देनवा पोस्ट की खबर का असर: आंचलखेड़ा पंचायत में जांच के आदेश, तीन सदस्यीय टीम करेगी लाखों के भुगतान की पड़ताल
आंचलखेड़ा पंचायत में सफाई और अंत्येष्टि सहायता के नाम पर हुए कथित भुगतान को लेकर जांच शुरू। तीन सदस्यीय टीम पांच दिन में रिपोर्ट सौंपेगी।


माखननगर। ग्राम पंचायत आंचलखेड़ा में सफाई और अंत्येष्टि सहायता के नाम पर लाखों रुपये के कथित अनियमित भुगतान को लेकर देनवा पोस्ट की खबर का असर अब सामने आया है। मामले को गंभीरता से लेते हुए जनपद पंचायत माखननगर के मुख्य कार्यपालन अधिकारी ने तीन सदस्यीय जांच टीम का गठन कर दिया है।
जांच टीम बुधवार, 12 अगस्त 2026 को ग्राम पंचायत आंचलखेड़ा पहुंचकर मौके पर जांच करेगी। टीम को पूरे मामले की जांच कर पांच दिन के भीतर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
अब खुलेगी भुगतान की परत-दर-परत जांच
देनवा पोस्ट ने अपनी खबर में पंचायत के वर्ष 2025-26 और 2026-27 के दौरान सफाई एवं अंत्येष्टि सहायता के नाम पर हुए भुगतानों को लेकर गंभीर सवाल उठाए थे। खबर में पंचायत के सरकारी रिकॉर्ड के आधार पर यह मुद्दा उठाया गया था कि बड़ी मात्रा में राशि कथित तौर पर कुछ चुनिंदा खातों में ही स्थानांतरित हुई।
अब जांच टीम यह पड़ताल करेगी कि संबंधित भुगतान वास्तव में किस कार्य के लिए किए गए, कार्य स्थल पर हुआ या नहीं, भुगतान के लिए कौन-कौन से दस्तावेज लगाए गए और संबंधित हितग्राहियों अथवा मजदूरों को वास्तविक रूप से कितनी राशि प्राप्त हुई।
इसके साथ ही मस्टर रोल, बिल-वाउचर, भुगतान संबंधी अभिलेख, बैंक ट्रांजेक्शन, पंचायत प्रस्ताव और अन्य संबंधित दस्तावेजों की भी जांच किए जाने की संभावना है।
अंत्येष्टि सहायता के 31 प्रकरण भी जांच के घेरे में
मामले का एक महत्वपूर्ण पहलू अंत्येष्टि सहायता से जुड़े प्रकरण भी हैं। खबर में पंचायत क्षेत्र में दर्ज मौतों और अंत्येष्टि सहायता के लिए बनाए गए प्रकरणों के बीच अंतर को लेकर सवाल उठाए गए थे।
जांच टीम यह भी देखेगी कि पात्र परिवारों के कितने प्रकरण बनाए गए, कितने स्वीकृत हुए, कितने परिवारों को सहायता राशि मिली और यदि किसी पात्र परिवार का प्रकरण लंबित रहा तो उसका कारण क्या था।
सफाई के नाम पर लाखों के भुगतान की भी होगी पड़ताल
पंचायत में सफाई व्यवस्था के नाम पर हुए भुगतानों को लेकर भी सवाल उठे हैं। अब जांच का सबसे महत्वपूर्ण बिंदु यही रहेगा कि सफाई कार्य में वास्तव में कितने मजदूर लगाए गए, उन्होंने कितने दिन काम किया और उसके अनुपात में कितनी राशि का भुगतान किया गया।
यदि रिकॉर्ड में दर्ज भुगतान और मौके पर किए गए कार्य में अंतर पाया जाता है, तो जांच रिपोर्ट में इसकी स्पष्ट जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
12 अगस्त को गांव पहुंचेगी टीम
तीन सदस्यीय जांच टीम बुधवार को आंचलखेड़ा पहुंचकर संबंधित रिकॉर्ड और मौके की स्थिति का परीक्षण करेगी। इसके बाद टीम को पांच दिनों के भीतर जांच रिपोर्ट जनपद पंचायत को सौंपनी है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जांच में क्या सामने आता है—क्या पंचायत के भुगतान नियमों और वास्तविक कार्य के अनुरूप पाए जाते हैं या फिर रिकॉर्ड में दर्ज लाखों रुपये के भुगतान की कहानी में कुछ और ही परतें छिपी हैं?
फिलहाल निगाहें जांच टीम की रिपोर्ट पर टिकी हैं। रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि आंचलखेड़ा पंचायत में हुई वित्तीय गतिविधियों में सिर्फ प्रक्रियागत लापरवाही थी या वास्तव में गंभीर वित्तीय अनियमितता।
देनवा पोस्ट की खबर के बाद प्रशासन द्वारा जांच शुरू किया जाना अपने आप में इस मामले की गंभीरता को दर्शाता है। अब जांच रिपोर्ट बताएगी कि पंचायत में सरकारी राशि के उपयोग की वास्तविक तस्वीर क्या है।

