MP News: अमृत मिशन में देरी पर सख्ती, भोपाल समेत 4 शहरों की 5 कंपनियां ब्लैकलिस्ट
मध्य प्रदेश में अमृत मिशन की सीवरेज परियोजनाओं में देरी पर नगरीय प्रशासन विभाग ने भोपाल, देवास, सतना और पीथमपुर की 5 निर्माण कंपनियों को ब्लैकलिस्ट किया।


भोपाल। मध्य प्रदेश में अमृत मिशन की परियोजनाओं में लापरवाही और निर्धारित समय के अनुसार काम नहीं करने वाले ठेकेदारों पर नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। विभाग ने भोपाल, देवास, सतना और पीथमपुर की सीवरेज परियोजनाओं में संतोषजनक प्रगति नहीं मिलने पर पांच निर्माण कंपनियों को ब्लैकलिस्ट कर दिया है।
यह निर्णय नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त संकेत भोंडवे की अध्यक्षता में गुरुवार को हुई बैठक में परियोजनाओं की समीक्षा के बाद लिया गया। बैठक में संबंधित नगरीय निकायों और ठेकेदार कंपनियों का पक्ष सुना गया। इसके बाद काम की प्रगति और अनुबंध की शर्तों की समीक्षा करते हुए कार्रवाई का फैसला किया गया।
भोपाल की दो परियोजनाओं पर कार्रवाई
विभाग के अनुसार, भोपाल की अमृत 2.0 सीवरेज परियोजना में दो अलग-अलग पैकेजों के काम में संतोषजनक प्रगति नहीं मिलने पर कार्रवाई की गई है।
पैकेज-2: मेसर्स जयवरूदी इंफ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड
पैकेज-3: मेसर्स एल.सी. इंफ्रा प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड
दोनों कंपनियों को ब्लैकलिस्ट करने का निर्णय लिया गया है।
देवास, सतना और पीथमपुर की कंपनियां भी ब्लैकलिस्ट
भोपाल के अलावा तीन अन्य शहरों की सीवरेज परियोजनाओं में भी काम की धीमी गति और अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर कार्रवाई की गई।
देवास की सीवरेज परियोजना में मेसर्स दिनेशचंद्र आर. अग्रवाल इंफ्राकॉन प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
वहीं सतना की अमृत 1.0 परियोजना में मेसर्स इनविराड प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड और पीथमपुर की अमृत 2.0 परियोजना में मेसर्स आर. एंड बी. इंफ्रा प्रोजेक्ट लिमिटेड को ब्लैकलिस्ट किया गया है।
आयुक्त ने कहा- लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी
नगरीय प्रशासन एवं विकास आयुक्त संकेत भोंडवे ने कहा कि अमृत मिशन की परियोजनाएं सीधे आम नागरिकों से जुड़ी हुई हैं। इसलिए इन परियोजनाओं में देरी और लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा।
उन्होंने स्पष्ट किया कि काम में अनावश्यक देरी, अनुबंध की शर्तों का पालन नहीं करना और निर्धारित समय के अनुसार प्रगति नहीं होना स्वीकार नहीं किया जाएगा।
ब्लैकलिस्ट अवधि में नई निविदाओं में हिस्सा नहीं ले सकेंगी कंपनियां
विभाग के अनुसार, ब्लैकलिस्ट की अवधि के दौरान संबंधित कंपनियां नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग और उसके अधीन आने वाले नगरीय निकायों की नई निविदाओं और बोलियों में हिस्सा नहीं ले सकेंगी।
इस कार्रवाई का उद्देश्य निर्माण एजेंसियों को परियोजनाओं की समयसीमा और अनुबंध की शर्तों के प्रति जवाबदेह बनाना है।
अधूरे काम को नियमानुसार पूरा कराने के निर्देश
कार्रवाई के साथ ही संबंधित नगरीय निकायों को अधूरे काम को बिना किसी बाधा के नियमानुसार पूरा कराने के निर्देश दिए गए हैं।
आयुक्त संकेत भोंडवे ने कहा कि जनहित से जुड़ी परियोजनाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही और अनावश्यक देरी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को परियोजनाओं की नियमित समीक्षा करने के निर्देश भी दिए हैं।
आगे भी होगी समीक्षा, जरूरत पर सख्त कार्रवाई
विभाग ने संकेत दिए हैं कि अमृत मिशन की परियोजनाओं की प्रगति पर आगे भी नियमित नजर रखी जाएगी। यदि किसी अन्य परियोजना में भी निर्धारित मानकों के अनुसार काम नहीं हुआ या अनावश्यक देरी सामने आई, तो संबंधित एजेंसी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।
इस कार्रवाई से साफ है कि नगरीय प्रशासन विभाग अब अमृत मिशन की परियोजनाओं में समयसीमा और कार्य गुणवत्ता को लेकर ठेकेदार कंपनियों पर सख्ती बरतने के मूड में है।
