माखननगर में पराली नहीं जलाने के लिए गांव-गांव जागरूकता अभियान
माखननगर में धान की पराली जलाने से रोकने के लिए गांव-गांव दीवार लेखन के जरिए किसानों को जागरूक किया जा रहा है। अभियान का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण और प्रदूषण कम करना है।


माखननगर। धान की पराली जलाने से होने वाले वायु प्रदूषण को रोकने और पर्यावरण संरक्षण के प्रति किसानों को जागरूक करने के उद्देश्य से माखननगर क्षेत्र में गांव-गांव जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत ग्रामीण क्षेत्रों में दीवारों पर पराली नहीं जलाने से संबंधित स्लोगन लिखे जा रहे हैं, ताकि किसानों को पराली प्रबंधन के प्रति जागरूक किया जा सके।
अभियान के माध्यम से किसानों को समझाया जा रहा है कि धान की पराली जलाने से वातावरण प्रदूषित होता है तथा मिट्टी में मौजूद लाभकारी जीवों और उसकी उर्वरा शक्ति पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। पराली जलाने के बजाय उसका उचित प्रबंधन कर पर्यावरण संरक्षण में योगदान दिया जा सकता है।
गांवों में दीवार लेखन के माध्यम से “नरवाई न जलाये, पर्यावरण बचाये”, “पराली जलाना छोड़ें किसान, पर्यावरण का रखें ध्यान” और “पराली का करें उचित प्रबंधन, पर्यावरण का करें संरक्षण” जैसे स्लोगन लिखकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में जन-जागरूकता बढ़ाना और किसानों को पराली के सुरक्षित एवं उपयोगी प्रबंधन के लिए प्रेरित करना है। अभियान के जरिए संदेश दिया जा रहा है कि किसान पराली नहीं जलाकर वायु प्रदूषण को कम करने और खेतों की मिट्टी की सेहत बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
