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भोपाल · 22 मिनट पहले

मध्यप्रदेश में फिर सक्रिय हुआ मानसून, 6 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट; अगले 4 दिन बरसेंगे बादल

मध्यप्रदेश में मानसून फिर सक्रिय हो गया है। निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा में भारी बारिश का अलर्ट है। अगले चार दिन कई जिलों में बारिश की संभावना है।

दीपक शर्मा
दीपक शर्मा
Editor-in-Chief · 22 मिनट पहले
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मध्यप्रदेश में फिर सक्रिय हुआ मानसून, 6 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट; अगले 4 दिन बरसेंगे बादल

भोपाल। मध्यप्रदेश में मानसून ने एक बार फिर जोर पकड़ लिया है। प्रदेश के ऊपरी हिस्सों में बनी दो मौसम प्रणालियों के प्रभाव से अगले चार दिनों तक राज्य के कई हिस्सों में बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। मौसम विभाग ने सोमवार को निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना और रीवा जिलों में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है।

भौगोलिक संदर्भ

मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, अगले 24 घंटे के दौरान इन छह जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा प्रदेश के कई अन्य जिलों में भी गरज-चमक के साथ तेज बारिश या हल्की बारिश होने की संभावना जताई गई है।

इन जिलों में भी बारिश के आसार

भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, राजगढ़, इंदौर, धार, उज्जैन, ग्वालियर, शिवपुरी, मुरैना, भिंड, श्योपुर, जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, नरसिंहपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडोरी, सागर और दमोह समेत कई जिलों में मौसम सक्रिय रहने की संभावना है।

मालवा-निमाड़ क्षेत्र में फिलहाल हल्की बारिश के आसार हैं। वहीं पूर्वी और उत्तरी मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की गतिविधियां अपेक्षाकृत ज्यादा रहने का अनुमान है।

भोपाल में फिर खोले गए कलियासोत बांध के गेट

राजधानी भोपाल में भी बारिश का असर देखने को मिला। लगातार पानी की आवक के चलते कलियासोत बांध के दो गेट दोबारा खोलने पड़े।

इससे पहले शनिवार रात बांध के चार गेट खोले गए थे। पानी छोड़े जाने के बाद रात करीब 12 बजे इन गेटों को एक-एक करके बंद कर दिया गया था। इसके बाद रविवार को बारिश और जलस्तर बढ़ने के कारण दो गेट फिर खोले गए।

23 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश के 23 जिलों में अब तक सामान्य से ज्यादा बारिश दर्ज की गई है। इनमें अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मंडला, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी शामिल हैं।

हालांकि, दूसरी ओर प्रदेश के कुछ जिलों में बारिश अभी भी सामान्य से कम है। बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडोरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर और सिवनी में बारिश की कमी दर्ज की गई है।

पश्चिमी मध्यप्रदेश में बारिश की कमी बरकरार

प्रदेश के पश्चिमी हिस्से में अभी भी बारिश की कमी चिंता का विषय बनी हुई है। आगर-मालवा, आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा समेत कई जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है।

इन क्षेत्रों में बारिश की कमी करीब 1 से 54 प्रतिशत तक बताई गई है।

जून की बारिश की कमी अब तक पूरी नहीं

इस मानसून सीजन की शुरुआत में जून महीने में मध्यप्रदेश में सामान्य से करीब 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। हालांकि जुलाई और अगस्त में कई दौर में अच्छी बारिश हुई, लेकिन जून की कमी पूरी तरह खत्म नहीं हो सकी।

भौगोलिक संदर्भ

मानसून के दौरान दो बार ब्रेक आने से भी बारिश के आंकड़ों पर असर पड़ा। अगस्त के अंतिम सप्ताह में सक्रिय हुए मजबूत मौसम सिस्टम से पूर्वी मध्यप्रदेश में बारिश की कमी काफी कम हुई।

इसके बावजूद प्रदेश में अब तक कुल बारिश सामान्य से करीब 6 प्रतिशत कम बनी हुई है।

चार दिन की बारिश से सुधर सकता है आंकड़ा

मध्यप्रदेश में मानसून सीजन के दौरान सामान्य बारिश करीब 37.3 इंच मानी जाती है। राजधानी भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में सामान्य मानसूनी बारिश लगभग 38 से 39 इंच के आसपास रहती है।

मौसम विभाग के अनुसार अगले चार दिनों में प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में होने वाली बारिश से बारिश के आंकड़े में और सुधार होने की उम्मीद है।

किसानों के लिए राहत, लेकिन नदी-नालों पर नजर जरूरी

लगातार बारिश से जहां किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है, वहीं भारी बारिश वाले जिलों में नदी-नालों और बांधों के जलस्तर पर नजर रखना जरूरी होगा। निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति भी बन सकती है।

मौसम विभाग के अलर्ट को देखते हुए भारी बारिश की संभावना वाले जिलों में प्रशासन और आम लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।

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