पिपरिया के युवा उद्यमी गौरव दुदानी की राइस मिल की सफलता, 30 देशों तक पहुंचा नर्मदापुरम का चावल
पिपरिया के युवा उद्यमी गौरव दुदानी की आधुनिक राइस मिल से हर महीने करीब 1,000 टन चावल की मिलिंग हो रही है। कंपनी 30 देशों में चावल का निर्यात कर रही है।


पिपरिया। मध्य प्रदेश की एमएसएमई प्रोत्साहन नीतियां युवाओं को उद्योग और व्यवसाय के क्षेत्र में आगे बढ़ने का अवसर दे रही हैं। नर्मदापुरम जिले के पिपरिया से युवा उद्यमी गौरव दुदानी ने आधुनिक राइस प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित कर स्थानीय स्तर पर रोजगार और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ अपने उत्पाद को अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाया है।
पिपरिया तहसील के एमपीआईडीसी इंडस्ट्रियल एरिया में स्थापित उनकी इकाई प्रगति फूड प्राइवेट लिमिटेड में आधुनिक तकनीक के माध्यम से चावल की प्रोसेसिंग और पैकेजिंग की जा रही है। वर्तमान में इकाई में हर महीने करीब 1,000 टन चावल की मिलिंग होने की जानकारी दी गई है।
30 देशों तक पहुंच रहा नर्मदापुरम का चावल
आधुनिक प्रोसेसिंग, गुणवत्ता परीक्षण और पैकेजिंग के बाद तैयार चावल की बिक्री केवल देश के बाजार तक सीमित नहीं है। कंपनी के अनुसार वर्तमान में उसके उत्पाद का करीब 30 देशों में निर्यात किया जा रहा है।
इससे नर्मदापुरम जिले के कृषि आधारित उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में पहचान मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा मिल रहा है।
एमएसएमई योजना से मिला प्रोत्साहन
युवा उद्यमी गौरव दुदानी के अनुसार शासन की योजनाओं और औद्योगिक नीतियों से उन्हें आधुनिक तकनीक आधारित चावल उत्पादन एवं प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित करने में सहयोग मिला।
उनका कहना है कि उद्योग स्थापित होने से व्यवसाय को विस्तार मिला और क्षेत्र के लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी तैयार हुए। स्थानीय संसाधनों और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से क्षेत्र की अर्थव्यवस्था को भी गति मिल रही है।
रोजगार के साथ स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा
राइस प्रोसेसिंग यूनिट के संचालन से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से रोजगार के अवसर उपलब्ध होने की बात कही गई है। चावल की प्रोसेसिंग, पैकेजिंग, परिवहन और अन्य गतिविधियों से स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियां बढ़ी हैं।
गौरव दुदानी ने कहा कि उद्योग की स्थापना उनके लिए केवल व्यावसायिक विस्तार नहीं है, बल्कि इससे क्षेत्र के अन्य लोगों को भी रोजगार के अवसर मिल रहे हैं।
केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों को बताया मददगार
उद्यमी गौरव दुदानी ने केंद्र सरकार की औद्योगिक नीतियों और व्यापार को बढ़ावा देने वाले प्रयासों के प्रति आभार जताया। उन्होंने प्रदेश में उद्योग स्थापना के लिए सहयोगी वातावरण उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का भी धन्यवाद किया।
उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश में उद्योग और व्यवसाय को आगे बढ़ाने के लिए उपलब्ध नीतियों से उद्यमियों को अपने कारोबार का विस्तार करने और नए बाजारों तक पहुंच बनाने में सहायता मिल रही है।
युवा उद्यमिता की बन रही मिसाल
पिपरिया में स्थापित यह राइस प्रोसेसिंग यूनिट कृषि आधारित उद्योग और युवा उद्यमिता के मेल का उदाहरण बनकर सामने आई है। स्थानीय स्तर पर उपलब्ध कृषि उत्पाद को आधुनिक तकनीक से प्रोसेस कर अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने का मॉडल क्षेत्र में उद्योग की नई संभावनाओं को भी सामने रखता है।
पिपरिया से शुरू हुआ यह उद्यम अब 30 देशों तक चावल पहुंचा रहा है, जिससे नर्मदापुरम की कृषि और औद्योगिक क्षमता को वैश्विक बाजार से जोड़ने की दिशा में एक उदाहरण सामने आया है।

