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भोपाल · 46 मिनट पहले

MP Weather Update: मानसून की विदाई के बाद फिर बदलेगा मौसम, 14 जिलों में बारिश का अलर्ट; 20 अक्टूबर से बढ़ेगी ठंड

मध्य प्रदेश में अगले चार दिन आंधी-बारिश का असर रहने का अनुमान, ग्वालियर-चंबल समेत उज्जैन, सागर और रीवा संभाग के कई इलाकों में बदलेगा मौसम

दीपक शर्मा
दीपक शर्मा
Editor-in-Chief · 46 मिनट पहले
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MP Weather Update: मानसून की विदाई के बाद फिर बदलेगा मौसम, 14 जिलों में बारिश का अलर्ट; 20 अक्टूबर से बढ़ेगी ठंड

भोपाल। मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई के बाद भी बादलों की आवाजाही जारी है। दिन में तेज धूप और रात में ठंडक के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में एक बार फिर बारिश और आंधी का दौर देखने को मिल सकता है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले चार दिनों तक प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में मौसम का मिजाज बदला रहेगा। शुक्रवार, 17 अक्टूबर को ग्वालियर, श्योपुर, भिंड, मुरैना और शिवपुरी समेत कई जिलों में बारिश की संभावना है। इसके बाद 18 और 19 अक्टूबर को भी कई क्षेत्रों में मौसमी गतिविधियां जारी रह सकती हैं।

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मौसम में बदलाव की मुख्य वजह प्रदेश के उत्तरी हिस्से में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवाती परिसंचरण और मध्य प्रदेश से गुजर रही ट्रफ लाइन बताई जा रही है। इन मौसमी प्रणालियों के प्रभाव से बारिश के अनुकूल परिस्थितियां बन रही हैं। वहीं, रात के तापमान में गिरावट के चलते प्रदेश में ठंड का असर भी धीरे-धीरे बढ़ने लगा है।

MP Weather: 14 जिलों में बारिश की संभावना

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 17 अक्टूबर को प्रदेश के 14 जिलों में बारिश हो सकती है। इनमें ग्वालियर, भिंड, मुरैना, दतिया, श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, आगर-मालवा, राजगढ़, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर और पन्ना शामिल हैं।

शनिवार से बारिश का दायरा बढ़ने की संभावना है। ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के अलावा उज्जैन, सागर और रीवा संभाग के कुछ जिलों में भी मौसम प्रभावित हो सकता है। इस दौरान कहीं हल्की बारिश तो कहीं गरज-चमक और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है।

मानसून की विदाई के बाद क्यों हो रही बारिश?

मध्य प्रदेश से मानसून की विदाई 3 अक्टूबर को हो गई थी। वहीं, 15 अक्टूबर तक देश से मानसून की वापसी की प्रक्रिया भी पूरी हो गई। इसके बावजूद प्रदेश में बारिश का सिलसिला जारी है। इसकी वजह मानसून नहीं, बल्कि पश्चिमी विक्षोभ, चक्रवाती परिसंचरण और ट्रफ जैसी मौसमी प्रणालियां हैं।

गुरुवार को भी नीमच, मंदसौर, ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड और शिवपुरी में कहीं हल्की बारिश हुई, तो कहीं बादल छाने और तेज हवाएं चलने से मौसम बदला रहा।

मौसम विशेषज्ञ अरुण शर्मा के अनुसार, अक्टूबर में गर्मी, बारिश और ठंड तीनों का असर देखने को मिलता है। पिछले दस वर्षों के आंकड़ों में भी इस तरह का मौसमी रुझान सामने आया है। इस बार भी महीने की शुरुआत में तेज धूप और साफ आसमान के बाद कई जिलों में बारिश दर्ज की गई है। इस साल प्रदेश में दक्षिण-पश्चिम मानसून करीब 100 दिन सक्रिय रहा।

अमरकंटक में सबसे कम तापमान, भोपाल में भी बढ़ी ठंडक

बारिश के बीच प्रदेश में रात का तापमान गिरने लगा है। अनूपपुर जिले के अमरकंटक में न्यूनतम तापमान 15.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो प्रदेश में सबसे कम रहा।

