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भोपाल · 9 मिनट पहले

भोपाल में दर्दनाक हादसा: स्ट्रीट लाइट के खंभे में दौड़ रहा था करंट, भाजपा युवा मोर्चा नेता की मौत

भोपाल के एमपी नगर में स्ट्रीट लाइट के खंभे में करंट आने से भाजपा युवा मोर्चा जिला महामंत्री दिव्यऋषि तिवारी की मौत हो गई। पत्नी भी करंट की चपेट में आईं।

अशोक शर्मा
अशोक शर्मा
Sub Editor · 9 मिनट पहले
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भोपाल में दर्दनाक हादसा: स्ट्रीट लाइट के खंभे में दौड़ रहा था करंट, भाजपा युवा मोर्चा नेता की मौत

भोपाल। राजधानी भोपाल के एमपी नगर इलाके में रविवार रात एक दर्दनाक हादसे में भाजपा युवा मोर्चा के जिला महामंत्री दिव्यऋषि तिवारी की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि वह परिवार के साथ डीबी मॉल में खरीदारी करने पहुंचे थे। खरीदारी के बाद परिवार के साथ सड़क पार करते समय उन्होंने सहारे के लिए स्ट्रीट लाइट के खंभे को पकड़ लिया। इसी दौरान कथित तौर पर खंभे में दौड़ रहे करंट की चपेट में आने से वह मौके पर गिर पड़े।

हादसे के दौरान उनकी पत्नी भी बिजली के संपर्क में आ गईं, लेकिन उन्होंने किसी तरह खुद को खंभे से अलग कर लिया। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। शुरुआती जानकारी में स्ट्रीट लाइट के खंभे से एक तार निकला हुआ मिला, जिसे पुलिस ने बाद में अलग करवाया।

सड़क पार करते समय खंभे को पकड़ा

प्रत्यक्ष जानकारी के मुताबिक, दिव्यऋषि तिवारी अपने परिवार के साथ डीबी मॉल में खरीदारी करने गए थे। परिवार ने अपना वाहन सड़क के दूसरी तरफ खड़ा किया था। खरीदारी के बाद सभी लोग वापस वाहन की ओर जाने के लिए सड़क पार कर रहे थे।

इसी दौरान दिव्यऋषि ने सड़क किनारे लगे स्ट्रीट लाइट के खंभे को सहारे के लिए पकड़ लिया। बताया जा रहा है कि खंभे में करंट प्रवाहित हो रहा था। खंभा पकड़ते ही उन्हें बिजली का तेज झटका लगा और वह वहीं गिर पड़े।

घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने मदद के लिए दौड़ लगाई। शुरुआती निरीक्षण में खंभे से एक तार निकला हुआ भी दिखाई दिया। पुलिस ने तत्काल उस तार को अलग करवाया ताकि कोई दूसरा व्यक्ति इसकी चपेट में न आए।

पुलिस ने मौके पर किया CPR

हादसे की सूचना मिलते ही ट्रैफिक पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। ट्रैफिक हेड कांस्टेबल जगदीश दांगी के मुताबिक, पुलिसकर्मियों ने दिव्यऋषि को मौके पर ही CPR देने की कोशिश की।

इसके बाद उन्हें तत्काल नर्मदा अस्पताल ले जाया गया। उनकी हालत गंभीर होने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें आगे के उपचार के लिए AIIMS भोपाल ले जाने की सलाह दी।

पुलिसकर्मी उन्हें लेकर AIIMS पहुंचे, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद दिव्यऋषि तिवारी को मृत घोषित कर दिया।

पत्नी भी आईं करंट की चपेट में

हादसे के समय दिव्यऋषि की पत्नी भी उनके साथ थीं। बताया जा रहा है कि खंभे के संपर्क में आने के दौरान वह भी बिजली की चपेट में आ गईं। हालांकि उन्होंने समय रहते खुद को खंभे से अलग कर लिया।

अचानक हुए इस हादसे से परिवार के सामने ही चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल बन गया। घटना के बाद आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई।

खंभा किस विभाग के अधीन, जांच में जुटी पुलिस

पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जानकारी में स्ट्रीट लाइट के खंभे के मेट्रो या पीडब्ल्यूडी से जुड़े होने की बात सामने आई है। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं है कि खंभा वास्तव में किस विभाग या एजेंसी के अधीन है।

पुलिस अब खंभे के स्वामित्व, बिजली कनेक्शन और वहां से निकले तार समेत सभी पहलुओं की जांच कर रही है। यह भी पता लगाया जा रहा है कि स्ट्रीट लाइट के खंभे में करंट कैसे पहुंचा और तार खुले में किस स्थिति में था।

हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

घटना ने राजधानी में सड़क किनारे लगे स्ट्रीट लाइट के खंभों और बिजली के तारों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यदि शुरुआती जानकारी के मुताबिक खंभे से तार निकला हुआ था और उसमें करंट प्रवाहित हो रहा था, तो वहां सुरक्षा व्यवस्था की स्थिति की जांच जरूरी हो जाती है।

परिजनों की ओर से हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई है। हालांकि फिलहाल पुलिस ने किसी विभाग या व्यक्ति की जिम्मेदारी तय नहीं की है।

पुलिस घटनास्थल की स्थिति, खंभे की तकनीकी व्यवस्था, बिजली आपूर्ति और खुले तार की स्थिति की जांच कर रही है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि खंभे में करंट कैसे पहुंचा और हादसे के लिए जिम्मेदार कौन था।

दिव्यऋषि तिवारी की मौत की खबर सामने आने के बाद राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में भी शोक का माहौल है। परिवार के लिए सबसे बड़ा सवाल अब यही है कि एक सामान्य सड़क किनारे खड़े स्ट्रीट लाइट के खंभे में घातक करंट कैसे पहुंचा और समय रहते इसकी जानकारी संबंधित विभाग को क्यों नहीं हुई।

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