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भोपाल · 47 मिनट पहले

MP News: शिक्षकों की ई-अटेंडेंस पर उठे सवाल, नेटवर्क की गड़बड़ी से वेतन न कटे; शिक्षक संगठन ने रखीं 6 मांगें

मध्यप्रदेश में मोबाइल ऐप से हाजिरी दर्ज करने की व्यवस्था में बदलाव की मांग, ग्रामीण क्षेत्रों के शिक्षकों को नेटवर्क और सर्वर की समस्या से राहत देने की अपील

अशोक शर्मा
अशोक शर्मा
Sub Editor · 47 मिनट पहले
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MP News: शिक्षकों की ई-अटेंडेंस पर उठे सवाल, नेटवर्क की गड़बड़ी से वेतन न कटे; शिक्षक संगठन ने रखीं 6 मांगें

भोपाल। मध्यप्रदेश में शासकीय शिक्षकों की उपस्थिति मोबाइल ऐप के माध्यम से दर्ज की जा रही है, लेकिन तकनीकी समस्याओं के कारण यह व्यवस्था शिक्षकों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में कमजोर नेटवर्क, सर्वर की खराबी और ऐप में तकनीकी गड़बड़ियों के चलते ई-अटेंडेंस दर्ज नहीं हो पाने की शिकायतों के बीच शासकीय शिक्षक संगठन मध्यप्रदेश ने शिक्षा विभाग से व्यवस्था में सुधार की मांग की है।

संगठन के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उपेन्द्र कौशल ने लोक शिक्षण संचालनालय के आयुक्त को ज्ञापन सौंपकर ई-अटेंडेंस प्रणाली में छह प्रमुख बदलाव करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करना जरूरी है, लेकिन नेटवर्क या सर्वर की तकनीकी खामी के लिए शिक्षकों को जिम्मेदार ठहराना उचित नहीं है। ऐसी स्थिति में स्कूल की उपस्थिति पंजी और संस्था प्रमुख द्वारा प्रमाणित अभिलेखों को मान्य करते हुए केवल तकनीकी कारणों से वेतन रोकने या काटने से बचा जाना चाहिए।

नेटवर्क की समस्या पर वैकल्पिक व्यवस्था लागू करने की मांग

शिक्षक संगठन ने कहा कि प्रदेश के कई ग्रामीण और दूरस्थ इलाकों में नेटवर्क की उपलब्धता एक जैसी नहीं है। भौगोलिक परिस्थितियों, आवागमन की कठिनाइयों और तकनीकी संसाधनों की सीमाओं के कारण शिक्षकों को मोबाइल ऐप पर समय से उपस्थिति दर्ज करने में दिक्कत हो सकती है।

संगठन की मांग है कि नेटवर्क नहीं मिलने, सर्वर ठप होने या ऐप में तकनीकी खराबी आने पर शिक्षक की उपस्थिति को अमान्य नहीं माना जाए। ऐसी परिस्थितियों में स्कूल की उपस्थिति पंजी और संस्था प्रमुख के प्रमाणित रिकॉर्ड के आधार पर उपस्थिति स्वीकार की जाए।

संगठन ने यह भी मांग की है कि तकनीकी कारणों से किसी शिक्षक का वेतन नहीं रोका जाए और न ही उसमें कटौती की जाए। ज्ञापन में प्रभावित शिक्षकों की संख्या या वेतन कटौती से जुड़े मामलों का कोई आंकड़ा नहीं दिया गया है।

ई-अटेंडेंस व्यवस्था में बदलाव के लिए छह प्रमुख मांगें

1. लॉगिन और लॉगआउट का समय निर्धारित किया जाए

संगठन ने सामान्य विद्यालयों के लिए सुबह 9:30 बजे से 11 बजे तक लॉगिन और शाम 4 बजे से 6 बजे तक लॉगआउट की समय-सीमा निर्धारित करने का प्रस्ताव दिया है। वहीं, सुबह की पाली में संचालित होने वाले स्कूलों के लिए लॉगिन का समय सुबह 6:30 बजे से 8 बजे तक रखने की मांग की गई है।

