Parliament Monsoon Session: लोकसभा में आज पेश होंगे 4 अहम विधेयक, ‘केरलम’ नाम बदलने से लेकर ट्रिब्यूनल सुधार तक पर रहेगी नजर
लोकसभा में ट्रिब्यूनल सुधार, खान-खनिज संशोधन, केरल का नाम ‘केरलम’ करने और एनसीडीसी संशोधन विधेयक पेश होंगे। राज्यसभा में बैंकिंग और टैक्स कानूनों पर चर्चा होगी।


नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र में सोमवार को लोकसभा में सरकार चार महत्वपूर्ण विधेयक पेश करेगी। इन विधेयकों में ट्रिब्यूनल सुधार विधेयक, 2026, खान और खनिज (विकास और विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026, केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026 और राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026 शामिल हैं। इन विधेयकों को चर्चा और पारित कराने के लिए भी सूचीबद्ध किया गया है।
इनमें केरल के आधिकारिक नाम को बदलकर ‘केरलम’ करने से जुड़ा प्रस्ताव खास तौर पर महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके अलावा ट्रिब्यूनल व्यवस्था में सुधार और खनन क्षेत्र से जुड़े कानून में संशोधन से संबंधित विधेयकों पर भी सदन में चर्चा होगी।
ट्रिब्यूनल सुधार विधेयक, 2026 क्या है?
केंद्रीय कानून एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ट्रिब्यूनल सुधार विधेयक, 2026 पेश करेंगे। प्रस्तावित कानून का उद्देश्य विभिन्न न्यायाधिकरणों के अध्यक्षों और सदस्यों की नियुक्ति, योग्यता और सेवा शर्तों में एकरूपता और पारदर्शिता लाना है।
विधेयक में ‘राष्ट्रीय न्यायाधिकरण आयोग’ (National Tribunals Commission) के गठन का प्रस्ताव भी शामिल है। सरकार का उद्देश्य ट्रिब्यूनल व्यवस्था में प्रशासनिक दक्षता और स्वतंत्रता को मजबूत करना बताया गया है।
केरल का नाम ‘केरलम’ करने का प्रस्ताव
गृह मंत्री अमित शाह लोकसभा में केरल का आधिकारिक नाम बदलकर ‘केरलम’ किए जाने से संबंधित विधेयक पेश करने की अनुमति मांगेंगे।
नाम परिवर्तन का प्रस्ताव संसद में चर्चा का प्रमुख विषय बन सकता है। विधेयक पारित होने के बाद राज्य के आधिकारिक नाम में बदलाव की संवैधानिक प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
खान एवं खनिज कानून में संशोधन
केंद्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम, 1957 में संशोधन से संबंधित विधेयक पेश करेंगे।
इस संशोधन के जरिए खनन क्षेत्र से जुड़े मौजूदा कानूनी प्रावधानों में बदलाव प्रस्तावित हैं। विधेयक पर लोकसभा में चर्चा के दौरान खनिज संसाधनों, खनन व्यवस्था और नियामकीय ढांचे से जुड़े मुद्दे भी उठ सकते हैं।
एनसीडीसी अधिनियम में संशोधन
केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) अधिनियम, 1962 में संशोधन के लिए विधेयक पेश करेंगे।
इसका उद्देश्य राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम से संबंधित मौजूदा कानूनी प्रावधानों में आवश्यक बदलाव करना है। सहकारिता क्षेत्र से जुड़े इस विधेयक पर भी सदन में चर्चा होने की संभावना है।
कई मंत्री सदन में रखेंगे विभागीय दस्तावेज
लोकसभा की कार्यवाही के दौरान केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, जयंत चौधरी, पंकज चौधरी, कीर्ति वर्धन सिंह, सुकांत मजूमदार और तोखन साहू भी अपने-अपने मंत्रालयों से संबंधित दस्तावेज सदन के पटल पर रखेंगे।
राज्यसभा में बैंकिंग और टैक्स कानूनों पर चर्चा
वहीं, राज्यसभा में भी सोमवार को महत्वपूर्ण विधायी कार्य प्रस्तावित हैं। केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बैंकर्स बुक साक्ष्य विधेयक, 2026 को विचार और पारित कराने के लिए पेश करेंगी।
यह विधेयक बैंकिंग दस्तावेजों से संबंधित मौजूदा कानूनी व्यवस्था को आधुनिक डिजिटल बैंकिंग व्यवस्था के अनुरूप बनाने से जुड़ा है।
इसके अलावा उच्च सदन में कराधान और अन्य कानून (संशोधन) विधेयक, 2026 पर भी विचार किया जाएगा। इसके तहत भुगतान और निपटान प्रणाली अधिनियम, 2007 और आयकर कानून से संबंधित प्रावधानों में संशोधन प्रस्तावित हैं।
आज संसद में इन मुद्दों पर रहेगी नजर
सोमवार की कार्यवाही में एक तरफ लोकसभा में ‘केरलम’ नाम परिवर्तन और ट्रिब्यूनल सुधार जैसे महत्वपूर्ण प्रस्ताव चर्चा में रहेंगे, तो दूसरी ओर राज्यसभा में बैंकिंग और कराधान से जुड़े कानूनों पर बहस होगी। ऐसे में संसद की दोनों सदनों की कार्यवाही पर राजनीतिक और कानूनी दोनों नजरिए से खास निगाह रहेगी।