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माखननगर · 1 मिनट पहले

सांसद निधि के निर्माण में लापरवाही! सचिव-उपयंत्री निलंबित; सरपंच को नोटिस

नर्मदापुरम के सांगाखेड़ाकलां में ₹5 लाख से बन रहे रामलीला मंच की छत निर्माण के दौरान ढह गई। सचिव और उपयंत्री निलंबित, सरपंच को नोटिस।

दीपक शर्मा
दीपक शर्मा
Editor-in-Chief · 1 मिनट पहले
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सांसद निधि के निर्माण में लापरवाही! सचिव-उपयंत्री निलंबित; सरपंच को नोटिस

माखननगर। जनपद पंचायत माखननगर अंतर्गत ग्राम पंचायत सांगाखेड़ाकलां में राज्यसभा सांसद निधि से स्वीकृत निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। ग्राम पंचायत में करीब ₹5 लाख की लागत से निर्माणाधीन रामलीला मंच भवन की छत 2 सितंबर 2026 को छत डालने के दौरान ही ढह गई। घटना के बाद प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच दल गठित किया। जांच में निर्माण कार्य में कई गंभीर खामियां सामने आने के बाद ग्राम पंचायत के सचिव और उपयंत्री के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई है, जबकि सरपंच को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

सांसद निधि से स्वीकृत हुआ था निर्माण कार्य

जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत सांगाखेड़ाकलां में रामलीला मंच भवन निर्माण के लिए राज्यसभा सांसद निधि से ₹5 लाख की राशि स्वीकृत की गई थी। इस कार्य के लिए तकनीकी स्वीकृति क्रमांक 318 दिनांक 22 जनवरी 2025 तथा प्रशासकीय स्वीकृति क्रमांक 388 दिनांक 27 जनवरी 2025 को जारी की गई थी।

निर्माण कार्य शुरू होने के बाद 2 सितंबर 2026 को जब भवन की छत डाली जा रही थी, उसी दौरान निर्माणाधीन छत अचानक भरभराकर नीचे गिर गई। घटना के बाद निर्माण की गुणवत्ता और जिम्मेदार अधिकारियों-कर्मचारियों की भूमिका को लेकर सवाल उठने लगे।

जांच दल ने मौके पर पहुंचकर किया निरीक्षण

घटना के अगले दिन 3 सितंबर 2026 को जांच दल का गठन कर मौके पर निरीक्षण कराया गया। जांच के दौरान निर्माण स्थल की स्थिति का परीक्षण किया गया। जांच में पाया गया कि निर्माणाधीन छत पूरी तरह ढह चुकी थी।

जांच दल के निरीक्षण में भवन के दो कॉलम दाईं ओर करीब दो इंच झुके हुए पाए गए। इसके अलावा निर्माण में इस्तेमाल की जा रही सामग्री, लोहा, कंक्रीट और सेटिंग आदि ढहकर जमीन पर पड़ी मिली।

मौके की स्थिति ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता और तकनीकी निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े किए। जांच के दौरान सामने आए तथ्यों को प्रशासन ने निर्माण कार्य में बरती गई लापरवाही से जोड़ते हुए संबंधित जिम्मेदारों के विरुद्ध कार्रवाई की है।

उचित निगरानी नहीं करने का आरोप

जारी आदेश में उल्लेख किया गया है कि कार्य की स्वीकृति के बावजूद संबंधित निर्माण कार्य में उचित ध्यान नहीं दिया गया और निर्माण कार्य में लापरवाही बरती गई। निर्माणाधीन छत का ढहना और कॉलम का झुका हुआ पाया जाना कार्य की गुणवत्ता तथा निर्माण के दौरान तकनीकी निगरानी की स्थिति को लेकर सवाल खड़े करता है।

प्रशासनिक स्तर पर की गई कार्रवाई के बाद अब यह मामला निर्माण कार्य की गुणवत्ता, जिम्मेदारी और स्वीकृत राशि के उपयोग को लेकर भी चर्चा में है।

सचिव और उपयंत्री पर गिरी गाज

मामले में सामने आई गंभीर लापरवाहियों के आधार पर ग्राम पंचायत सांगाखेड़ाकलां के सचिव ओमप्रकाश भदौरिया और उपयंत्री मुकेश बुबाड़े को तत्काल प्रभाव से निलंबित किए जाने की जानकारी सामने आई है।

वहीं, ग्राम पंचायत सांगाखेड़ाकलां की सरपंच सावित्री बाई धुर्वे को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। उनसे निर्माण कार्य में सामने आई अनियमितताओं और लापरवाही के संबंध में जवाब मांगा गया है।

यह कार्रवाई प्रशासन द्वारा गठित जांच दल की रिपोर्ट और मौके पर सामने आए तथ्यों के आधार पर की गई है।

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₹5 लाख के काम की गुणवत्ता पर उठे सवाल

राज्यसभा सांसद निधि जैसी महत्वपूर्ण मद से स्वीकृत राशि से बनने वाले रामलीला भवन की छत निर्माण के दौरान ही गिर जाने से निर्माण की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है। ग्रामीणों के लिए उपयोगी रामलीला मंच भवन का निर्माण यदि निर्धारित मापदंडों और तकनीकी मानकों के अनुरूप किया जाता तो निर्माणाधीन छत के इस तरह गिरने की स्थिति क्यों बनी, यह जांच का महत्वपूर्ण विषय है।

अब प्रशासनिक कार्रवाई के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि निर्माण कार्य में इस्तेमाल सामग्री की गुणवत्ता, तकनीकी मानकों, निर्माण प्रक्रिया और स्वीकृत राशि के उपयोग की आगे किस स्तर पर जांच की जाती है।

जिला पंचायत स्तर से जारी हुआ आदेश

मामले में प्रशासनिक कार्रवाई से संबंधित आदेश राजेश कुमार शुक्ला प्रभारी मुख्य कार्यपालन अधिकारी,जिला पंचायत नर्मदापुरम द्वारा जारी किए जाने की जानकारी है।

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निर्माण कार्य की छत गिरने के बाद की गई जांच और उसके आधार पर सचिव एवं उपयंत्री के निलंबन की कार्रवाई से स्पष्ट है कि प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लिया है। अब सरपंच के कारण बताओ नोटिस पर दिए जाने वाले जवाब और आगे की जांच के आधार पर इस मामले में अतिरिक्त कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी।

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