2. ई-अटेंडेंस की छह घंटे की अवधि घटाकर पांच घंटे हो

ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षकों को आने-जाने और नेटवर्क संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसे ध्यान में रखते हुए संगठन ने ई-अटेंडेंस के लिए निर्धारित छह घंटे की अवधि घटाकर पांच घंटे करने की मांग की है। संगठन का मानना है कि स्थानीय परिस्थितियों के अनुरूप समय-सीमा तय होने से शिक्षकों को राहत मिल सकती है।

3. ऐप पर सभी प्रकार के अवकाश की सुविधा मिले

शिक्षक संगठन ने मोबाइल ऐप में सभी प्रकार के अवकाश दर्ज करने और उनके लिए आवेदन करने की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की है। संगठन के अनुसार, अवकाश से जुड़ी प्रक्रियाएं सरल और पारदर्शी होनी चाहिए, ताकि शिक्षकों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।

4. आधे दिन के अवकाश का विकल्प दिया जाए

ज्ञापन में आधे दिन की छुट्टी लेने की सुविधा भी उपलब्ध कराने की मांग की गई है। संगठन चाहता है कि पूर्व निर्धारित नियमों और प्रक्रिया के अनुसार शिक्षकों को जरूरत पड़ने पर आधे दिन का अवकाश लेने का विकल्प मिले। इससे आकस्मिक या व्यक्तिगत जरूरतों के समय सुविधा मिल सकेगी।

5. ऑन-ड्यूटी की स्वीकृति प्रक्रिया सरल हो

प्रशिक्षण, विभागीय बैठकों, शासकीय कार्यों और अन्य आधिकारिक दायित्वों के लिए ऑन-ड्यूटी स्वीकृति की प्रक्रिया आसान बनाने की मांग की गई है। संगठन का कहना है कि ऐसी परिस्थितियों में शिक्षकों को अनावश्यक तकनीकी या प्रक्रियागत जटिलताओं का सामना नहीं करना चाहिए।

6. तकनीकी गड़बड़ी के कारण उपस्थिति और वेतन प्रभावित न हों

संगठन की प्रमुख मांग है कि मोबाइल ऐप, नेटवर्क या सर्वर में खराबी के कारण हाजिरी दर्ज नहीं होने पर वैकल्पिक व्यवस्था अपनाई जाए। स्कूल की उपस्थिति पंजी और संस्था प्रमुख द्वारा प्रमाणित अभिलेखों को आधार बनाकर उपस्थिति मान्य की जाए। साथ ही, केवल तकनीकी समस्या के आधार पर वेतन रोकने या काटने की कार्रवाई नहीं होनी चाहिए।

उपेन्द्र कौशल बोले—व्यावहारिक और पारदर्शी हो व्यवस्था

शासकीय शिक्षक संगठन मध्यप्रदेश के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष उपेन्द्र कौशल ने कहा कि शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए तकनीक का इस्तेमाल उपयोगी हो सकता है, लेकिन व्यवस्था व्यावहारिक, पारदर्शी और तकनीकी रूप से विश्वसनीय होनी चाहिए।

संगठन के अनुसार, दूरस्थ क्षेत्रों में पदस्थ शिक्षकों को कमजोर नेटवर्क और ऐप संबंधी समस्याओं के कारण मानसिक या आर्थिक परेशानी नहीं होनी चाहिए। तकनीकी व्यवस्था की कमियों का समाधान निकालना विभाग की प्राथमिकता होनी चाहिए, ताकि शिक्षकों को वास्तविक शैक्षणिक दायित्व निभाने में अनावश्यक बाधाओं का सामना न करना पड़े।

अब शिक्षा विभाग के फैसले पर नजर

शिक्षक संगठन ने लोक शिक्षण संचालनालय से ज्ञापन में शामिल मांगों पर विचार कर ई-अटेंडेंस ऐप में आवश्यक संशोधन करने और संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने की अपील की है।

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