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भोपाल · 23 मिनट पहले

मध्य प्रदेश में फिर सक्रिय हुआ मानसून: कई जिलों में तेज बारिश, बांधों के गेट खुले; 14 सितंबर को भारी बारिश का अलर्ट

मध्य प्रदेश में मानसून फिर सक्रिय हो गया है। कई जिलों में तेज बारिश, नदी-नाले उफने और बांधों के गेट खोले गए। 14 सितंबर को कई जिलों में भारी बारिश की संभावना।

दीपक शर्मा
दीपक शर्मा
Editor-in-Chief · 23 मिनट पहले
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मध्य प्रदेश में फिर सक्रिय हुआ मानसून: कई जिलों में तेज बारिश, बांधों के गेट खुले; 14 सितंबर को भारी बारिश का अलर्ट

भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। पश्चिमी हिस्से में बने मौसम तंत्र के प्रभाव से रविवार को प्रदेश के कई जिलों में तेज बारिश हुई। इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर संभाग के कई इलाकों में बारिश का दौर चला। बड़वानी में नदी-नाले और तालाब उफान पर आ गए, जबकि रतलाम, मुरैना, शाजापुर, झाबुआ, खरगोन और खंडवा में भी तेज बारिश दर्ज की गई।

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मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में निम्न दबाव क्षेत्र के साथ द्रोणिका सक्रिय है। इसके प्रभाव से पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बढ़ी हैं। खास बात यह है कि जिन इलाकों में पिछले दिनों बारिश की कमी बनी हुई थी, वहां भी अब बारिश का दौर पहुंच रहा है।

14 सितंबर को इन जिलों में भारी बारिश की संभावना

मौसम विभाग के अनुसार सोमवार, 14 सितंबर को उज्जैन, नीमच, मंदसौर, रतलाम, राजगढ़, गुना और श्योपुर में भारी बारिश होने की संभावना है।

इसके अलावा भोपाल, इंदौर, रायसेन, सीहोर, विदिशा, धार, झाबुआ, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, देवास, शाजापुर, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, ग्वालियर, शिवपुरी, मुरैना, भिंड, जबलपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी, रीवा, सतना, सागर, दमोह, छतरपुर और टीकमगढ़ समेत कई जिलों में हल्की से तेज बारिश हो सकती है।

नदी-नाले उफने, बांधों के गेट खोलने पड़े

रविवार को बड़वानी के सेंधवा क्षेत्र में रुक-रुककर तेज बारिश होती रही। बारिश के कारण कई नदी-नालों और तालाबों का जलस्तर बढ़ गया। रलावती का बड़ा तालाब ओवरफ्लो हो गया।

टीकमगढ़ में तेज बारिश के बाद बान सुजारा बांध के चार गेट खोलने पड़े। वहीं हरदा के वन क्षेत्र में लाखादेह की पहाड़ी नदी उफान पर रही।

शाजापुर के मक्सी, झाबुआ के पेटलावद, खरगोन के कसरावद, खंडवा, महू, ओंकारेश्वर और रतलाम में भी तेज बारिश दर्ज की गई। राजधानी भोपाल में बारिश के चलते जलाशयों में पानी की आवक बढ़ी। रविवार रात कलियासोत डैम के तीन गेट खोले गए।

15 सितंबर से बारिश की रफ्तार घटने के संकेत

मौसम विशेषज्ञ अरुण शर्मा के अनुसार 14 सितंबर को भी पश्चिमी मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश हो सकती है। निम्न दबाव क्षेत्र के राजस्थान और गुजरात की ओर बढ़ने के दौरान पश्चिमी जिलों में इसका प्रभाव बना रहने की संभावना है।

हालांकि, 15 सितंबर के बाद बारिश की तीव्रता और दायरा धीरे-धीरे कम होने के संकेत हैं। अगले सात दिनों के दौरान पश्चिमी मध्य प्रदेश में कहीं तेज तो कहीं हल्की बारिश का दौर जारी रह सकता है।

32 जिलों में अब भी बारिश की कमी

प्रदेश में बारिश के सक्रिय दौर के बावजूद 32 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश के जबलपुर, रीवा, सागर और शहडोल संभाग में पिछले सप्ताह की तुलना में स्थिति में सुधार हुआ है।

बालाघाट, छिंदवाड़ा, डिंडौरी, दमोह, जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, मंडला, रीवा, सागर और सिवनी में सामान्य से 2 से 25 प्रतिशत तक कम बारिश हुई है।

पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश की कमी अपेक्षाकृत ज्यादा है। आलीराजपुर, अशोकनगर, बैतूल, देवास, धार, हरदा, इंदौर, झाबुआ, खंडवा, मंदसौर, मुरैना, नर्मदापुरम, नीमच, बड़वानी, रायसेन, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा में सामान्य से 7 से 52 प्रतिशत तक कम बारिश दर्ज की गई है।

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23 जिलों में सामान्य से ज्यादा बारिश

प्रदेश के 23 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज हुई है। इनमें अनूपपुर, छतरपुर, मैहर, मऊगंज, निवाड़ी, पन्ना, सतना, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, आगर-मालवा, भिंड, भोपाल, बुरहानपुर, दतिया, गुना, ग्वालियर, खरगोन, राजगढ़, श्योपुर और शिवपुरी शामिल हैं।

जून की बारिश की कमी अब भी बरकरार

इस मानसून सीजन में जून के दौरान प्रदेश में सामान्य से करीब 14 प्रतिशत कम बारिश हुई थी। जुलाई में अच्छी बारिश के चलते यह कमी कुछ कम हुई, लेकिन मानसून के दो ब्रेक के कारण बारिश की गतिविधियां फिर कमजोर पड़ गईं।

अगस्त और सितंबर में सक्रिय हुए मौसम तंत्रों के कारण कई जिलों में अच्छी बारिश हुई है। इसके बावजूद जून की कमी पूरी तरह खत्म नहीं हो सकी है।

फिलहाल प्रदेश में सीजन की कुल बारिश सामान्य से करीब 6 प्रतिशत कम बताई जा रही है। मध्य प्रदेश में सामान्य मानसूनी बारिश करीब 37.3 इंच मानी जाती है, जबकि भोपाल, इंदौर, जबलपुर और ग्वालियर में सामान्य बारिश लगभग 38 से 39 इंच के आसपास रहती है।

पश्चिमी मध्य प्रदेश पर अभी मौसम की नजर

मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक अगले कुछ दिनों तक पश्चिमी मध्य प्रदेश में बारिश की गतिविधियां बनी रह सकती हैं। 14 सितंबर को कई जिलों में भारी बारिश की संभावना के बीच नदी-नालों और जलाशयों के आसपास रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है।

मानसून सिस्टम के आगे बढ़ने के साथ 15 सितंबर के बाद बारिश में धीरे-धीरे कमी आने की संभावना है, लेकिन अगले सप्ताह के दौरान प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का दौर जारी रह सकता है।

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