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भोपाल · 3 मिनट पहले

30 सितंबर तक MP की सड़कों से हटेंगे गड्ढे, सड़क सुरक्षा उपाय होंगे सख्त

बेसहारा मवेशी, अवैध पार्किंग और अतिक्रमण पर भी होगी कार्रवाई; हेलमेट को लेकर चलेगा जागरूकता अभियान

दीपक शर्मा
दीपक शर्मा
Editor-in-Chief · 3 मिनट पहले
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30 सितंबर तक MP की सड़कों से हटेंगे गड्ढे, सड़क सुरक्षा उपाय होंगे सख्त

भोपाल। मध्यप्रदेश में सड़क हादसों पर प्रभावी रोक लगाने के लिए सड़क सुरक्षा के उपायों को और सख्त किया जाएगा। सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यों की समीक्षा करते हुए प्रबंध संचालक भरत यादव ने अधिकारियों को मैदानी स्तर पर प्रभावी कार्रवाई और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में सड़कों पर घूमने वाले बेसहारा मवेशी, अवैध पार्किंग, अतिक्रमण और सड़क के गड्ढों को दुर्घटनाओं के प्रमुख कारणों में शामिल करते हुए इनके खिलाफ अभियान चलाने पर जोर दिया गया।

30 सितंबर तक सड़कों से हटेंगे गड्ढे

भरत यादव ने निर्देश दिए कि 30 सितंबर 2026 तक प्रदेश की सड़कों से पॉटहोल्स यानी गड्ढों को खत्म किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा से जुड़े कार्यों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

उन्होंने दोपहिया वाहन चालकों के बीच हेलमेट के अनिवार्य उपयोग को लेकर व्यापक जागरूकता अभियान चलाने के निर्देश भी दिए।

सड़कों से हटाए जाएंगे बेसहारा मवेशी

सड़क हादसों में बेसहारा मवेशियों की भूमिका को देखते हुए पशुपालन विभाग, नगरीय निकाय और जिला प्रशासन को संयुक्त रूप से कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं।

इसके लिए सड़कों पर मवेशियों के अधिक जमाव वाले स्थानों को चिन्हित कर विशेष अभियान चलाया जाएगा। आवश्यकता के अनुसार मवेशियों को नजदीकी गौशालाओं या अन्य सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी।

बैठक में गौशालाओं की क्षमता का आकलन कर उसे बढ़ाने, अतिरिक्त मवेशियों के लिए अस्थायी शेड तैयार करने और नगरीय विकास विभाग की एसओपी का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। लापरवाह पशुपालकों के खिलाफ कार्रवाई के साथ जनजागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया गया।

नौ जिलों में सड़क सुरक्षा पर विशेष फोकस

सुप्रीम कोर्ट की सड़क सुरक्षा कमेटी द्वारा प्रदेश के नौ जीरो फैटेलिटी जिलों का चयन किया गया है। इन जिलों में सड़क सुरक्षा से जुड़े उपायों को प्राथमिकता के साथ लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।

लोक निर्माण विभाग के सभी कार्यपालन यंत्रियों को जिला सड़क सुरक्षा समितियों की बैठकों में सक्रिय रूप से शामिल होने के लिए कहा गया है।

बैठक में सेव लाइफ फाउंडेशन की ओर से बताया गया कि प्रदेश के सभी 55 जिलों के लिए रोड सेफ्टी एक्शन प्लान तैयार किया गया है। इसके अलावा हाई एक्सीडेंट डेंसिटी कॉरिडोर और दुर्घटना संभावित स्थानों की पहचान भी की गई है।

इन स्थानों पर चल रहे सड़क सुरक्षा कार्यों की निगरानी के लिए ‘मार्गदर्शक’ डैशबोर्ड तैयार किया गया है।

अवैध पार्किंग और अतिक्रमण पर भी कार्रवाई

सड़कों पर यातायात व्यवस्था प्रभावित करने वाले अवैध पार्किंग और अतिक्रमण को हटाने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए हैं।

इसके साथ ही आईआरसी मानकों के अनुरूप सेफ स्कूल जोन और मॉडल जंक्शन विकसित करने के प्रस्ताव जल्द मुख्यालय भेजने को कहा गया। सड़क सुरक्षा से संबंधित तकनीकी निगरानी और कार्रवाई में आईआईटी मद्रास की डीडीएचआई टीम द्वारा विकसित ‘संजय ऐप’ के नियमित उपयोग पर भी जोर दिया गया।

विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर

सड़क सुरक्षा अभियान को प्रभावी बनाने के लिए नगरीय विकास, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, परिवहन विभाग और मार्कफेड सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों ने बैठक में सहभागिता की।

पीडब्ल्यूडी के कार्यपालन यंत्री, एमपीआरडीसी के संभागीय प्रबंधक और अन्य अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से बैठक से जुड़े।

सरकार का फोकस सड़क के बुनियादी ढांचे में सुधार के साथ-साथ मवेशियों, अतिक्रमण, पार्किंग और यातायात नियमों के उल्लंघन जैसे कारणों पर एक साथ कार्रवाई कर सड़क हादसों में कमी लाने पर है।

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