित किसानों ने कथित रूप से बताया कि उन्होंने न तो अपनी जमीन के पंजीयन की अनुमति दी थी और न ही किसी को कौलीनामा दिया था।

₹3 हजार से कम में मूंग खरीदकर MSP पर बेचने का आरोप

जांच में फर्जीवाड़े का कथित तरीका भी सामने आया है। आरोप है कि किसानों के खेतों से मूंग लेने के बजाय बाजार, व्यापारियों और बरेली मंडी से ₹3 हजार प्रति क्विंटल से कम कीमत पर मूंग खरीदी गई।

इसके बाद इसी मूंग को सरकारी उपार्जन केंद्रों पर समर्थन मूल्य पर बेचे जाने का आरोप है।

उपलब्ध विवरण के अनुसार, वर्ष 2024-25 में मूंग का समर्थन मूल्य ₹8,558 प्रति क्विंटल, जबकि वर्ष 2025-26 में ₹8,682 प्रति क्विंटल था। यानी कम कीमत पर खरीदी गई मूंग को सरकारी खरीद व्यवस्था में कहीं अधिक कीमत पर बेचकर अनुचित लाभ कमाने का आरोप है।

जिन किसानों के नाम इस्तेमाल हुए, उन्हें जानकारी नहीं होने का दावा

जांच के दौरान कुछ किसानों ने कथित तौर पर बताया कि उनकी जमीन और नाम का उपयोग कर मूंग का पंजीयन और बिक्री की गई, लेकिन उन्हें इसकी जानकारी नहीं थी।

एक मामले में करीब डेढ़ एकड़ जमीन का पंजीयन दूसरे व्यक्ति के नाम पर किए जाने की बात सामने आई। वहीं, एक अन्य मामले में किसान की पत्नी और बहू के नाम दर्ज करीब ढाई एकड़ जमीन का अलग-अलग लोगों के नाम पर पंजीयन किए जाने का आरोप है।

एक अन्य मामले में किसान की पत्नी की करीब पौने दो एकड़ जमीन के कथित फर्जी पंजीयन की जानकारी जांच में सामने आई। जांच में यह भी सवाल उठा कि इन पंजीयनों के दौरान दर्ज बैंक खाते संबंधित किसानों के नहीं थे।

संबंधित किसानों ने जांच में कथित तौर पर कहा कि उन्होंने न तो पंजीयन के लिए सहमति दी, न कौलीनामा दिया और न ही मूंग बिक्री की राशि उन्हें प्राप्त हुई।

तीन आरोपियों पर लाखों के अनुचित लाभ का आरोप

जांच में श्रीराम ठाकुर, रंजीत ठाकुर और गौरव ठाकुर से जुड़े अलग-अलग मामलों में मूंग की बिक्री और भुगतान का विवरण भी सामने आया है।

श्रीराम ठाकुर के नाम करीब 12.62 हेक्टेयर जमीन का पंजीयन कर 151.524 क्विंटल मूंग बेचे जाने का आरोप है। इसके एवज में करीब ₹13.15 लाख प्राप्त होने और मूंग खरीद पर लगभग ₹4.54 लाख खर्च होने की बात जांच में सामने आई। इस आधार पर करीब ₹8.60 लाख के लाभ का आरोप है।

इसी तरह रंजीत ठाकुर पर 3.523 हेक्टेयर जमीन के पंजीयन के आधार पर 42.276 क्विंटल मूंग बेचने और करीब ₹3.67 लाख प्राप्त करने का आरोप है। जांच के अनुसार इसमें लगभग ₹2.40 लाख का लाभ हुआ।

गौरव ठाकुर पर 3.428 हेक्टेयर जमीन के कथित फर्जी पंजीयन के आधार पर 41.136 क्विंटल मूंग बेचने का आरोप है। इसके बदले करीब ₹3.57 लाख प्राप्त होने और लगभग ₹2.33 लाख के लाभ की बात जांच में सामने आई है।

तीनों मामलों को मिलाकर करीब ₹13.35 लाख के अनुचित लाभ और शासन को लगभग इतनी ही राशि के नुकसान का आरोप है।

EOW की जांच जारी

मामले में EOW ने संबंधित आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जमीन के पंजीयन, उपार्जन केंद्रों पर मूंग की बिक्री, बैंक खातों और भुगतान से जुड़े रिकॉर्ड की जांच महत्वपूर्ण होगी।

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