प्रमुख शहरों और क्षेत्रों में न्यूनतम तापमान इस प्रकार रहा:

अमरकंटक: 15.8 डिग्री सेल्सियस

शाजापुर: 17.4 डिग्री सेल्सियस

भोपाल: 17.6 डिग्री सेल्सियस

इंदौर: 17.8 डिग्री सेल्सियस

मलाजखंड, बालाघाट: 17.8 डिग्री सेल्सियस

रायसेन और छिंदवाड़ा: 18 डिग्री सेल्सियस

मौसम विभाग के अनुमान के अनुसार, 20 अक्टूबर के बाद रात के तापमान में और गिरावट आ सकती है। ऐसे में सुबह और रात के समय ठंडक बढ़ने की संभावना है। हालांकि, दिन में धूप निकलने के कारण तापमान में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

सामान्य से करीब 1.5 इंच कम हुई मानसूनी बारिश

इस साल मध्य प्रदेश में मानसून के दौरान कुल बारिश सामान्य औसत से कम दर्ज की गई। जून से सितंबर के बीच प्रदेश में 908.4 मिलीमीटर यानी करीब 35.8 इंच बारिश हुई, जबकि सामान्य औसत 949.5 मिलीमीटर यानी लगभग 37.3 इंच है। इस तरह मानसून सीजन में करीब 41.1 मिलीमीटर यानी 1.6 इंच कम बारिश दर्ज की गई।

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पूर्वी मध्य प्रदेश में सामान्य से 4 प्रतिशत अधिक बारिश हुई, जबकि पश्चिमी मध्य प्रदेश में 12 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई। जून में सामान्य से 14 प्रतिशत कम बारिश होने के कारण सीजन की शुरुआत में ही बारिश का आंकड़ा पिछड़ गया था।

जुलाई की शुरुआत में अच्छी बारिश से स्थिति में सुधार हुआ, लेकिन मानसून के दौरान दो बार लंबे अंतराल आने से बारिश की रफ्तार प्रभावित हुई। जुलाई, अगस्त और सितंबर में बारिश का आंकड़ा बेहतर होने के बावजूद जून की कमी पूरी तरह दूर नहीं हो सकी।

25 जिलों में बारिश का कोटा पूरा, 30 में कमी

मानसून सीजन के आंकड़ों के मुताबिक, मध्य प्रदेश के 25 जिलों में सामान्य बारिश का कोटा पूरा हो गया। इनमें भोपाल, राजगढ़, बुरहानपुर, खरगोन, कटनी, मंडला, डिंडौरी, ग्वालियर, गुना, दतिया, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़, निवाड़ी, मैहर, आगर-मालवा, भिंड, श्योपुर, सिंगरौली, सीधी, सतना, मऊगंज, शहडोल, उमरिया और अनूपपुर शामिल हैं।

दूसरी ओर, प्रदेश के 30 जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई। पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में बारिश की कमी अधिक रही। आलीराजपुर, बड़वानी, धार, झाबुआ, इंदौर, देवास, हरदा, बैतूल, खंडवा, मंदसौर, नीमच, रतलाम, सीहोर, शाजापुर, उज्जैन और विदिशा समेत कई जिलों में बारिश का आंकड़ा सामान्य से नीचे रहा।

अगले चार दिन कैसा रहेगा मौसम?

मानसून की विदाई के बाद सक्रिय हुई मौसमी प्रणालियों के कारण अगले कुछ दिनों तक प्रदेश के कई हिस्सों में बादल, बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिल सकता है। खासकर ग्वालियर-चंबल क्षेत्र के साथ उज्जैन, सागर और रीवा संभाग के कुछ जिलों में मौसम बदलने की संभावना है।

वहीं, 20 अक्टूबर के बाद रात के तापमान में और गिरावट आने का अनुमान है। ऐसे में प्रदेश में एक ओर बारिश का दौर जारी रह सकता है, तो दूसरी ओर सुबह और रात के समय ठंडक भी बढ़ेगी। लोगों को मौसम के ताजा पूर्वानुमान पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।

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